पूर्णिमा के पावन अवसर पर पार्श्वनाथ जिनालय में एक अपूर्व और अलौकिक भक्ति का माहौल देखने को मिला। अवसर था भक्तामर दीप महाअर्चना का, जहाँ पूरा जैन समाज एक सूत्र में बंधकर आदिनाथ भगवान की भक्ति में लीन नजर आया। इस महामांगलिक प्रसंग में बड़ी संख्या में समाजजनों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और जिनेंद्र भक्ति का अनुपम आनंद लिया। डडूका से पढ़िए, यह खबर…
डडूका। पूर्णिमा के पावन अवसर पर स्थानीय पार्श्वनाथ जिनालय में एक अपूर्व और अलौकिक भक्ति का माहौल देखने को मिला। अवसर था भक्तामर दीप महाअर्चना का, जहाँ पूरा जैन समाज एक सूत्र में बंधकर आदिनाथ भगवान की भक्ति में लीन नजर आया। इस महामांगलिक प्रसंग में बड़ी संख्या में समाजजनों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और जिनेंद्र भक्ति का अनुपम आनंद लिया। कार्यक्रम की शुरुआत नवकार महामंत्र के मंगल गान के साथ हुई। सुप्रसिद्ध विधिकारक मनोज एस. शाह ने अत्यंत सुमधुर और शुद्ध मंत्रोच्चार के साथ दीप महाअर्चना की विधि संपन्न कराई। जैसे-जैसे आचार्य मानतुंग स्वामी विरचित भक्तामर स्तोत्र के एक-एक काव्य का वाचन होता गया, वैसे-वैसे मंदिर जी का गर्भगृह सकारात्मक ऊर्जा से भर उठा। भक्तों ने पूरी तन्मयता के साथ 48 परम प्रभावकारी काव्यों का सामूहिक पाठ किया। प्रत्येक काव्य की पूर्णता पर रिद्धि-सिद्धि मंत्रों के साथ 48 दिव्य दीप’ आदिनाथ भगवान के चरणों में समर्पित किए। दीपों की झिलमिलाती रोशनी और धूप-अगरबत्ती की सुगंध ने पूरे जिनालय को साक्षात देवलोक जैसा रूप दे दिया।
पुण्यार्जक परिवार और प्रबुद्ध जनों की गरिमामयी उपस्थिति
इस भव्य और भक्तिमय आयोजन के मुख्य आयोजक पुण्यार्जक बनने का सौभाग्य कीर्तिश बसंतलाल सेठ परिवार को प्राप्त हुआ। सेठ परिवार ने सभी आगंतुक भक्तों का भावभीना स्वागत किया और इस पुण्य कार्य में अपना विशेष सहयोग दिया। इस पावन प्रसंग पर समाज के वरिष्ठ एवं प्रबुद्ध जन मुख्य रूप से उपस्थित रहे, जिनमें अजीत कोठिया, मुकेश शाह, अशोक के. शाह, विजयचंद सेठ, सुधीर सेठ, रमनलाल शाह तथा अजीत बी. शाह शामिल हैं। इनके साथ ही अनेक महिला-पुरुष और बाल भक्तों ने भी इस महाअर्चना में सम्मिलित होकर धर्म लाभ लिया।
आरती और मंगल भावना के साथ समापन
कार्यक्रम के अंत में आदिनाथ भगवान की भव्य आरती उतारी गई और विश्व कल्याण तथा समाज में सुख-समृद्धि की मंगल भावना भाई गई। उपस्थित सभी समाजजनों ने इस सफल और व्यवस्थित आयोजन के लिए आयोजक परिवार और विधिकारक का आभार व्यक्त किया। सभी के लिए प्रभावना की भी व्यवस्था की गई थी।













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