अथाई मीडिया इंटरनेशनल और अखिल भारतीय जैन पत्र संपादक संघ की ओर से 10 दिवसीय नेपाल भारत मैत्री यात्रा के तहत 24 मई से 2 जून तक नेपाल जैन परिषद के तत्वावधान में कमल पोखरी स्थित भगवान महावीर जैन निकेतन में अंतरराष्ट्रीय विद्वत् संगोष्ठी और पत्रकार सम्मेलन हुआ। इसमें बड़ी संख्या में विद्वानों ने भाग लिया। काठमांडू से पढ़िए,राजीव सिंघई मोनू यह खबर…
काठमांडू। अथाई मीडिया इंटरनेशनल और अखिल भारतीय जैन पत्र संपादक संघ की ओर से 10 दिवसीय नेपाल भारत मैत्री यात्रा के तहत 24 मई से 2 जून तक नेपाल जैन परिषद के तत्वावधान में कमल पोखरी स्थित भगवान महावीर जैन निकेतन में अंतरराष्ट्रीय विद्वत् संगोष्ठी और पत्रकार सम्मेलन नेपाल जैन परिषद के अध्यक्ष सुशील जैन की अध्यक्षता तथा आचार्य डॉ. लक्ष्मण पंथी, कार्यकारी निदेशक नेपाल सरकार संस्कृति पर्यटन तथा नागरिक उड्डयन मंत्रालय के मुख्य आतिथ्य में हुआ। अभा पोस्ट संपादक संघ के मीडिया प्रभारी डॉ. जयेंद्र के अनुसार विशिष्ट अतिथि के रूप में भगवान महावीर जैन निकेतन के अध्यक्ष लोकमान्य गोलछा, ज्योतिकुमार बेगानी(पूर्व अध्यक्ष नेपाल जैन परिषद), दिनेशकुमार नौलख(अध्यक्ष नेपाल श्वेतांबर तेरापंथ सभा), फूलकुमार लालवानी (अध्यक्ष भगवान महावीर जैन निकेतन ) और ज्योतिषविद् पिनारका मिस्त्री-मुंबई की उपस्थिति ने समारोह में चार चांद लगा दिए। स्थानीय समाज सेवियों में सुभाष सेठी, पंकज जैन और सुमित जैन की उपस्थिति उल्लेखनीय रही। समारोह में अथाई मीडिया इंटरनेशनल के अध्यक्ष डॉ. जयेंद्रकीर्ति स्वामी जी, संस्था के संस्थापक और निदेशक डॉ.अखिल बंसल, जैन पत्र संपादक संघ के अध्यक्ष जगदीशप्रसाद जैन एवं कार्याध्यक्ष अनिल जैन आईपीएस के साथ समागत अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर समारोह का शुभारंभ किया। स्वागताध्यक्ष वीरेन्द्र सरावगी ने सभी आगत अतिथियों का रुद्राक्ष की माला पहनाकर और दुपट्टा उड़ाकर सम्मान किया। डॉ. अल्पना जैन ने सभी का परिचय प्रस्तुत किया। इस अवसर पर डॉ. जयेंद्र कीर्ति जी द्वारा नेपाली भाषा में अनूदित आचार्य श्री विद्यासागर जी की कृति ‘मूकमाटी’ व आचार्य विशुद्ध सागर जी की कृति ‘वस्तुत्व
महाकाव्य’ के साथ प्राकृत और संस्कृत के अध्येता विद्वान डॉ. श्रीयांशकुमार की कृति ‘जोग सारो सहज योग ख्याति संस्कृत टीका’ का विमोचन मंचासीन अतिथियों ने किया। डॉ. अखिल बंसल द्वारा संपादित पाक्षिक पत्र समन्वय वाणी के नेपाल यात्रा विशेषांक तथा जगदीशप्रसाद द्वारा संपादित जैसवाल जैन जागरण के नवीन अंक का विमोचन भी अतिथियों ने किया।
अथाई मीडिया इंटरनेशनल का परिचय दिया
विश्व के इतिहास में यह पहला अवसर होगा, जब भारत के बाहर अन्य देश में इस प्रकार की संगोष्ठी, पत्रकार सम्मेलन और साहित्योत्सव जैसा कार्यक्रम एक साथ कराया गया हो। नेपाल जैन परिषद के सुमित जैन ने कुशलता पूर्वक मंच संचालन किया। संगठन के संस्थापक और निदेशक डॉ. अखिल बंसल ने विस्तार से अथाई मीडिया इंटरनेशनल का परिचय दिया। संगोष्ठी में उपस्थित वक्ताओं ने दिए गए विषयों पर अपने सारगर्भित विचार रखे। विद्वत् संगोष्ठी का संचालन डॉ.र राजीव प्रचंडिया संपादक जय कल्याण श्री ने किया। डॉ. जयेंद्र कीर्ति स्वामी जी ने मूकमाटी एवं वस्तुत्व महाकाव्य पर प्रकाश डालते हुए अथाई मीडिया इंटरनेशनल से सभी को जुड़ने का आह्वान किया। समारोह में सभी को प्रशस्ति पत्र और पशुपतिनाथ मंदिर का सुंदर मोमेंटो भेंट किया गया।
भगवान बुद्ध के जन्म स्थान पर श्रद्धा सुमन अर्पित
27 मई की रात्रि में स्वामी जयेंद्र कीर्ति जी की अध्यक्षता तथा पंकज व सुमति के आतिथ्य में साहित्योत्सव आयोजित किया गया। जिसका संचालन स्वाति ‘सरू’ जैसलमेरिया जोधपुर ने किया। साहित्योत्सव में उपस्थित साहित्यकारों ने अपनी भावपूर्ण प्रस्तुति से सभी को मंत्र मुग्ध कर दिया। समागत अतिथियों ने भाव-विभोर होकर सभा को संबोधित किया और इस प्रकार के कार्यक्रम के आयोजन के लिए सभी का आभार व्यक्त किया। तीन दिन तक काठमांडू के दर्शनीय स्थलों का भ्रमण करते हुए दो दिवस पोखरा के प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लिया। 31 मई को लुम्बनी में भगवान बुद्ध के जन्म स्थान पर जाकर सभी आगंतुकों ने श्रद्धा सुमन अर्पित किए।
पांच जैन तीर्थंकरों की जन्म भूमि पर किए प्रकट भाव
1 और 2 जून को सभी ने यात्रा संघ के साथ अयोध्या में राम मंदिर, हनुमानगढी और पांच जैन तीर्थंकरों की जन्म भूमि पर जाकर श्रद्धा भाव प्रकट किए। रत्नपुरी और श्रावस्ती में भी भगवान धर्मनाथ व भ.संभवनाथ जी के जन्म कल्याणक क्षेत्र के दर्शन किए। स्मरण रहे कि 24 मई को भगवान मल्लिनाथ व भगवान नमिनाथ की जन्मभूमि मिथिलापुरी के साथ सभी ने सीतामढ़ी व जनकपुरी जाकर भगवान श्री राम वास सीता माता के प्रति श्रद्धा भाव प्रकट किया। इस प्रकार अथाई मीडिया इंटरनेशनल की ओर से 10 दिवसीय विदेश यात्रा का समापन हुआ। इस यात्रा का संयोजन संगठन के संस्थापक और निर्देशक डॉ. अखिल बंसल के नेतृत्व में किया गया। नेपाल से डॉ. लक्ष्मण पंथी को संगठन में कार्याध्यक्ष, सुमित जैन को विदेश प्रभार और सुशील सेठी को नेपाल का समन्वयक मनोनीत किया गया। दल में 44 सदस्य थे।













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