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भक्ति भाव से हुआ सहस्त्र नाम पूजा- अर्चना का समापन

न्यूज़ सौजन्य – राजकुमार अजमेरा

झुमरीतिलैया(कोडरमा)।  जैन संत श्रमण मुनिश्री विशल्य सागर जी महाराज ससंघ के मंगल सानिध्य में 21 दिन से चल रहे विश्व शांति महायज्ञ का समापन हुआ। इस मौके पर समस्त सृष्टि में सुख-शांति, स्वास्थ्य-समृद्धि, सफलता की कामना की भावना से मंत्रोच्चार के साथ पूजन-हवन हुआ। भगवान के 1008 नामों की पूजा पूरे जिले और विश्व में शांति की कामना को लेकर की गई थी। समाज और परिवार के लोगों में धर्म वृद्धि हो और उनके जीवन से दुखों की समाप्ति हो, इसी भावना से प्रतिदिन 21 दिनों तक प्रातः 5:00 बजे से यह पूजा प्रारंभ की जाती थी।
पूजा में 50 से अधिक लोगों ने भाग लिया। इस पूजा को संपन्न कराने में अलका दीदी और आरती दीदी का योगदन रहा। प्रातः दीप प्रज्ज्वलन और गुरुदेव को शास्त्र भेंट और पाद प्रक्षालन का सौभाग्य हनुमान नवीन प्रवीण पाटनी परिवार को मिला।
श्री दिगंबर जैन समाज झुमरीतिलैया (कोडरमा) के मंत्री ललित सेठी ने इस दीर्घ कालीन कार्यक्रम में विशेष रूप से सुरेन्द्र काला, संयोजक चातुर्मास समिति 22, सभी पुण्यार्जकों, सभी महिलाओं को धन्यवाद दिया। जैन समाज के मीडिया प्रभारी नवीन जैन, राजकुमार अजमेरा ने बताया कि कलश स्थापना सुरेश- नरेन्द्र झांझरी ने की। दीप प्रज्ज्वलन सुरेन्द्र-सरिता काला परिवार ने की थी। आशा गंगवाल, नीलम सेठी, अंजू छाबड़ा, किरण सेठी, किरण बड़जात्या, अभिषेक पंडित, सुबोध गंगवाल आदि भी इस अवसर पर मौजूद थे। सभी ने भगवान के अभिषेक शांति धारा का सौभाग्य भी प्राप्त किया। सुरेन्द्र काला संयोजक चातुर्मास समिति 22 ने सबको धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि सह्स्र नाम अर्चना उत्तम फल देने वाला कल्प वृक्ष है।

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