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पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव के शुभारंभ में निकली कलश घटयात्रा : मां ना होती तो ऋषभदेव राम ना होते -आचार्य श्री विशुद्ध सागरजी 


निराला रंग बिहार में चल रहे पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव के शुभारंभ में घटयात्रा कुआ वाले जैन मंदिर से नगर भ्रमण करते हुए परेड चौराहे सदर बाजार राज टॉकीज मार्ग होते हुए निकली। बैंड बाजों के साथ महिलाएं हाथों में कलश लेकर हाथी पर सवार ध्वजारोहण कर्ता दिनेश कुमार जैन परिवार चल रहे थे।भिंड से सोनल जैन की यह रिपोर्ट पढ़िए, 


भिंड। निराला रंग बिहार में चल रहे पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव के शुभारंभ में घटयात्रा कुआ वाले जैन मंदिर से नगर भ्रमण करते हुए परेड चौराहे सदर बाजार राज टॉकीज मार्ग होते हुए निकली। बैंड बाजों के साथ महिलाएं हाथों में कलश लेकर हाथी पर सवार ध्वजारोहण कर्ता दिनेश कुमार जैन परिवार चल रहे थे। जैसे ही निराला रंग बिहार अयोध्या नगरी पहुंचे। वहां पर मंडप शुद्धि, ध्वजारोहणकर्ता दिनेश कुमार जैन परिवार एवं मंच उद्घाटनकर्ता दिनेश जैन मॉडल स्कूल परिवार के द्वारा प्रतिष्ठाचार्य अभिषेक जैन आशीष जैन ने विधि विधान से कराया।  इस अवसर पर पट्टाचार्य विशुद्ध सागर महाराज ने प्रवचनों में कहा की माँ ना होती तो तीर्थंकर ऋषभदेव, राम हम सब ना होते माँ वह जाननी है जिन्होंने कितने तीर्थंकर और महापुरुषों को जन्म दिया आज हम सबको उनका उपकार मानना चाहिए आजकल सुनने को मिलता है कि लोग बेटा बेटी में भेद कर रहे हैं बेटा है तो राग क्यों दोनों बालक बालिका धर्म संस्कृति को चलाते हैं। पट्टाचार्य ने आगे कहा कि हमें जन्म और मरण का उपकार मानना चाहिए लोग मरण का उपकार नहीं मानते तो कब तक शरीर में सड़े गले  बैठे रहोगे एक समय ऐसा आया कि नाक से कीड़े टपकने लगे उसकी पीड़ा देखकर लगता है कि ये चला जाए कैसे कर्म का बंद किया की कीड़े काट रहे हैं कीड़े यह कह रहे हैं कि दूसरों की निंदा करते थे गरीबों का पैसा खा लिया गरीबों की जमीन पर कब्जा कर लिया सब यही भोगना है कर्म किसी को नहीं छोड़ते।

महाराज ने कहा कि देश के मुखिया से कहो की बच्चे युवा मोबाइल का उपयोग कम करें इसमें समय बर्बाद हो रहा है बचपन से बुद्धि का विकास होता है इस सदमार्ग में लगाये जिनवाणी की बूंदे पढ़ने पर कभी ना कभी अंकुरित होती हैं।

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