श्री चंद्र प्रभ जिनालय बड़ के बालाजी में संघ सहित विराजित आचार्य श्री वर्धमान सागर जी द्वारा दिया गया संवाद, गीत और धर्म-ज्ञान अत्यंत प्रेरणादायक रहा।...
रत्न्त्रय धर्म 13 प्रकार का चारित्र, 14 वें गुण स्थान पहुंचने का माध्यम : आचार्य श्री वर्धमान सागर जी ने सरल शैली में जैन सिद्धांतों का ज्ञान कराया




















