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दस विद्यार्थियों को मिला रत्नाकर अवार्ड आठ मंदिर रहे बेस्ट : श्रमण संस्कार शिक्षण शिविर के भव्य समापन समारोह में शिविरार्थियो का उमड़ा सैलाब


शहर के 63 दिगम्बर जैन मंदिरों में गत 17 मई से चल रहे ग्रीष्मकालीन श्रमण संस्कार शिक्षण शिविरों का भव्य सामूहिक भव्य समापन समारोह रविवार को संस्थान के विद्या सुधा सभा मंडप में आयोजित हुआ। जयपुर से पढ़िए, यह खबर…


 जयपुर। श्री दिगंबर जैन श्रमण संस्कृति संस्थान सांगानेर, अखिल भारतीय श्रमण संस्कृति महिला महासमिति भारत के तत्वावधान तथा श्री दिगम्बर जैन महिला महासमिति राजस्थान और संयुक्त महिला संभाग के सहयोग से शहर के 63 दिगम्बर जैन मंदिरों में गत 17 मई से चल रहे ग्रीष्मकालीन श्रमण संस्कार शिक्षण शिविरों का भव्य सामूहिक भव्य समापन समारोह रविवार को संस्थान के विद्या सुधा सभा मंडप में आयोजित हुआ। प्रचार-प्रसार प्रभारी पदम जैन बिलाला ने बताया कि समारोह चित्र अनावरण राखी अजय गंगवाल द्वारा दीप प्रज्वलन अशोक कुमार शकुन्तला चांदवाड़ द्वारा तथा पद्मावती कालोनी व हीरा पथ के विद्यार्थियों द्वारा मंगलाचरण के साथ प्रारंभ हुआ। समारोह शिरोमणि- समाजसेविका श्राविका श्रेष्ठी सुशीला पाटनी, शांता पाटनी, तारिका पाटनी आरके मार्बल परिवार रहे तथा कार्यक्रम की अध्यक्षता एसके जैन ( आईपीएस) द्वारा की गई। आयोजन के अतिथि रेणु राणा तथा मुख्य अतिथि मंजू शर्मा सांसद थी। सम्माननीय अतिथि प्रेमचंद बगड़ा, विशिष्ट अतिथि रवि जैन डीआरएम और सचिन जैन दिल्ली सहित सभी अतिथियों का संस्थान के पदाधिकारियों द्वारा स्वागत अभिनंदन किया गया। संस्थान के अध्यक्ष एसके जैन द्वारा स्वागत संबोधन के बाद शीतलचंद शास्त्री ने अपने विचार रखे ।

सांसद मंजू शर्मा द्वारा संस्कार शिविरों की प्रशंसा की गई। शिविरार्थी बच्चों द्वारा प्रस्तुत संस्मरण सराहनीय रहे साथ ही “संतों की सुरक्षा धर्म की रक्षा” नाटक की विवेक विहार मंदिरों के बालको की प्रस्तुति ने तालियाँ बटोरी। इधर,शिविरों में अध्यापन का कार्य कराने वाले विद्वानों व विदुषियों के सम्मान में सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। महाविद्यालय अधिष्ठात्री व शिविरों की प्रणेता शीला डोड्या ने बताया कि पूरे देश में 2000 से अधिक स्थानों पर शिविरों का आयोजन हुआ है । उन्होंने कहा की शहर में 10 विषयों में प्रथम स्थान प्राप्त कर्ता को रत्नाकर एवार्ड दिया गया साथ ही चार विशेष पुरष्कार भी दिए गए। इधर जयपुर के 63 मंदिरों में पढ़ाये गये विषयों में प्रथम द्वितीय व तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले छात्रों को एवम् चयनित श्रेष्ठ आठ मंदिरों को ( राधा निकुंज मंदिर ,अंबाबाड़ी मंदिर ,वरुण पथ मानसरोवर, एसएफएस मानसरोवर ,थड़ी मार्केट मानसरोवर ,महारानी फार्म गायत्रीनगर ,धाबास , जैन मंदिर संघी जी का मंदिर मनिहारो का रास्ता ) सम्मानित किया गया ।

रत्नाकर एवार्ड में प्रमाण पत्र , ट्रॉफी व रू 2100 रुपए नगद पुरस्कार दिया गया तथा शिविर में आयोजित अन्य प्रतियोगिताओं- हाइकू चित्रकला में छ: , भजन में पाँच, भाषण में पाँच, हाइकु वाचन में पाँच, व नाटक में तीन विजेताओं को पुरस्कृत किया गया। संस्थान के मंत्री सुरेश कासलीवाल, निदेशक डॉ. वंदना जैन , महिला समिति आँचल अध्यक्षा शालिनी बाकलीवाल , कोषाध्यक्ष विद्युत लुहाड़िया सहित संस्थान के पदाधिकारियों कि गरिमामय उपस्थिति रही। जयपुर शिविर प्रभारी विनीता जैन, दीपिका बिलाला, चंदा सेठी व अंजना जैन के अभिनंदन के साथ ही सभी अधीक्षकों का भी अभिनंदन किया गया। बहुत ही व्यवस्थित व कुशल मंच संचालन बालक अद्विक सेठी, मोनिक जैन तथा शीला ड्योडा, विनीता जैन ने किया।

शिविर से जुड़े सभी कर्मठ सहयोगियों का सादर अभिनंदन किया गया। शिविरों के मुख्य संयोजक उत्तम चंद पाटनी के संबोधन के बाद संस्थान के कार्याध्यक्ष प्रमोद पहाड़िया ने सभी का शाब्दिक धन्यवाद ज्ञापित किया।आयोजन में मंदिरों के अध्यक्ष मंत्री संयोजक सहित दो हज़ार से भी अधिक शिविरार्थी व गणमान्य महानुभावो की गरिमामय उपस्थिति रही।

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