दशलक्षण और निमाड़ के परिवार सीरीज 6दादा-पिता को रोज अभिषेक-पूजन करते देखा तो बच्चों तक पहुंचे संस्कार : दशलक्षण में भोजन की थाली से व्यवहार तक बढ़ जाता है संयम
लोनारा के आशीष जैन परिवार में दादा-पिता से मिले धार्मिक संस्कार पीढ़ियों तक पहुंचे। दशलक्षण में उपवास, एकासन, भोजन त्याग, स्वाध्याय और साधु सेवा के साथ संयम बढ़ता है।
लोनारा (खरगोन) • सन्मति जैन काका • 22-09-2026, 01:58 pm



































































































