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सेक्टर-27 नोएडा को मिला वर्षायोग 2026: गणिनी आर्यिका आर्ष मति माताजी के सानिध्य में भक्तामर महाअर्चना एवं वर्षायोग घोषणा समारोह में उमड़े श्रद्धालु  


जैन धर्म के अंतिम अनुबद्ध केवली भगवान जम्बूस्वामी की पावन निर्वाण भूमि मथुरा में गणिनी आर्यिका श्री आर्ष मति माताजी ससंघ के सान्निध्य में 48 दीपों से भक्तामर महाअर्चना एवं वर्षायोग घोषणा समारोह आध्यात्मिक वातावरण में हुआ। हजारों श्रद्धालुओं की उपस्थिति में इस आयोजन ने भक्ति, साधना और गुरु-शिष्य परंपरा की अद्भुत छटा बिखेरी। मथुरा से पढ़िए, यह खबर…


मथुरा। जैन धर्म के अंतिम अनुबद्ध केवली भगवान जम्बूस्वामी की पावन निर्वाण भूमि मथुरा में गणिनी आर्यिका श्री आर्ष मति माताजी ससंघ के सान्निध्य में 48 दीपों से भक्तामर महाअर्चना एवं वर्षायोग घोषणा समारोह आध्यात्मिक वातावरण में हुआ। हजारों श्रद्धालुओं की उपस्थिति में इस आयोजन ने भक्ति, साधना और गुरु-शिष्य परंपरा की अद्भुत छटा बिखेरी। जैन पत्रकार महासंघ के राष्ट्रीय सांस्कृतिक मंत्री संजय जैन बड़जात्या ने बताया कि कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान अजितनाथ के जयघोष एवं मंगलाचरण के साथ हुआ। सुप्रसिद्ध गायिका पलक जैन महावीरजी की मधुर स्वर लहरियों ने पूरे पांडाल को भक्ति रस में सराबोर कर दिया। मंच संचालक एवं कवि विकर्ष जैन एवं अभिषेक जैन शास्त्री ने अपनी प्रभावशाली शैली से पूरे कार्यक्रम को जीवंत बनाए रखा।

जो जागरूक और कर्मशील है, वही युवा है

अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में गणिनी आर्यिका श्री आर्ष मति माताजी ने युवाओं को आत्मविश्वास, परिश्रम और आत्मनिर्भरता का संदेश देते हुए कहा कि ‘जो जागरूक, कर्मठ और कर्मशील है, वही वास्तविक अर्थों में युवा है। जो युवा होते हुए भी आलस्य, प्रमाद और दूसरों पर आश्रित रहने की प्रवृत्ति रखता है, वह मानसिक रूप से वृद्ध है।’ माताजी ने युवाओं का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि ष्पहचान भले ही छोटी हो, लेकिन अपने दम पर होनी चाहिए।’ उनके इन प्रेरक शब्दों का उपस्थित युवाओं पर गहरा प्रभाव पड़ा।

वर्षायोग के लिए उमड़ी भक्तों की भावनाएं

वर्षायोग प्राप्ति के लिए देश के विभिन्न नगरों से आए श्रद्धालुओं ने अत्यंत श्रद्धा और भावुकता के साथ अपनी-अपनी अर्जी गुरु मां के श्रीचरणों में समर्पित की। सोनू जैन मुरैना के अनुसार अलवर, भरतपुर, आगरा, हाथरस, नोएडा, मुरैना एवं मथुरा सहित अनेक स्थानों से आए भक्तों ने श्रीफल अर्पित कर अपने नगर में वर्षायोग की मंगल कामना व्यक्त की।

पूरा पांडाल जयकारों से गूंजा

कार्यक्रम का वातावरण उस समय अत्यंत भावुक हो उठा। जब श्रद्धालुओं की भक्तिभाव से भरी विनतियों के बीच गणिनी आर्यिका श्री ने अपने निर्णय की घोषणा की। उपस्थित जनसमुदाय की उत्सुकता और भावनाओं के मध्य माताजी ने वर्ष 2026 का वर्षायोग सेक्टर-27, नोएडा को प्रदान करने की घोषणा की। घोषणा होते ही नोएडा से आए श्रद्धालुओं में अपार हर्ष और उल्लास की लहर दौड़ गई तथा पूरा पांडाल जयकारों से गूंज उठा।

नोएडा जैन समाज का भाग्योदय

धर्मप्रेमियों का मानना है कि किसी नगर को संत-संघ का वर्षायोग प्राप्त होना केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि उस क्षेत्र के आध्यात्मिक सौभाग्य और पुण्योदय का प्रतीक होता है। वर्षायोग के दौरान संत-संघ के सान्निध्य में स्वाध्याय, प्रवचन, साधना, तप, संस्कार और धर्म जागरण की अविरल धारा प्रवाहित होती है, जिससे सम्पूर्ण समाज लाभान्वित होता है। सेक्टर-27 नोएडा जैन समाज के लिए यह घोषणा किसी ऐतिहासिक उपलब्धि से कम नहीं मानी जा रही है। समाज के श्रद्धालुओं ने इसे अपने पूर्व संचित पुण्यों का प्रतिफल बताते हुए गुरु मां के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की। आगामी वर्ष में नोएडा की धरती पर ज्ञान, ध्यान, तप और संयम की त्रिवेणी प्रवाहित होगी तथा हजारों श्रद्धालु धर्म लाभ प्राप्त कर सकेंगे।

कार्यक्रम का समापन मंगल पाठ एवं धर्म प्रभावना से हुआ

इस अवसर पर पाद प्रक्षालन का सौभाग्य अशोक जैन अगोनिज एवं शिवाजी पार्क जैन समाज, अलवर को प्राप्त हुआ, जबकि मुख्य शास्त्र भेंट का पुण्यार्जन नोएडा जैन समाज ने किया। कार्यक्रम में उपस्थित भक्तों ने भक्ति एवं भाव-विभोर होकर अपने श्रद्धा-सुमन गुरु मां के चरणों में समर्पित किए। कार्यक्रम का समापन मंगल पाठ एवं धर्म प्रभावना के साथ हुआ। उपस्थित श्रद्धालुओं ने इसे जीवन का अविस्मरणीय आध्यात्मिक उत्सव बताते हुए गणिनी आर्यिका श्री आर्ष मति माताजी के प्रति श्रद्धा व्यक्त की।

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