वरिष्ठ समाजसेवी एडवोकेट धर्मेंद्र जैन का मानना है कि विवाह केवल दो व्यक्तियों का नहीं, बल्कि दो परिवारों का सांस्कृतिक और सामाजिक मिलन है। उन्होंने...
अपनों के बीच, अपनों के साथ विवाह एक अविस्मरणीय अनुभव : पारिवारिक संस्कारों और सामाजिक एकता को सहेजने का माध्यम — एडवोकेट धर्मेंद्र जैन



















