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लोभ मान माया के त्याग करने से ही सुख की प्राप्ति होंगी : आचार्य श्री इंद्रनंदी महाराज ससंघ के सानिध्य में हो रही है धर्म की प्रभावना 


दिगंबर जैन परिषद के तत्वावधान में आचार्य श्री शांतिसागर सभागार एम.डी. जैन, हरिपर्वत पर आचार्य श्री इंद्रनंदी महाराज ससंघ एवं आर्यिका श्री विशुद्धमति माताजी, विज्ञमति माताजी ससंघ की धर्मसभा का शुभारंभ गुरुवार को आगरा दिगंबर जैन परिषद के पदाधिकारी ने दीप प्रज्वलन कर किया। आगरा से पढ़िए, राहुल जैन की रिपोर्ट…


आगरा। दिगंबर जैन परिषद के तत्वावधान में आचार्य श्री शांतिसागर सभागार एम.डी. जैन, हरिपर्वत पर आचार्य श्री इंद्रनंदी महाराज ससंघ एवं आर्यिका श्री विशुद्धमति माताजी, विज्ञमति माताजी ससंघ की धर्मसभा का शुभारंभ गुरुवार को आगरा दिगंबर जैन परिषद के पदाधिकारी ने दीप प्रज्वलन कर किया। मुनि श्री युगनंदी महाराज ने धर्मसभा में कहा कि सब जीव जगत में सुख चाहते हैं, पर जीव दया धर्म दान पूजन से दूर रहते हैं। जब तक प्रभु का स्मरण नहीं करोगे, लोभ मान माया का त्याग नहीं करोगे तो कुछ मिलने वाला नहीं है। अपने उत्तम जैन कुल में जन्म लिया है तो संयम को धारण करो तभी सुख और महावीर मिलेंगे। आर्यिका विज्ञमति माताजी ने धर्मसभा में कहा कि महावीर भगवान का जिन शासन काल 86 हजार वर्ष तक रहेगा। भगवान ने कथनी और करनी में कोई अंतर नहीं रखा। इसलिए वह तीर्थंकर बने, आचार्य पूज्य पाद स्वामी ने कहा कि एक दिन तो पत्थर के भी दिन बदलते हैं।

तीर्थंकर महावीर के समवशरण में ज़ब तक गणधर का निमित्त नहीं था तब तक तीर्थंकर की वाणी नहीं खीरी। आचार्य इंद्रनंदी महाराज ने भी धर्मसभा को संबोधित किया। इस मौके पर आगरा दिगंबर जैन परिषद के पन्नालाल बैनाड़ा, अध्यक्ष जगदीश प्रसाद जैन, महामंत्री मनीषकुमार जैन, कोषाध्यक्ष राकेश जैन, उपमंत्री विमल जैन, प्रचार मंत्री आशीष जैन मोनू, संगठन मंत्री सतेन्द्र जैन साहूला, आदित्य जैन, अविनाश जैन,मुन्ना लाल जैन पंकज जैन, उषा जैन मार्सनस, कांता जैन, मीडिया प्रभारी राहुल जैन, सकल जैन समाज मौजूद था। शुक्रवार को प्रातः 8.15 बजे से मुनि संघ एवं आर्यिका के मंगल प्रवचन आचार्य शांति सागर सभागार में होंगे।

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