जैनाचार्य श्री सिद्धांत सागर महाराज की परम प्रभावक शिष्या आर्यिका श्री संगममति माताजी ससंघ का वर्षायोग हेतु अम्बाह में भव्य मंगल प्रवेश हुआ। नगर में श्रद्धा, भक्ति और उत्साह का वातावरण रहा तथा 29 जुलाई को वर्षायोग मंगल कलश स्थापना होगी। पढ़िए श्रीफल साथी मनोज जैन नायक की यह रिपोर्ट।
अम्बाह (मुरैना)। जैनाचार्य श्री सिद्धांत सागर महाराज की परम प्रभावक शिष्या आर्यिका श्री संगममति माताजी ससंघ का वर्षायोग हेतु अम्बाह नगर में भव्य एवं मंगलमय प्रवेश हुआ। नगर सीमा पर जैन समाज के अध्यक्ष जिनेश जैन (पूर्व अध्यक्ष, नगर पालिका) के नेतृत्व में समाजजनों ने श्रीफल अर्पित कर पूज्य आर्यिका संघ का स्वागत किया तथा नगर प्रवेश का विनम्र निवेदन किया।
भव्य शोभायात्रा से हुआ मंगल प्रवेश
पूज्य आर्यिका संघ का नगर में विशाल शोभायात्रा के रूप में प्रवेश कराया गया। बैंड-बाजों, जयघोष एवं भक्तिमय वातावरण के बीच शोभायात्रा पोरसा चौराहा, टेकचंद स्कूल, फनी वीडियो, जैन धर्मशाला एवं परेड जैन मंदिर से होती हुई जैन बगीची पहुँची, जहाँ धर्मसभा का आयोजन हुआ।
श्रद्धालुओं ने किया पाद प्रक्षालन एवं स्वागत
नगर भ्रमण के दौरान विभिन्न स्थानों पर श्रद्धालु महिलाओं ने आर्यिका माताजी के पाद प्रक्षालन कर आरती उतारी। शोभायात्रा में “महावीर कहो, महावीर सुनो”, “तेरे पाँच हुए कल्याण प्रभु”, “पारसनाथ शिखर पर भलों विराजो जी” तथा “मंत्र णमोकार हमें प्राणों से प्यारा” जैसे भजनों पर श्रद्धालु भक्तिभाव से झूमते रहे।
वर्षायोग का महत्व बताया
धर्मसभा को संबोधित करते हुए आर्यिका श्री संगममति माताजी ने कहा कि वर्षायोग का मुख्य उद्देश्य अहिंसा धर्म का पालन करना है। वर्षाकाल में असंख्यात सूक्ष्म जीवों की उत्पत्ति होती है, इसलिए जैन साधु-संत चार माह एक ही स्थान पर रहकर साधना करते हैं। इससे वे आत्मकल्याण के साथ समाज को भी धर्म, संयम और आत्मोन्नति का संदेश देते हैं।
29 जुलाई को होगा मंगल कलश स्थापना समारोह
जैन समाज के अध्यक्ष जिनेश जैन ने बताया कि इस वर्ष अम्बाह में आर्यिका श्री का वर्षायोग सम्पन्न होगा। इससे चार माह तक नगर में धर्म, स्वाध्याय और संस्कारों का वातावरण रहेगा। प्राप्त जानकारी के अनुसार 29 जुलाई को भव्य समारोह में वर्षायोग मंगल कलश स्थापना की जाएगी, जिसकी तैयारियाँ जैन बगीची में प्रारंभ हो चुकी हैं।
धर्मसभा एवं अतिथियों का सम्मान
धर्मसभा का शुभारंभ श्रीमती ऊषा भंडारी के मंगलाचरण से हुआ तथा मंच संचालन विमल जैन ‘राजू’ ने किया। मुरार से आए श्रद्धालुओं ने माताजी को श्रीफल अर्पित कर आशीर्वाद प्राप्त किया। जैन समाज अम्बाह की ओर से सभी अतिथियों का पंचरंगी पट्टी एवं माल्यार्पण कर सम्मान किया गया।













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