वरिष्ठ ज्योतिषाचार्य डॉ. हुकुमचंद जैन ने बताया कि अब 14 मार्च की रात 1:01 बजे से सूर्य के मीन राशि में प्रवेश से मलमास होने से विवाह, गृह प्रवेश, देव प्रतिष्ठा आदि पर 14 अप्रैल को प्रातः 9:32 बजे तक रोक लगी है, वो हटेगी। मुरैना से पढ़िए, मनोज जैन नायक की यह खबर…
मुरैना। कभी-कभी साल में कुछ ऐसा समय आता है जिससे शुभ कार्यों के मुहूर्तों पर रोक कुछ दिनों या महीनों के लिए लग जाती हैं। वरिष्ठ ज्योतिषाचार्य डॉ. हुकुमचंद जैन ने बताया कि अब 14 मार्च की रात 1:01 बजे से सूर्य के मीन राशि में प्रवेश से मलमास होने से विवाह, गृह प्रवेश, देव प्रतिष्ठा आदि पर 14 अप्रैल को प्रातः 9:32 बजे तक रोक लगी है, वो हटेगी।
वरिष्ठ ज्योतिषाचार्य डॉ. हुकुमचंद जैन ने बताया कि एक महीने बाद 14 मार्च से14 अप्रैल तक सूर्य मीन राशि में रहने से सभी शुभ कार्य के मुहूर्त रुके हुए थे। अब सूर्य 14 अप्रैल को प्रातः 9:32 बजे से मीन राशि से निकलकर मेष राशि में प्रवेश करेंगे। जो सूर्य की उच्च राशि भी है। इसके बाद 20 अप्रैल से पुनः विवाह, गृह प्रवेश, देव प्रतिष्ठा आदि शुभ कार्य के मुहूर्त आरंभ होंगे।
ये रहेंगे विवाह के आगे मुहूर्त- अप्रैल माह में 20, 21, 26
मई-05, 06, 07, 08, 14 जून-19, 20, 22, 23, 26, 27, 29
जुलाई -06, 07, 11
नवंबर -21, 24, 25, 26
दिसंबर-02, 03,11,12
आगे कब ओर क्यों रहेगी विवाह, गृह प्रवेश आदि शुभ मुहूर्तों पर रोक
ज्येष्ठ अधिक मास होने से – प्रथम ज्येष्ठ शुक्ल प्रतिपदा रविवार 17 मई से द्वितीय ज्येष्ठ कृष्ण अमावस्या सोमवार 15 जून तक।
गुरु तारा अस्त- आषाढ़ शुक्ल द्वितीया गुरुवार 16 जुलाई को गुरु तारा पश्चिम में अस्त होकर श्रावण कृष्ण एकादशी रविवार 9 अगस्त को पूर्व दिशा में उदय होगा। गुरु अस्त कालांश एवं अस्त से तीन दिन पूर्व तक वृद्धत्वकाल तथा उदय से तीन दिन तक बाल्यतावकाल भी वर्जित हैं।
हरि शयन काल – आषाढ़ शुक्ल एकादशी 15 जुलाई से कार्तिक शुक्ल एकादशी शुक्रवार 20 नवंबर तक देवशयन काल वर्जित है।
श्राद्ध पक्ष- भाद्र मास पूर्णिमा शनिवार 26 सितंबर से अमावस्या शनिवार 10 अक्टूबर तक महालय श्राद्ध पक्ष सभी शुभ कार्य में वर्जित है।
शुक्र तारा अस्त- अश्वनी शुक्ल चतुर्थी बुधवार 14 अक्टूबर को शुक्र तारा पश्चिम दिशा में अस्त होकर कार्तिक कृष्ण तृतीया बुधवार 28 अक्टूबर को पूर्व दिशा ने उदय होगा। शुक्र तारा अस्त कालांश एवं अस्त से तीन दिन पूर्व तक वृद्धावकाल तथा उदय से तीन दिन तक बाल्यकाल तक शुभ कार्य वर्जित हैं।
धनु मलमास- मार्गशीर्ष शुक्ल सप्तमी बुधवार 16 दिसंबर से पौष शुक्ल षष्ठी गुरुवार 14 जनवरी 2027 तक धनु राशि स्थित सूर्य संज्ञक पौष मलमास वर्जित हैं।













Add Comment