मानवता नगर निवासी मेधावी छात्र रिशित भाईजी ने देश की सबसे कठिन इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा, जेईई (संयुक्त प्रवेश परीक्षा) में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर पूरे जैन समाज...
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पिच्छी बनाने के लिए उन्हीं मोर के पंखों का उपयोग किया जाता है, जिन्हें मोर स्वतः (प्राकृतिक रूप से) छोड़ देते हैं। दिगंबर परंपरा में पिच्छी मुनि के 28 मूल...
आचार्य प्रवर श्री सुनील सागर जी महाराज अपने 36 मुनिराजों और माताजी के विशाल संघ के साथ गुजरात से मध्य प्रदेश की सीमा में प्रवेश कर चुके हैं। रानापुर विकास खंड...
तपस्वी के तप को स्वयं तीर्थंकर परमात्मा भी नमन करते हैं क्योंकि तप आत्म शुद्धि का महानतम मार्ग होता है। तभी तो आदि अनादि काल से हर धर्म मजहब संप्रदाय में तप को...
आचार्य श्री शांति सागर जी महाराज की अक्षुण्ण मूल बाल ब्रह्मचारी पट्ट परंपरा के पंचम पट्टाधीश आचार्य श्री वर्धमान सागर जी का मंगल विहार इन दिनों राजस्थान में चल...
जैन आगम ग्रंथों को लिपिबद्ध किए जाने की ऐतिहासिक घटना की स्मृति में श्रुतपंचमी महापर्व स्थानीय श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर, समर्थ सिटी में श्रद्धा, उत्साह...
जैन धर्म के अंतिम अनुबद्ध केवली भगवान जम्बूस्वामी की पावन निर्वाण भूमि मथुरा में गणिनी आर्यिका श्री आर्ष मति माताजी ससंघ के सान्निध्य में 48 दीपों से भक्तामर...
इंदौर के एमवाय अस्पताल में एक मुस्कान ग्रुप और आराधना ग्रुप ने संयुक्त रूप से जरूरतमंद मरीजों एवं उनके परिजनों के बीच भोजन और वस्त्र वितरित किए। करीब 350 से...
प्रथमाचार्य श्री शांतिसागर जी महाराज की परंपरा के तृतीय पट्टाधीश आचार्य श्री धर्मसागर जी महाराज हमारे दीक्षा गुरु हैं। उनकी ऐलक और मुनि दीक्षा स्थली पर आकर...
दक्षिण भारत में 60, 70, 80, 90 और 100 वर्ष की आयु पूर्ण होने पर विशेष उत्सव मनाने की परंपरा है। यह केवल जन्मदिन का उत्सव नहीं, बल्कि जीवन की परिपक्वता, अनुभव...








