आचार्य श्री पुष्पदंत सागर जी महाराज के शिष्य आचार्य श्री प्रसन्न सागरजी महाराज ने गुरुवार को प्रातः 7.30बजे धर्म नगरी डडूका में 7वर्षों बाद पुनः मंगल प्रवेश किया है। आचार्य श्री ससंघ अरथूना से प्रातः 6 बजे ससंघ ने मंगल विहार कर 11 किमी की अहिंसा पदयात्रा तय कर डडूका में मंगल प्रवेश किया। डडूका से पढ़िए, अजीत कोठिया की रिपोर्ट…
डडूका। आचार्य श्री पुष्पदंत सागर जी महाराज के शिष्य आचार्य श्री प्रसन्न सागरजी महाराज ने गुरुवार को प्रातः 7.30बजे धर्म नगरी डडूका में 7वर्षों बाद पुनः मंगल प्रवेश किया है। आचार्य श्री ससंघ अरथूना से प्रातः 6 बजे ससंघ ने मंगल विहार कर 11 किमी की अहिंसा पदयात्रा तय कर डडूका में मंगल प्रवेश किया। जैन समाज डडूका, जैन युवा समिति डडूका, महिला मंडल डडूका, जैन पाठशाला परिवार डडूका तथा सर्व समाज डडूका द्वारा गुरु के आगमन पर रामोर तालाब के पास भव्य अगवानी की गई और वहां से पार्श्वनाथ जिनालय डडूका लाया गया। स्थानीय पार्श्व सभागार में आचार्य श्री के मांगलिक प्रवचनों के बाद उनका पाद प्रक्षालन हुआ। परतापुर निवासी नव दीक्षित मुनि श्री सामायिक सागर जी (संजय भैया जी) तथा मुनि श्री अर्ध सागरजी (विनोद दोसी भैयाजी जी) मुनि श्री अप्रमत सागर जी (भरत भाई पालोदावाले), मुनि श्री परिमल सागरजी (राघवेश मैयावत), गणिनी माताजी आर्यिका श्री ज्ञान प्रभा जी, आर्यिका चारित्र प्रभा जी, आर्यिका श्री धर्म प्रभा माताजी, क्षुल्लिका श्री द्रव्य प्रभा माताजी एवं क्षुल्लिका भाव प्रभा माताजी अपनी दीक्षा के बाद पहली बार डडूका पधार रहे हैं।
आचार्य संघ आगमन को लेकर डडूका दिगंबर जैन समाज का रोम रोम पुलकित है। आचार्य श्री प्रसन्न सागरजी के हर मास एक उपवास कार्यक्रम को लेकर यहां हर कोई उत्साहित हैं। आहारचर्या के बाद दिन में चार बजे गुरु पूजा कार्यक्रम हुआ। समाज की महिलाएं केसरिया साड़ी में कलशों के साथ और पुरुष श्वेत वस्त्रों में संघ की अगवानी करने उपस्थित रहे। सायंकाल आचार्य श्री ससंघ रैयाना के लिये विहार करेंगे।













Add Comment