राजस्थान के झालावाड़ जिले के खानपुर क्षेत्र में स्थित श्री आदिनाथ दिगंबर जैन अतिशय क्षेत्र चांदखेड़ी देश के प्रमुख जैन तीर्थों में अपनी विशिष्ट पहचान बनाए हुए है। भगवान आदिनाथ को समर्पित यह पवित्र तीर्थ न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि अपनी ऐतिहासिक विरासत और पुरातात्विक महत्व के कारण भी विशेष प्रसिद्धि रखता है। खानपुर से पढ़िए, राजीव सिंघई की यह रिपोर्ट…
खानपुर (झालावाड़)। राजस्थान के झालावाड़ जिले के खानपुर क्षेत्र में स्थित श्री आदिनाथ दिगंबर जैन अतिशय क्षेत्र चांदखेड़ी देश के प्रमुख जैन तीर्थों में अपनी विशिष्ट पहचान बनाए हुए है। भगवान आदिनाथ को समर्पित यह पवित्र तीर्थ न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि अपनी ऐतिहासिक विरासत और पुरातात्विक महत्व के कारण भी विशेष प्रसिद्धि रखता है। क्षेत्र से जुड़ी प्राचीन मान्यताओं के अनुसार भगवान आदिनाथ की प्रतिमा के प्राकट्य और स्थापना को लेकर अनेक प्रेरणादायक कथाएं प्रचलित हैं। श्रद्धालुओं का विश्वास है कि प्रतिमा को अन्य स्थान ले जाने का प्रयास किया गया था, किंतु रथ चांदखेड़ी में आकर रुक गया। इसे दिव्य संकेत मानकर यहीं भव्य जिनालय का निर्माण कराया गया। यह कथा आज भी क्षेत्र की प्रमुख लोक परंपराओं में शामिल है। आधुनिक काल में इस तीर्थ को नई पहचान दिलाने में मुनिपुंगव श्री सुधासागर जी महाराज का महत्वपूर्ण योगदान माना जाता है। उनके सान्निध्य में क्षेत्र में हुए उत्खनन के दौरान अनेक प्राचीन जैन प्रतिमाएं, शिल्प कृतियां और ऐतिहासिक अवशेष प्राप्त हुए। इन खोजों ने चांदखेड़ी की प्राचीनता और सांस्कृतिक समृद्धि को नई दृष्टि से सामने रखा तथा देशभर के श्रद्धालुओं और इतिहास प्रेमियों का ध्यान इस तीर्थ की ओर आकर्षित किया। क्षेत्र में विराजमान भगवान आदिनाथ की भव्य प्रतिमा श्रद्धालुओं के लिए विशेष श्रद्धा का केंद्र है। यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन, पूजन और अभिषेक के लिए पहुंचते हैं। भक्तों का मानना है कि यहां की आराधना से आत्मिक शांति प्राप्त होती है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
जैन संस्कृति और आध्यात्मिक चेतना का उज्ज्वल प्रतीक
विशाल धर्मशाला, भोजनशाला, सुंदर वास्तुकला और शांत आध्यात्मिक वातावरण से युक्त चांदखेड़ी अतिशय क्षेत्र आज धार्मिक पर्यटन का भी महत्वपूर्ण केंद्र बन चुका है। वर्षभर देश के विभिन्न राज्यों से हजारों श्रद्धालु यहां पहुंचकर भगवान आदिनाथ के दर्शन का लाभ प्राप्त करते हैं। आस्था, इतिहास और पुरातात्विक धरोहर का अद्भुत संगम प्रस्तुत करने वाला चांदखेड़ी तीर्थ आज भी जैन संस्कृति और आध्यात्मिक चेतना का एक उज्ज्वल प्रतीक बना हुआ है। झालावाड़ का चांदखेड़ी अतिशय क्षेत्र केवल एक तीर्थ नहीं, बल्कि आस्था, इतिहास और संस्कृति की वह अमूल्य धरोहर है, जो श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक अनुभूति के साथ अपनी गौरवशाली विरासत से भी जोड़ती है।













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