समाचार

वार्षिक अधिवेशन में अनेक महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित : शताधिक विद्वानों की गरिमामयी उपस्थिति में हुआ भव्य समारोह 


अखिल भारतवर्षीय दिगम्बर जैन शास्त्रि-परिषद् का शिक्षण-प्रशिक्षण शिविर एवं पुरस्कार अलंकरण समारोह विगत दिनों केशवरायपाटन में संपन्न हुआ। इसमें विद्वानों की मौजूदगी में कई प्रस्तावों पर सहमति बनी। आयोजन आर्यिका स्वस्ति भूषण माताजी ससंघ के सानिध्य में हुआ। केशवराय पाटन से पढ़िए, डॉ. सुनील जैन संचय की यह रिपोर्ट…


केशवराय पाटन (बूंदी)। श्री मुनिसुव्रतनाथ दिगम्बर जैन अतिशय क्षेत्र, केशवराय पाटन में गणिनी आर्यिकारत्न श्री स्वस्ति भूषण माता जी ससंघ के पावन सान्निध्य में अखिल भारतवर्षीय दिगंबर जैन शास्त्रि-परिषद् के तत्वावधान में शिक्षण-प्रशिक्षण शिविर, वार्षिक अधिवेशन एवं पुरस्कार अलंकरण समारोह 25 से 30 मई तक आध्यात्मिक वातावरण में हुआ। इस आयोजन में देश के विभिन्न क्षेत्रों से पधारे शताधिक विद्वानों ने सहभागिता की। शिविर के दौरान ध्यान एवं योग, भक्तियों का स्वरूप, ज्योतिष, मुहूर्त, प्राकृत भाषा, धर्मध्यान एवं शुक्लध्यान, मूर्ति विज्ञान सहित विविध विषयों पर वरिष्ठ विद्वानों एवं विदुषियों द्वारा प्रशिक्षण प्रदान किया गया।

कार्यकारिणी बैठक में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय 

28 मई की रात्रि में परिषद् के अध्यक्ष डॉ. श्रेयांस कुमार जैन बड़ौत की अध्यक्षता में कार्यकारिणी समिति की बैठक आयोजित हुई, जिसमें संस्था के आगामी कार्यक्रमों, विभिन्न गतिविधियों एवं समाजोपयोगी कार्यों पर गहन विचार-विमर्श कर महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।

साधारण सभा का अधिवेशन संपन्न 

29 मई को साधारण सभा का खुला अधिवेशन किया गया। जिसमें कोषाध्यक्ष पंडित सुखमाल जैन सहारनपुर ने आय-व्यय विवरण प्रस्तुत किया तथा महामंत्री ब्र. जयकुमार जैन निशांत टीकमगढ़ ने गत बैठक की कार्रवाई का वाचन किया।

अनेक महत्वपूर्ण प्रस्ताव प्रस्तुत 

अधिवेशन में विद्वानों ने विभिन्न सामाजिक, धार्मिक एवं सांस्कृतिक विषयों पर अपने विचार रखे। चर्चा के बाद अनेक महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किए गए। इनमें जनगणना में धर्म के कॉलम में जैन एवं भाषा के कॉलम में प्राकृत भाषा अंकित करने, आचार्य श्री शांतिसागरजी छाणी आचार्य पद पदारोहण शताब्दी वर्ष समारोह, रीवा में आर्यिका माता जी के साथ हुई सड़क दुर्घटना एवं साधु सुरक्षा, भोजशाला प्रकरण में जैन संस्कृति से जुड़े प्रमाणों की उपेक्षा, मंदिरों एवं जैन आयतनों की दीवारों पर जैन प्रतीकों के निर्माण, दीक्षा प्रदाता द्वारा दीक्षार्थी को पूर्ण परिपक्व करने के बाद ही दीक्षा प्रदान करने सहित कई प्रस्ताव सम्मिलित रहे। साथ ही आर्यिका श्री स्वस्ति भूषण माता जी की प्रेरणा से जहाजपुर, सोनागिर, केशवरायपाटन, प्यावड़ी आदि तीर्थ क्षेत्र के जीर्णाेद्धार कार्यों के प्रति आभार व्यक्त किया गया तथा शोक संवेदनाओं से जुड़े प्रस्ताव भी पारित किए गए।

चंबल तट पर ध्यान-योग एवं भगवान मुनिसुव्रतनाथ का अभिषेक  

30 मई को प्रातः चंबल नदी के सुरम्य तट पर माताजी के साथ सभी विद्वानों, मुरैना गुरुकुल एवं नवागढ़ गुरुकुलम् के बच्चों ने ध्यान एवं योग किया। इसके बाद मूलनायक भगवान मुनिसुव्रतनाथ जी का भव्य अभिषेक एवं शांतिधारा हुई। जिसमें विद्वानों ने बोली लेकर पुण्यार्जन किया।

विद्वानों का हुआ सम्मान एवं उपाधियों से अलंकरण 

समापन समारोह में विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले विद्वानों को परिषद् के पुरस्कारों से सम्मानित किया गया। डॉ. मनोज निर्लिप्त अलीगढ़, डॉ. मोहन जैन मैसूर, महावीर शास्त्री आगरा, पंडित जयकुमार दुर्ग, पंडित प्रद्युम्न कुमार जैन शास्त्री जयपुर, चक्रेश शास्त्री मुरैना, डॉ. शैलेश जैन उदयपुर, पंडित सुरेश जैन दमोह, डॉ. राजेंद्र पाटिल श्रवणबेलगोला एवं डॉ. संजय शास्त्री टीकमगढ़ सहित दस विद्वानों को शास्त्रि-परिषद् के पुरस्कारों से अलंकृत किया गया। पंडित मनीष संजू टीकमगढ़ एवं डॉ. भरत शास्त्री इंदौर को प्रतिष्ठाचार्य तथा पंडित देवेंद्र शास्त्री केकड़ी एवं पंडित संतोष शाहगढ़ को विधानाचार्य की उपाधि प्रदान की गई। इस अवसर पर विभिन्न कृतियों का विमोचन भी हुआ। केशवराय पाटन अतिशय क्षेत्र प्रबंध कार्यकारिणी समिति के अध्यक्ष गुलाबचंद जैन (चूना वालों) सहित समिति के सदस्यों ने सभी विद्वानों का सम्मान किया। सकल जैन समाज एवं प्रबंध समिति द्वारा आगामी चातुर्मास के लिए आर्यिका संघ के लिए श्रीफल समर्पित किया गया।

शास्त्रि परिषद् कृ आर्षमार्गी विद्वानों की प्राचीन संस्था 

अध्यक्ष डॉ. श्रेयांस कुमार जैन बड़ौत ने कहा कि अखिल भारतवर्षीय दिगंबर जैन शास्त्रि-परिषद् आर्षमार्गी विद्वानों की शताधिक वर्ष पुरानी संस्था है, जिसने धर्म, दर्शन एवं समाज के क्षेत्र में अनेक उल्लेखनीय कार्य किए हैं। उन्होंने आयोजन के लिए प्रबंध समिति एवं सकल समाज का आभार व्यक्त करते हुए विद्वानों को आगामी कार्यों के लिए दिशा-निर्देशन प्रदान किया।

विद्वान समाज के मार्गदर्शक दीपक हैं – आर्यिका स्वस्तिभूषण माता जी

इस अवसर पर गणिनी आर्यिका श्री स्वस्तिभूषण माताजी ने कहा कि विद्वान दीपक की तरह समाज को प्रकाशित करता है। समाज की समस्याओं का समाधान विद्वानों को करना है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक परिवार अपने बच्चों को विद्वान बनाने का प्रयास करे, विद्वान अपने बच्चों को विद्वान बनाएं। माता जी ने विद्वानों के अध्ययन, साधना एवं परिश्रम की सराहना करते हुए वर्तमान समय की विसंगतियों को दूर करने में विद्वानों की महत्वपूर्ण भूमिका बताई और शास्त्रि-परिषद् के कार्यों की प्रशंसा की।

शताधिक विद्वानों की रही गरिमामयी उपस्थिति 

आयोजन में डॉ श्रेयांस कुमार जैन बडौत अध्यक्ष, ब्र. जयकुमार जैन निशांत टीकमगढ़, महामंत्री एवं संयोजक, पंडित विनोदकुमार जैन रजवांस उपाध्यक्ष, पंडित पवन दीवान सागर उपाध्यक्ष, पंडित जयंत सीकर उपाध्यक्ष, पंडित सुखमाल जैन सहारनपुर कोषाध्यक्ष, डॉ. आशीष जैन आचार्य सागर संयुक्तमंत्री, डॉ. सोनल कुमार जैन दिल्ली संयुक्त मंत्री, डॉ. सुनील जैन संचय ललितपुर प्रचारमंत्री, ब्रह्मचारी डॉ. धर्मेंद्रकुमार जैन जयपुर, पं.राजकुमार शास्त्री, सागर, ब्र. जिनेश मलैया इंदौर, सोमचंद जैन शास्त्री मैनवार (सह संयोजक शिविर), पं. प्रद्युम्न कुमार शास्त्री जयपुर ,डॉ शैलेश जैन उदयपुर , पंडित गजेन्द्र जैन (गुलगंज) केशवराव पाटन,पं उदय जैन शास्त्री कोटा, पं.जितेंद्र जैन शास्त्री, कोटा, पं.श्रीनंदन जैन, टीकमगढ़, डॉ. निर्मल शास्त्री, टीकमगढ़, पं. संजय जैन शास्त्री,टीकमगढ, डॉ राजेश शास्त्री ललितपुर, .मनीष संजू, टीकमगढ़, डॉ. भारत शास्त्री इंदौर, सचिन जैन ‘चिन्मय’ टीकमगढ, पं.विनोद जैन शास्त्री, बबीना कैंट,पं. महावीर प्रसाद जैन, आगरा, पं. इंद्रसेन जैन, सहारनपुर, ब्र. पं. कमल जैन हाथीशाह, भोपाल, डॉ. ज्योति बाबू शास्त्री, उदयपुर , डॉ ज्योति जैन खतौली, पं. अजित कुमार जैन बड़ागांव धसान , पं. सनत कुमार जैन, रजवांस, पं. विनय कुमार जैन, अहार जी, पं. अखिलेश शास्त्री, रामटोरिया , पं. सुनील कुमार जैन शास्त्री बड़ागांव, पंडित विवेक जैन (बलदेवगढ़) दिल्ली, डॉ. मनोज जैन श्निर्लिप्तश्, अलीगढ़, पं शशांक जैन सिघंई बड़ामलहरा , पं प्रशान्त शास्त्री मड़ावरा, पं कैलाश शास्त्री मैनवार, पं ऋषभ शास्त्री ललितपुर , पं. ब्रजेश शास्त्री महुआ, भीलवाड़ा ,देवेश कुमार शास्त्री बलेह , पंडित मुकेश विनम्र गुड़गांव, पं. अखिलेश शास्त्रीष्सुप्रज्ञष्रमगढा,पं.रमेशचंद जैन शास्त्री ‘दाऊ’ जोबनेर जयपुर, डॉ. राजेंद्र पाटिल, श्रवणबेलगोला, पं देवेन्द्रकुमार जैन शास्त्री, केकड़ी, पं. जयकुमार, दुर्ग, पं. संजय जैन शास्त्री टीकमगढ़, चन्द्रेश शास्त्री भोपाल, पं. शैलेंद्र जैन शास्त्री भेलसी. पं. राजकुमार शास्त्री, भगवा, पं. चक्रेश शास्त्री मुरैना, पं.उदयचंद्र शास्त्री, सागर, मनीष विद्यार्थी, सागर, पं. राजकुमार जैन, कर्द, डॉ बाहुबली जैन, इंदौर, सविता शास्त्री, बड़नगर, पं अशोक जैन शास्त्री खतौली, पं. ऋषभ कुमार जैन बड़ागांव, अंकित जैन, बडागांव (धसान) आदि शताधिक विद्वान उपस्थित रहे।

आप को यह कंटेंट कैसा लगा अपनी प्रतिक्रिया जरूर दे।
+1
0
+1
0
+1
0
Shree Phal News

About the author

Shree Phal News

Add Comment

Click here to post a comment

You cannot copy content of this page