Tag - आचार्य श्री वर्धमान सागर जी महाराज

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आहार दान देने से भव्य जीव तीर्थंकर श्री शांतिनाथ बने : आचार्य श्री वर्धमान सागर जी ने प्रातः दान का महत्व और व्यसन के दुष्परिणामों को बताया

आर्यिका श्री सुपार्श्वमति जी की समाधि स्थली श्री चन्द्रप्रभ जिनालय में आचार्य श्री वर्धमान सागर जी चंद्रप्रभ जिनालय में 36 साधु सहित ग्रीष्म कालीन वाचना हेतु...

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श्रावक-श्राविकाओं को प्रतिदिन छह आवश्यक कर्म करना जरूरी : आचार्य श्री वर्धमान सागर जी ने श्रावक के षट् आवश्यक कर्त्तव्य का किया विवेचन 

गणिनी आर्यिका श्री सुपार्श्वमति जी की समाधि स्थली श्री चंद्रप्रभ जिनालय में आचार्य श्री वर्धमान सागर जी 36 साधु सहित ग्रीष्म कालीन वाचना कर रहे हैं। उन्होंने...

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मनुष्य जीवन में धार्मिक कार्य श्री जी के दर्शन से पुण्य अर्जित करें : आचार्य श्री वर्धमान सागर जी ने धर्मसभा में दी मंगल देशना

गणिनी आर्यिका श्री सुपार्श्वमति जी की समाधि स्थली श्री चन्द्रप्रभ जिनालय में आचार्य श्री वर्धमान सागर जी चंद्रप्रभ जिनालय में 36 साधु सहित ग्रीष्मकालीन वाचना...

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धार्मिक शिविर से जीवन में धर्म संस्कार का होता है ज्ञान प्राप्त : सभी विषयों के सफल प्रतिभागियों के नाम की घोषणा की

धर्म संवर्धन संस्कृति शिविर में सभी उम्र के भक्तों द्वारा भाग लेना धर्म के प्रति रुझान दर्शाता है।धार्मिक शिविर में धर्म का कैसे संवर्धन हो,संस्कृति और संस्कार...

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तीर्थंकरों के वर्णों का वर्णन सुन भावविभोर हुए भक्त : आचार्य श्री वर्धमान सागर जी ने बताया तीर्थंकर 24 ही क्यों? 

30 मई तक धर्म संवर्धन संस्कृति शिविर लगाया गया है। इसमें आचार्य श्री वर्धमान सागर जी, मुनि श्री हितेंद्र सागर जी, श्री प्रभव सागर जी, श्री मुमुक्षु सागर जी...

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धर्म संवर्धन संस्कृति शिविर में बच्चों ने सीखे संस्कार: 30 मई को होगा संस्कृति शिविर का समापन 

पट्टाधीश आचार्य श्री वर्धमान सागर जी चंद्रप्रभ जिनालय चंद्रपुरी बड़ के बालाजी में 36 साधुओं सहित ग्रीष्मकालीन वाचना के लिए विराजित हैं। श्रावक-श्राविकाओं की...

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विनय, जिनवाणी स्वाध्याय मोक्ष का द्वार: आचार्य श्री वर्धमान सागर जी बोले-परमेष्ठी के चरण के साथ आचरण भी अपनाएं 

चंद्रपुरी, बड़ के बालाजी की पाठशाला में मंगलवार को आचार्य श्री वर्धमानसागर जी ने उपाध्याय और साधु परमेष्ठी के मूलगुणों की व्याख्या की। इसमें जिनवाणी के 11 अंग...

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चातुर्मास के लिए आचार्य श्री के चरणों में किया निवेदन : चन्द्र प्रभ जिनालय प्रबंध समिति बड़ के बालाजी के पदाधिकारी ने लिया आशीर्वाद

चन्द्र प्रभ जिनालय प्रबंध समिति बड़ के बालाजी ने वर्ष 2026 के चातुर्मास के लिए आचार्य श्री वर्धमान सागर जी को श्रीफल भेंट किया है। आचार्य श्री शशांक सागर जी...

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अरिहंत, सिद्ध आचार्य परमेष्ठी के गुणों का वर्णन : अरिहंत भगवान 46 गुण, सिद्ध भगवान 8 गुण और आचार्य परमेष्ठि होते हैं 36 मूलगुण धारी 

बड़ के बालाजी श्री चंद्र प्रभ जिनालय में विराजित आचार्य श्री वर्धमान सागर जी ने धर्म उपदेश पाठशाला में अरिहंत, सिद्ध आचार्य परमेष्ठी के गुणों का वर्णन किया।...

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आत्म कल्याण के लिए धर्म को जीवन में धारण करें :  आचार्य श्री वर्धमान सागर जी ने धर्मसभा में सत्कर्म के लिए किया प्रेरित

आचार्य श्री वर्धमान सागर जी ने शनिवार चंद्रपुरी, बड़ के बालाजी की पाठशाला में बताया कि मनुष्य जीवन केवल खाने-पीने और सुख भोगने के लिए नहीं, बल्कि आत्मा को...

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