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बाय-नरी बैश 2026 में बिखरे हुनर के रंग : तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी के कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, सीओई में बीटेक-सीएसई की हुई फेयरवेल पार्टी


टीएमयू के आर्यन जैन मिस्टर तो अर्पिता श्रीवास्तव बनीं मिस फेयरवेल, अदीश को मिस्टर वर्सेटाइल तो सेजल को मिस वर्सेटाइल चुना गया। छात्रा कशिश रस्तोगी को राइजिंग स्टार के सम्मान से नवाजा गया। टीएमयू स्टूडेंट्स के साथ फ़ैकल्टी ने भी यादगार पल संजोए। मुरादाबाद से पढ़िए, प्रो.श्यामसुंदर भाटिया की यह रिपोर्ट…


मुरादाबाद। तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी के तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग-टीएमयू सीओई में बीटेक-सीएसई की फेयरवेल पार्टी बाय-नरी बैश 2026 में आर्यन जैन को मिस्टर फेयरवेल और अर्पिता श्रीवास्तव को मिस फेयरवेल चुना गया। स्टूडेंट्स अदीश जैन को मिस्टर वर्सेटाइल तो सेजल जैन को मिस वर्सेटाइल, जबकि काशिश रस्तोगी को राइजिंग स्टार के सम्मान से नवाजा गया। इसके अतिरिक्त विभिन्न खेलों एवं गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले स्टूडेंट्स को भी सम्मानित किया गया। प्रतियोगिता तीन चरणों- रैंप वॉक, टैलेंट हंट एवं् प्रश्नोत्तरी दौर में हुई। टीएमयू स्टूडेंट्स के साथ फ़ैकल्टी ने भी यादगार पल संजोए। इससे पूर्व ऋद्धि-सिद्धि भवन में मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्जवलित करके कार्यक्रम का शंखनाद हुआ। इस मौके पर बतौर मुख्य अतिथि फ़ैकल्टी ऑफ इंजीनियरिंग के डीन प्रो. राकेश कुमार द्विवेदी, सीसीएसआईटी के विभागाध्यक्ष डॉ. रूपल गुप्ता, डॉ. अजय चक्रवर्ती, डॉ. मोहम्मद सलीम, डॉ. कामेश कुमार, डॉ. अमित कुमार, डॉ. प्रियांक सिंघल, डॉ. नरपत सिंह आदि मौजूद रहे।

सफलता प्राप्त करने के महत्वपूर्ण सूत्र साझा किए

प्रतियोगिताओं के निर्णायक मंडल में मणि सारस्वत, डॉ. शालिनी निनोरिया, डॉ. प्रियांक सिंघल आदि शामिल रहे। सांस्कृतिक प्रोग्राम्स की शुरूआत गणेश वंदना से हुई। समारोह में जूनियर एवं सीनियर स्टूडेंट्स ने अनेक रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुति दीं। नृत्य, समूह नृत्य, गायन, कविता पाठ और मनोरंजक प्रस्तुतियों ने पूरे वातावरण को उत्साह और आनंद से भर दिया। फ़ैकल्टी ऑफ इंजीनियरिंग के डीन प्रो. राकेश कुमार द्विवेदी ने जीवन में सफलता प्राप्त करने के महत्वपूर्ण सूत्र साझा किए। उन्होंने कहा कि जीवन में सफलता केवल शैक्षणिक उपलब्धियों से नहीं, बल्कि संतुलित व्यक्तित्व, अनुशासन, दूरदर्शिता और सकारात्मक सोच से प्राप्त होती है। उन्होंने कहा कि करियर में उत्कृष्टता तभी संभव है, जब ज्ञान के साथ चरित्र और अनुशासन भी जुड़ा हो। विभागाध्यक्ष डॉ. रूपल गुप्ता ने स्टूडेंट्स को उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यूनिवर्सिटी में अर्जित ज्ञान, अनुभव और संस्कार उनके जीवन की अनमोल पूंजी हैं।

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