विश्व पर्यावरण दिवस पर आर्यिका सिद्धश्री मति माताजी के सानिध्य में पर्यावरण गोष्ठी रखी गई। इसमें पर्यावरण का महत्व बताते हुए अधिक से अधिक पौधों का रोपण करने के लिए समाजजनों से आह्वान किया गया। नौगामा से पढ़िए, सुरेश चंद्र गांधी की रिपोर्ट…
नौगामा। आचार्यश्री विभव सागर जी महाराज की शिष्या आयिका सिद्धश्री मति माताजी के सानिध्य में शुक्रवार को महावीर इंटरनेशनल शाखा की ओर से मुख्य अतिथि डॉ.निखिल जैन, महावीर इंटरनेशनल अध्यक्ष सुरेश गांधी, शाखा सचिव कैलाश पंचोली, भरत पंचोली, नितेश जैन के सानिध्य में विश्व पर्यावरण दिवस की संगोष्ठी हुई। इसमें उपस्थित सभी धर्म प्रेमी बंधुओं का महावीर इंटरनेशनल शाखा की ओर से दुपट्टा उड़ा कर स्वागत अभिनंदन किया गया। महावीर इंटरनेशनल की ओर से एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसमें संपूर्ण भारत वर्ष में पर्यावरण शुद्ध रहे, सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग बंद हो, पर्यावरण शुद्ध रहे इसलिए अधिक से अधिक पौधरोपण करने का आह्वान किया गया। इस अवसर पर सिद्धश्री माताजी ने कहा कि हमें पर्यावरण को शुद्ध रखना है। जिससे पृथ्वी पर विचरण करने वाले सभी जीव जंतु अपना जीवन अच्छी तरह से जी सकें एवं आजकल पर्यावरण खराब होने से आए दिन प्राकृतिक आपदा आ रही है। इसलिए हमें पर्यावरण का संतुलन बनाना है। हमारे गुरु आचार्यश्री विभव सागर जी महाराज ने वर्ष 2021 में नौगामा रहकर पर्यावरण संरक्षण की बात कही थी। पर्यावरण संरक्षण की रचनाएं लिखी थी। वह पर्यावरण की रचनाएं आज इस पुस्तक के माध्यम से प्रकाशित की जा रही है। पर्यावरण को स्वच्छ बनाने के लिए माताजी ने अपने मुखारविंद से पर्यावरण की कविता के माध्यम से जन जागरण को जागने की बात कही।
मोबाइल टावर की किरणों से पक्षियों के विलुप्त होने का खतरा
उन्होंने कहा कि महावीर इंटरनेशनल शाखा द्वारा सराहनीय कार्य किया जा रहे हैं। हमारी ओर से शाखा को बहुत-बहुत आशीर्वाद। इस अवसर पर डॉ. निखिल जैन ने कहा कि हमें पर्यावरण को शुद्ध बनाना है कल कारखाने के दूषित गैसों से वातावरण दूषित होता जा रहा है। मोबाइल टावर की किरणों से पक्षियों के विलुप्त होने का खतरा मंडरा रहा है। हमें इसे बचाने के लिए प्रयास करना है। कार्यक्रम में सभी बंधुओ से निवेदन किया गया कि हमें अपने जन्मदिन अपने वर्षगांठ या अन्य धार्मिक कार्य सामाजिक कार्यों पर एक पौधा धरती के नाम पर लगाना है। कार्यक्रम में चुन्नू मुन्नू गांधी, मौलिक, आशीष पंचोली, जैन पाठशाला की छात्रा में उपस्थित थे।
सिंगल यूज़ प्लास्टिक को अलविदा कहें
आज 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस है यह दिन हमें याद दिलाता है कि यह धरती हमारा इकलौता घर है और इसकी सुरक्षा करना हम सबकी ज़िम्मेदारी है। हर साल इस दिन की एक विशेष थीम होती है, जो पर्यावरण से जुड़ी किसी बड़ी चुनौती पर हमारा ध्यान खींचती है। आज के दिन हम छोटे-छोटे बदलावों से बड़ा योगदान दे सकते हैं। एक पौधा लगाना है। अगर जगह हो, तो आज एक नया पौधा ज़रूर लगाएं। प्लास्टिक का इस्तेमाल कम करना, सिंगल यूज़ प्लास्टिक को अलविदा कहें और कपड़े के थैलों का इस्तेमाल करें। पानी और बिजली बचाना, ज़रूरत न होने पर नल और लाइटें बंद रखें। धरती हमारी ज़रूरतों को पूरा कर सकती है, आज इस मौके पर पर्यावरण के लिए कुछ खास करने का सोचा है।













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