शहर से समाचार खोजेंFind news by city

समाचारNews

और देखेंSee more

आगरा में ‘Wonderful Jainism’ के दूसरे सत्र में युवाओं ने कहा—Proud to be a Jain : मुनिश्री समत्व सागर के प्रेरक उद्बोधन से गूंजा सभागार

आगरा के निर्मल सेवा सदन, छीपीटोला में ‘Wonderful Jainism’ के दूसरे विशेष सत्र ‘माइंडफुलनेस’ में मुनिश्री 108 समत्व सागर महाराज ने युवाओं को जैन दर्शन, सजगता और आत्मविकास की प्रेरणा दी। प्रवचन के बाद युवाओं ने उत्साह से ‘Proud to be a Jain’ का उद्घोष किया। पढ़िए श्रीफल साथी राहुल जैन की यह रिपोर्ट।

इंदौर Shreephal Jain News 2/8/2026, 8:50:57 pm

29वें विरागमय पावन वर्षायोग का शुभारंभ : श्रद्धा और भक्ति के साथ संपन्न हुआ कलश स्थापना महोत्सव

धर्मनगरी परतापुर में गणिनी आर्यिका 105 विशिष्ट श्री माताजी ससंघ के 29वें विरागमय पावन वर्षायोग का शुभारंभ श्रद्धा और भक्ति के साथ हुआ। कलश स्थापना महोत्सव में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। अभिषेक, शांतिधारा, पूजा, अर्घ्य समर्पण और पुण्यार्जन के साथ धर्म, संयम व आत्मकल्याण का संदेश दिया गया। पढ़िए श्रीफल साथी राहुल जैन की यह रिपोर्ट।

इंदौर Shreephal Jain News 2/8/2026, 8:48:42 pm

भोपाल में आचार्य समय सागर जी के चातुर्मास में पहुंचे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव : पादप्रक्षालन कर लिया आशीर्वाद, विधानसभा में प्रवचन का दिया आमंत्रण

भोपाल के विद्योदय तीर्थ में आचार्य श्री 108 समय सागर जी महाराज के चातुर्मास-2026 एवं वर्षायोग कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पहुंचे। उन्होंने आचार्यश्री का पादप्रक्षालन कर आशीर्वाद लिया और विधानसभा में धर्म, नैतिकता एवं जीवन मूल्यों पर प्रवचन के लिए आमंत्रित करने की घोषणा की। पढ़िए श्रीफल साथी की यह रिपोर्ट।

इंदौर Shreephal Jain News 2/8/2026, 7:59:03 pm

स्वाध्याय युक्तता से लाभ : आचार्य श्री कनक नंदीजी ने बताया स्वाध्याय को परम तप का स्वरूप

सागवाड़ा से अंतरराष्ट्रीय वेबीनार में आचार्य श्री कनक नंदीजी गुरुदेव ने स्वाध्याय की महत्ता बताते हुए कहा कि विनयपूर्वक स्वाध्याय इंद्रियों और मन-वचन-काय के व्यापार को रोककर एकाग्रता एवं ध्यान की स्थिति उत्पन्न करता है। उन्होंने स्वाध्याय को परम तप बताते हुए निरंतर इसकी भावना करने की प्रेरणा दी। पढ़िए श्रीफल साथी अजीत कोठिया डडूका की यह रिपोर्ट।

इंदौर Shreephal Jain News 2/8/2026, 7:56:36 pm

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पहुंचे वर्षायोग कलश स्थापना महोत्सव में : आचार्य श्री समय सागर महाराज का पाद प्रक्षालन कर श्रीफल भेंट किया

वर्षायोग कलश स्थापना महोत्सव में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आचार्य श्री समय सागर महाराज के चरणों का पाद प्रक्षालन कर श्रीफल भेंट किया और आशीर्वाद प्राप्त किया। मुख्यमंत्री ने भोपाल में चातुर्मास हेतु निवेदन किया तथा आचार्यश्री ने अहिंसा, सेवा और समाज कल्याण का संदेश दिया। पढ़िए श्रीफल साथी राजेश जैन दद्दू की यह रिपोर्ट।

इंदौर Shreephal Jain News 2/8/2026, 7:51:37 pm

मित्रता : मनुष्य की सबसे बड़ी पूंजी : विश्वास, आत्मीयता और त्याग से मजबूत होते हैं जीवन के रिश्ते

डिजिटल युग में संवाद के साधन बढ़ने के बावजूद सच्ची आत्मीयता और विश्वासपूर्ण मित्रता दुर्लभ होती जा रही है। मित्रता दिवस हमें स्वार्थ से ऊपर उठकर विश्वास, त्याग, सहयोग और संवेदना के रिश्ते मजबूत करने की प्रेरणा देता है। पढ़िए श्रीफल साथी डॉ. जयेन्द्र जैन ‘निप्पू चन्देरी’ की यह रिपोर्ट।

इंदौर Shreephal Jain News 2/8/2026, 5:25:44 pm

जैन तीर्थक्षेत्रों के दर्शन हेतु छत्तीसगढ़–महाराष्ट्र यात्रा रवाना : कुचामन सिटी से 15 श्रावक-श्राविकाओं का छह दिवसीय तीर्थयात्रा दल निकला

कुचामन सिटी से 15 श्रावक-श्राविकाओं का छह दिवसीय जैन तीर्थयात्रा दल छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र एवं मध्यप्रदेश के प्रमुख तीर्थों के दर्शन के लिए रवाना हुआ। श्रद्धालु विभिन्न तीर्थों पर अभिषेक, शांतिधारा, पूजन एवं विधान कर विश्वशांति, अहिंसा और जीव कल्याण की मंगलकामना करेंगे। पढ़िए श्रीफल साथी सुभाष पहाड़िया की यह रिपोर्ट।

इंदौर Shreephal Jain News 2/8/2026, 5:21:00 pm

कोलकाता के बंगबासी में गूंजा धर्म जागृति संस्थान (राजस्थान प्रान्त) का आह्वान : जैन धर्म, संस्कार और पहचान को मजबूत बनाने का लिया संकल्प

बंगबासी में आचार्य श्री 108 वसुनंदी महामुनिराज के 39वें वर्षायोग कलश स्थापना महोत्सव में धर्म जागृति संस्थान राजस्थान प्रान्त ने जैन धर्म, संस्कार, संगठन और पहचान को सशक्त बनाने का आह्वान किया। देशभर से आए श्रद्धालुओं ने धर्म रक्षा और सामाजिक एकता का सामूहिक संकल्प लिया। पढ़िए श्रीफल साथी की यह रिपोर्ट।

इंदौर Shreephal Jain News 2/8/2026, 5:18:49 pm

उपशीर्षक : धन जीवन की आवश्यकताओं का साधन, धर्म आत्मकल्याण का आधार; मुनिश्री उपशांत सागर महाराज ने बताया ध्यान का महत्व

मुरैना में धर्मसभा को संबोधित करते हुए आचार्यश्री उदारसागर महाराज ने धन से अधिक धर्म को जीवन का आधार बनाने का संदेश दिया। मुनिश्री उपशांत सागर महाराज ने आर्त-रौद्र ध्यान का त्याग कर धर्म एवं शुक्ल ध्यान की साधना पर जोर दिया। पढ़िए श्रीफल साथी मनोज जैन नायक की यह रिपोर्ट।

इंदौर Shreephal Jain News 2/8/2026, 5:16:14 pm

गुरु पूर्णिमा पर उमंग महिला परिषद ने 150 विद्यार्थियों का किया निःशुल्क दंत परीक्षण : स्वास्थ्य जागरूकता के साथ विद्यार्थियों को बांटी उपयोगी सामग्री

गुरु पूर्णिमा के अवसर पर इंदौर में उमंग महिला परिषद ने सेवा और स्वास्थ्य जागरूकता का आयोजन किया। शासकीय महाविद्यालय, रविंद्र नगर में करीब 150 विद्यार्थियों का निःशुल्क दंत परीक्षण किया गया। साथ ही स्वच्छता सामग्री, पुस्तकें, कॉपियां और अन्य उपयोगी सामग्री वितरित की गई। पढ़िए श्रीफल साथी की यह रिपोर्ट।

इंदौर Shreephal Jain News 2/8/2026, 11:32:26 am

श्रीफल ओरिजिनल

और देखेंSee more

श्रुत पंचमी जिनवाणी का अनंत आलोक और श्रुत-परंपरा का अक्षय महोत्सव : ज्ञान की अविरल गंगा, आचार्यों की अमर साधना और आत्मजागरण का महापर्व

जब संसार का समस्त वैभव काल की धूल में विलीन हो जाता है, जब राजसत्ताएँ, साम्राज्य और सभ्यताएँ इतिहास के पृष्ठों में सिमट जाती हैं, तब भी यदि कुछ अमर रहता है तो वह है ज्ञान। श्रुत पंचमी को लेकर डॉ. जयेन्द्र जैन निप्पू का पढ़िए, विशेष आलेख.... धम्मो मगलमुक्किट्ठं, अहिंसा संजमो तवो। द

इंदौर Shree Phal News 17/6/2026, 12:04:31 am

परिवार को महाभारत नहीं, रामचरितमानस बनाएं : रामचरितमानस कर्तव्यों के पालन और त्याग की गाथा महाभारत में 'अहंकार' प्रधान

आज के दौर में बढ़ते पारिवारिक बिखराव को देखते हुए यह विचार आवश्यक हो गया है कि हम अपने घरों को कुरुक्षेत्र बनने से बचाएं। महाभारत और रामचरितमानस दो विपरीत जीवन-दृष्टिकोणों के दर्पण हैं। आज पढ़िए, अभय जैन " अकिंचन के यह विचार... आज के दौर में बढ़ते पारिवारिक बिखराव को देखते हुए यह वि

इंदौर Shree Phal News 15/5/2026, 10:21:56 pm

विश्व परिवार दिवस पर विशेष आलेख : सिमटते रिश्ते, टूटते परिवार, बदलता परिवेश

मनुष्य सभ्यता की सबसे बड़ी उपलब्धि यदि कोई रही है, तो वह केवल नगरों का निर्माण, विज्ञान की प्रगति अथवा आर्थिक संपन्नता नहीं, अपितु परिवार नामक वह आत्मीय संस्था है। विश्व परिवार दिवस पर सुनील सुधाकर शास्त्री का यह आलेख... मनुष्य सभ्यता की सबसे बड़ी उपलब्धि यदि कोई रही है, तो वह के

इंदौर Shree Phal News 15/5/2026, 10:16:21 pm

तीर्थ यात्रा

और देखेंSee more

ज्ञान, साधना और आस्था का संगम है श्री दिगंबर जैन ज्ञानतीर्थ मुरैना : 50 फीट ऊंची कृत्रिम पहाड़ी पर विराजमान भगवान आदिनाथ की 13 फुट भव्य प्रतिमा

जैन अतिशय क्षेत्र जैन धर्म के अत्यंत महत्वपूर्ण तीर्थ स्थल हैं। इन क्षेत्रों में जैन धर्म के भगवान महावीर और उनके पूर्वकल्याणकारक जिनेन्द्र देव के आध्यात्मिक लीलाओं के अतिशय (अद्भुत) घटनाएं मान्यता प्राप्त हैं। इन स्थलों पर जैन समुदाय के श्रद्धालु भक्तिभाव से पूजा-अर्चना करते हैं

इंदौर Rekha Jain 31/5/2026, 11:30:44 am

चमत्कारिक प्रतिमा और अटूट श्रद्धा का केंद्र — श्री दिगंबर जैन अतिशय क्षेत्र छोटा महावीरजी : श्रद्धा, अतिशय और भक्ति का पावन तीर्थ

जैन अतिशय क्षेत्र जैन धर्म के अत्यंत महत्वपूर्ण तीर्थ स्थल हैं। इन क्षेत्रों में जैन धर्म के भगवान महावीर और उनके पूर्वकल्याणकारक जिनेन्द्र देव के आध्यात्मिक लीलाओं के अतिशय (अद्भुत) घटनाएं मान्यता प्राप्त हैं। इन स्थलों पर जैन समुदाय के श्रद्धालु भक्तिभाव से पूजा-अर्चना करते हैं

इंदौर Rekha Jain 24/5/2026, 5:38:39 pm

भव्य मंदिरों और आध्यात्मिक वातावरण से जगप्रसिद्ध है प्राचीनता, आस्था और अतिशय का अद्भुत संगम है चंदेरी जैन तीर्थ क्षेत्र

जैन अतिशय क्षेत्र जैन धर्म के अत्यंत महत्वपूर्ण तीर्थ स्थल हैं। इन क्षेत्रों में जैन धर्म के भगवान महावीर और उनके पूर्वकल्याणकारक जिनेन्द्र देव के आध्यात्मिक लीलाओं के अतिशय (अद्भुत) घटनाएं मान्यता प्राप्त हैं। इन स्थलों पर जैन समुदाय के श्रद्धालु भक्तिभाव से पूजा-अर्चना करते हैं

इंदौर Rekha Jain 17/5/2026, 10:51:57 pm

श्रीफल पाठशाला

और देखेंSee more

श्रीफल जिन पाठशाला 13 : लय बद्ध तरीके से याद करें चौबीस तीर्थंकरों के नाम चिन्ह

नई पीढ़ी में जैन संस्कारों का बीजारोपण कर उसे पोषित करने हेतु सहज ज्ञानशाला, इसमें आप मिलेंगे अंतर्मुखी श्री पूज्य सागर जी महाराज से जो हर शनिवार एक पाठ के जरिए आप को धर्म से जोड़ते हैं। आज की पाठशाला में अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्य सागर जी महाराज द्वारा लय बद्ध तरीके से चौबीस तीर्

इंदौर Shreephal Jain News 10/2/2024, 8:28:10 pm

संत परिचय

और देखेंSee more

संत परिचय-6 : आज पढ़िए आचार्य श्री वर्धमान सागर जी महाराज का परिचय

श्रीफल जैन न्यूज की ओर से जैन संतों और साध्वियों की परिचय की श्रृंखला शुरू की जा रही है। जैन धर्म में मुनि बनना एक बहुत साहसिक और वैराग्य पूर्ण कार्य है। हर कोई व्यक्ति मुनि नहीं बन सकता। जैन दर्शन में मुनियों के आचार- विचार और दिनचर्या पर बहुत ही स्पष्ट और सख्त नियम बनाए हैं। श्

इंदौर Shreephal Jain News 21/6/2023, 5:30:09 pm

संत परिचय-1 : आज पढ़िए आचार्य श्री शान्तिसागर जी महामुनि का परिचय

श्रीफल जैन न्यूज की ओर से जैन संतों और साध्वियों की परिचय की श्रृंखला शुरू की जा रही है। जैन धर्म में मुनि बनना एक बहुत साहसिक और वैराग्य पूर्ण कार्य है। हर कोई व्यक्ति मुनि नहीं बन सकता। जैन दर्शन में मुनियों के आचार- विचार और दिनचर्या पर बहुत ही स्पष्ट और सख्त नियम बनाए हैं। श्

इंदौर Shreephal Jain News 18/6/2023, 6:40:52 pm

संत परिचय-2 : आज पढ़िए आचार्य श्री वीर सागरजी महाराज का परिचय

श्रीफल जैन न्यूज की ओर से जैन संतों और साध्वियों की परिचय की श्रृंखला शुरू की जा रही है। जैन धर्म में मुनि बनना एक बहुत साहसिक और वैराग्य पूर्ण कार्य है। हर कोई व्यक्ति मुनि नहीं बन सकता। जैन दर्शन में मुनियों के आचार- विचार और दिनचर्या पर बहुत ही स्पष्ट और सख्त नियम बनाए हैं। श्

इंदौर Shreephal Jain News 16/6/2023, 5:20:04 pm

वास्तु-ज्योतिष

और देखेंSee more

किसी को मिलेगी सफलता, कोई होगा परेशान : बुध का धनु राशि में गोचर, लोगों पर पड़ेगा असर

बुध ग्रह वृश्चिक की यात्रा पूरी कर धनु राशि में प्रवेश कर गए हैं। ऐसे में इस राशि पर गोचर करते हुए यह आगामी 13 दिसंबर को वक्री होंगे और 28 दिसंबर को फिर से वृश्चिक राशि में प्रवेश करेंगे। वृश्चिक में गोचर करते हुए बुध नए साल में 2 जनवरी को मार्गी होंगे। इसका असर अलग-अलग जातकों पर

इंदौर संपादक 29/11/2023, 9:19:10 pm

देश दुनियां में आतंकवाद पर लगेगी लगाम और होगी अमन शांति : एक महीने में सभी नौ ग्रह बदल रहे हैं राशि और नक्षत्र

वरिष्ठ ज्योतिषाचार्य डॉ. हुकुमचंद जैन ने बताया कि एक माह के भीतर सभी नौ ग्रह राशि और नक्षत्र बदल रहे हैं। इससे देश दुनियां में अमन- चैन बढ़ेगा । भारत में धर्म का परचम के साथ विश्व में सम्मान बढ़ेगा। वहीं ये ग्रह व्यक्ति की राशियों पर भी असर करेंगे। पढ़िए मनोज नायक की रिपोर्ट... म

इंदौर Shreephal Jain News 2/11/2023, 9:53:49 pm

बुध के गोचर से तीन राशियों की खुलेगी किस्मत: भद्र महापुरुष राजयोग बनने से बढ़ेगा मान-सम्मान

वैदिक ज्योतिष में बुध को ग्रहों का राजकुमार कहा गया है। बुध गणित ज्योतिष और लेखन के कारक माने गए हैं। बुध 24 जून को मिथुन राशि में प्रवेश करेंगे। इस परिवर्तन से भद्र महापुरुष राजयोग का निर्माण होगा। बुध के इस गोचर से तीन राशियों को उनकी किस्मत का पूरा साथ मिलेगा। जानिए इस बारे मे

इंदौर Shreephal Jain News 10/6/2023, 11:30:07 am

संस्कृति और पर्व

और देखेंSee more

इथोपिया और दक्षिणी अमेरिका तक फैला था जैन धर्म

डॉ. राजमल कोठारी ने जैन प्रतीक चिह्नों व मंदिरों का किया खुलासा श्रीफल न्यूज के लिए प्रकाश श्रीवास्तव की रिपोर्ट जयपुर । अतीत में विश्व के हर देश में जैन धर्म का प्रभाव रहा है। कतिपय हस्तलिखित ग्रंथों में इस बात के महत्वपूर्ण प्रमाण मिले हैं। ईसा से पूर्व ईराक, ईरान और फिलिस्तीन

इंदौर Shreephal Jain News 26/1/2023, 12:30:51 pm

छह दिवसीय पंचकल्याण प्रतिष्ठा महोत्सव का शुभारंभ : राहुल विहार स्थित श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर से निकाली गई घटयात्रा एवं रथयात्रा

आगरा@, शुभम जैन \ श्री मज्जिनेन्द्र श्री जिनंबिब पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव एवं विश्वशांति महायज्ञ का का शुभारंभ शनिवार को घटयात्रा एवं रथयात्रा के साथ हुआ। गर्भकल्याणक पूर्वारूप के पहले दिन शनिवार को राहुल विहार स्थित श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर से पंचकल्याणक प्रतिष्ठा मह

आगरा Shreephal Jain News 10/12/2022, 10:47:31 pm

सिद्धचक्र महामण्डल विधान में सांस्कृतिक कार्यक्रमों की मच रही धूम

सिद्धचक्र महामण्डल विधान में सांस्कृतिक कार्यक्रमों की मच रही धूम -छठे दिन विधान में किये गए 256 अर्घ्य समर्पित मड़ावरा(ललितपुर)। धर्मनगरी मड़ावरा में अष्टानिका महापर्व के पावन दिनों में आचार्य भगवन विद्यासागर जी महा मुनिराज के आज्ञानुवर्ती निर्यापक श्रमण श्री अभय सागर महाराज, श्र

इंदौर Shreephal Jain News 7/11/2022, 3:35:13 am

ग्रन्थमाला

और देखेंSee more

ग्रंथ माला 7 जीवन की आवश्यकताएं बनती हैं दुःखों का कारण

जीवन की आवश्यकताएं कर्म का कारण हैं। इन आवश्यकताओं के कारण ही अच्छे और बुरे कर्मों का बंधन होता है। रोटी, कपड़ा और मकान की चिंता ही हमें अच्छे और बुरे कर्मों की ओर प्रवृत करती हैं। इन्हीं के कारण राग-द्वेष, क्रोध, लालच आदि अवगुणों का जन्म होता है। इन आवश्यकताओं की पूर्ति में ही को

इंदौर Shreephal Jain News 23/2/2023, 11:30:01 am

ग्रंथमाला 6 : जो प्रशंसा के साथ गलतियां भी बताए, वही सच्चा

यह तुमने अच्छा किया। यह तुमने गलत किया। तुम्हें अपनी गलती को स्वीकार करना चाहिए। यह बात बताने वाला ही सच्चा मित्र होता है, क्योंकि वह तुम्हें जीवन की सच्चाई से अवगत करा रहा है। अच्छे कार्यों के लिए उत्साहवर्द्धन के साथ-साथ जो आपकी कमियों और अवगुणों की ओर भी आपका ध्यान आकर्षित करे

इंदौर Shreephal Jain News 16/2/2023, 11:28:03 am

ग्रंथ माला -5: सम्यक दर्शन के लिए धर्म के मूल रूप को पहचानना जरूरी

काल का प्रभाव कहें या सृष्टि में पाप कर्मों की बढ़ती मात्रा। संसार में चारों ओर अधर्म एवं अनुशासनहीनता बढ़ रही है। धर्म के मूल रूप त्याग, साधना, तप के स्थान पर पाखण्ड और बनावटी धार्मिक क्रियाओं को महत्व मिल रहा है। संसार की चकाचौंध में फंसे हुए तत्व धर्म के वास्तिक स्वरूप से परिचित

इंदौर Shreephal Jain News 9/2/2023, 11:30:30 am

जानना जरूरी : मुनि महाराज के नाम के आगे 108 क्यों लगाते हैं

मुनि महाराज के नाम के आगे 108 क्यों लगाते हैं संकलन - संदीप सेठी,गुवाहाटी इसके तीन कारण हैं... 1. दरअसल मनुष्य 108 प्रकार से पाप करता है। मुनि महाराज उन पापों को रोकने के लिए मुनि बनते हैं, इसलिए उनके नाम के आगे 108 लगाते हैं। 2. मुनि महाराज के 28 मूलगुण, 22 परीषहजयी, 13 प्रकार क

इंदौर Shreephal Jain News 3/3/2023, 10:30:37 pm

ज्ञान की बात

और देखेंSee more

धर्म और कर्म की शिक्षा के साथ तालमेल बैठाना भी सीखें: लौकिक शिक्षा के साथ धर्म की शिक्षा ऐसी हो, जो सही निर्णय लेने में मदद कर सके

हमारे गुरुजनों से यही विनती है कि हमारी आने वाली पीढ़ी को धर्म और कर्म की शिक्षा के साथ उनमें तालमेल कैसे बैठे यह शिक्षा जरूर दें। बच्चों का आत्मविश्वास इतनी ऊंचाई तक पहुंचे की वह किसी भी मुश्किल घड़ी में घबराए नहीं, बल्कि उसका समाधान निकालें। ज्ञान की बात, आपके साथ में आज हिमानी

इंदौर Shreephal Jain News 18/2/2023, 1:30:31 pm

ज्ञान की बता,आपके साथ: भगवान आदिनाथ का परिचय

gyaan kee bata,aapake saath: bhagavaan aadinaath ka parichay जैन धर्म इस काल के प्रथम तीर्थंकर भगवान आदिनाथ हुए है । इन्हें आदिब्रह्मा,ऋषभदेव नाम से भी जाना जाता है । जन्म अयोध्या में पिता का नाम नाभिराय और माता मरूदेवी था के यहां हुआ था । भगवान आदिनानाथ का जन्म इक्ष्वाकु वंशकुल

इंदौर Shreephal Jain News 30/12/2022, 11:44:19 pm

ज्ञान की बात, आपके साथ: भक्तामर स्त्रोत रचयिता श्री मानतुंगाचार्य का जीवन चरित

आज पढ़िए, धरियावद के नवीन के विचार जैन परम्परा में अति विश्रुत भक्तामर स्तोत्र के रचयिता हैं श्री मानतुंगाचार्य .. इनका जन्म वाराणसी में 'धनदेव' श्रेष्ठि के यहाँ हुआ था। इन्होंने अजितसूरी से दीक्षा ली। गुरु के पास से उन्हें अनेक चमत्कारिक विद्याएं प्राप्त हुईं और वे अपने समय के प

धरियावद Shreephal Jain News 24/12/2022, 12:13:59 am

संतवाणी

और देखेंSee more

संतवाणी : समाज में समरसता आवश्यक है - मुनि श्री प्रमाण सागर जी

समाज में एकता आवश्यक है, अगर हाथ की पांचों उंगलियों में स्वयं को एक- दूसरे से सर्वश्रेष्ठ मानने की होड़ शुरू हो जाये, तो सोचिये क्या होगा। अंगूठा अहंकार से बोलेगा मैं तर्जनी से श्रेष्ठ हूं, तर्जनी बोलेगी मैं अनामिका से श्रेष्ठ हूं, मध्यमा बोलेगी मैं कनिष्ठा से श्रेष्ठ हूं और ऐसे य

इंदौर Shreephal Jain News 14/5/2023, 11:58:16 pm

राहुल विहार पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव की पत्रिका हुआ विमोचन

आगरा . शुभम जैन \ श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर, राहुल विहार में आगामी 10 से 15 दिसंबर के मध्य पंचकल्याणक महोत्सव आयोजित होने जा रहा है, जिसके लिए श्री पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव की पत्रिका का विमोचन किया। मुनि श्री अजित सागर जी महाराज ससंघ के मंगल सानिध्य में बीते गुरुवार क

आगरा Shreephal Jain News 9/12/2022, 7:27:58 pm

इच्छाओं पर विराम ही जीवन में आत्मशान्ति का माध्यम - मुनि सुधासागर

ललितपुर \ कस्बा बांसी में जैन मंदिर प्रांगण में निर्यापक श्रमण मुनि श्री सुधासागर महाराज ने धर्मसभा को सम्बोधित करते हुए कहा कि व्यक्ति को सब कुछ होने के वाद भी आत्मसंतुष्टि नहीं, अधूरा-अधूरा सा लगता है। समस्या का समाधान कैसे हो, इसके लिए इच्छाओं पर विराम लगाना होगा अन्यथा अधूरेप

ललितपुर Shreephal Jain News 9/12/2022, 12:53:41 am

सराकोद्धारक श्री 108 ज्ञान सागर जी महाराज के द्वितीय समाधि दिवस पर विशेष

’प्रस्तुति-’ व्रह्मचारिणी बहिन अनिता दीदी इनमें दिखता है भगवान महावीर का प्रतिबिम्ब ये संत कोई और नहीं इस युग के श्रेष्ठ आचार्याे में से एक है। इनमें भगवान महावीर का प्रतिबिम्ब झलकता है। इनका वर्णन शब्दों में कर पाना बेहद कठिन ही नही, नामुमकिन है। इनके व्यक्तित्व को कवि की कविता,

इंदौर Shreephal Jain News 14/11/2022, 9:01:18 pm

संत शिरोमणि आचार्यश्री विद्यासागरजी महाराज के आचार्य पद पर 50 वर्ष पूर्ण होने पर विशेष लेख

संत शिरोमणि आचार्यश्री विद्यासागरजी महाराज के आचार्य पद पर 50 वर्ष पूर्ण होने पर विशेष लेख आचार्यश्री शब्द का पर्यायवाची बन गए आचार्य विद्यासागरजी महाराज लेखक - राजेन्द्र जैन ‘महावीर’, सनावद जैन समाज हो या जैनेत्तर समाज, सभी के बीच यदि ‘आचार्यश्री’ शब्द निकल जाए तो आम जनमानस के म

इंदौर Shreephal Jain News 11/11/2022, 5:00:10 pm

23 सितम्बर - जन्म दिवस पर विशेष - आचार्य श्री 108 अतिवीर जी मुनिराज

जैन धर्म के प्रखर प्रकाश पुंज -आचार्य श्री 108 अतिवीर जी मुनिराज राजधानी दिल्ली के दिल चांदनी चौक के धर्मपुरा में सुप्रतिष्ठित परिवार के आंगन में एक तेजस्वी बालक ने दिनांक 23 सितम्बर 1965 को जन्म लिया जिसका नाम नीरज जैन रखा गया| कहते हैं कि किसी महापुरुष के जन्म लेने से पहले ही स

इंदौर Shreephal Jain News 23/9/2022, 10:53:31 pm

अभिषेक पूजन

और देखेंSee more

इच्छाओं पर विराम ही जीवन में आत्मशान्ति का माध्यम - मुनि सुधासागर

ललितपुर \ कस्बा बांसी में जैन मंदिर प्रांगण में निर्यापक श्रमण मुनि श्री सुधासागर महाराज ने धर्मसभा को सम्बोधित करते हुए कहा कि व्यक्ति को सब कुछ होने के वाद भी आत्मसंतुष्टि नहीं, अधूरा-अधूरा सा लगता है। समस्या का समाधान कैसे हो, इसके लिए इच्छाओं पर विराम लगाना होगा अन्यथा अधूरेप

ललितपुर Shreephal Jain News 9/12/2022, 12:53:41 am

पूजन का समय

पूजन का समय 25 अक्टूबर 2022 सुबह 9:25से 10:35 वृश्चिक का लग्न और चल चौघड़िया दोपहर 2:27 से 4बजे तक कुम्भ का लग्न और शुभ का चौघड़िया शाम 7:33 से 9 बजे तक वृषभ का लग्न और लाभ का चौघड़िया शाम वाले समय अधिक ठीक है

इंदौर Shreephal Jain News 24/10/2022, 9:03:41 pm

श्रीफल प्रोत्साहन

और देखेंSee more

श्रीफल प्रोत्साहन- 3: आज के प्रश्न कुलकर से संबधित है

Loading… श्रीफल प्रोत्साहन 2 के सही उत्तर प्रश्न 1. कल्पवृक्ष कहा होते हैं ? उत्तर - भोग भूमि प्रश्न 2. उत्तमोत्तम वस्त्र प्रदान करने वाले कल्पवृक्ष का नाम बताओं? उत्तर - इनमें से कोई नही प्रश्न 3. चंद्रमा के समान शीतल प्रकाश देने वाले कल्पवृक्ष का नाम बताओं ? उत्तर - दीपांग प्रश

इंदौर Shreephal Jain News 24/2/2023, 11:56:06 pm

अंतर्मुखी की दिल की बात

और देखेंSee more

अंतर्मुखी की दिल की बात: अक्षय तृतीया पर अंतर्मुखी श्री पूज्य सागर महाराज का अप्रतिम चिंतन....

26 अप्रैल 2020,उदयपुर । अक्षय तृतीया जैन धर्म का बहुत बड़ा पर्व है क्योंकि आज ही के दिन हमारे जैन धर्म में दान तीर्थ का प्रवर्तन हुआ था। इसी दिन राजा श्रेयांस ने पहली बार भगवान आदिनाथ को इक्षुरस का आहार दिया था। इससे पहले आदिनाथ भगवान छह महीने तक घूमते रहे, लेकिन किसी को भी उन्हे

उदयपुर संपादक 26/4/2020, 11:08:37 pm

विशिष्ट योगदानकर्ताFeatured Contributors

और देखेंSee more
NJ

डॉ. नेहा जैन

मुंबई

शिक्षा और छात्रवृत्ति अभियान में उल्लेखनीय योगदान

PJ

प्रवीण जैन

जयपुर

तीर्थ सेवा और स्वास्थ्य शिविर आयोजन