विश्व धरोहर दिवस, जिसे अंतरराष्ट्रीय स्मारक एवं स्थल दिवस कहा जाता है। प्रत्येक वर्ष 18 अप्रैल को मनाया जाता है। इसकी शुरुआत इंटरनेशनल काउंसिल ऑन मान्यूमेंट...
Category - आलेख
जैन परंपरा में अक्षय तृतीया का स्थान अत्यंत उच्च, तपप्रधान और शास्त्रीय आधारों से प्रतिष्ठित है। यह पर्व केवल एक ऐतिहासिक घटना का स्मरण नहीं करता, बल्कि त्याग...
आज अधिकांश जनमानस यह नहीं जानता कि भगवान महावीर को “महावीर” क्यों कहा जाता है। सामान्यतः यह धारणा है कि उन्होंने युद्ध लड़े होंगे, असुरों और दुर्जनों का नाश...
खंदार क्षेत्र को साधना से तीर्थ बनाने वाले तपस्वी आचार्य श्री ज्ञानसागर जी ने विश्व हिंदू परिषद की सर्वधर्म यात्रा में दिल्ली दरवाजा पर ऐतिहासिक देशना देकर...
गणिनी प्रमुख श्री ज्ञानमती माताजी ने अयोध्या में अपने प्रवचन में कहा कि भगवान ऋषभदेव सिंहासन पर सुख से बैठे हुए थे कि उन्होंने अपना चित्त कला और विद्याओं के...
हर साल जून महीने का तीसरा रविवार हमें एक ऐसे व्यक्ति की याद दिलाता है, जो हमारी परवरिश की नींव होता है — पिता। यह दिन केवल उपहार देने या शुभकामनाएं भेजने भर का...
आचार्य श्री के प्रथम समाधि दिवस पर विशेष : गुरुवर की अप्रतिम मुस्कान से मुरझाए चेहरे भी खिल-खिल जाते
आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज, एक महान जैन आचार्य और दिव्य तत्वज्ञानी थे, जिन्होंने भारतीय समाज में अहिंसा, सत्य, और आत्मकल्याण के मार्ग को फैलाने में...
भगवान चंद्रप्रभ का जीवन तपस्या और साधना से परिपूर्ण था, और उनके जीवन के कई प्रसंगों से भक्तों को प्रेरणा मिलती है। 26 दिसंबर को भगवान चंद्रप्रभु के जन्मकल्याणक...
भगवान पार्श्वनाथ की जीवनगाथाएं, उनके उपदेश और उनके चमत्कारी कार्य आज भी लाखों भक्तों को प्रेरित करते हैं। उनकी जन्मजयंती पर आयोजित होने वाले आयोजनों में लाखों...
जैन धर्म के चार अनुयोग के माध्यम से हमें जीवन के उच्चतम उद्देश्य की प्राप्ति के लिए आवश्यक सिद्धांतों का ज्ञान मिलता है। ये शास्त्र न केवल हमें जीवन के...








