Tag - Jain Discourse

समाचार

संतों के दर्शन से धर्मात्मा का हृदय आनंदित होता है, जैसे मेघों को देखकर मयूर नृत्य करने लगता है : आचार्य उदारसागर : संतों का सान्निध्य आत्मा को जागृत कर जीवन में संयम, संस्कार और सद्भाव का संचार करता है

मुरैना के बड़े जैन मंदिर में आयोजित धर्मसभा में आचार्य श्री उदारसागरजी महाराज ने संतों के सान्निध्य को आत्मजागरण का माध्यम बताया। मुनि श्री उपशांत सागरजी ने...

समाचार

कृष्ण लेश्या और शुक्ल लेश्या का वैज्ञानिक विश्लेषण : वैज्ञानिक धर्माचार्य कनक नंदीजी ने बताया भावों की शुद्धि का मार्ग

सागवाड़ा में आयोजित अंतरराष्ट्रीय वेबीनार में वैज्ञानिक धर्माचार्य कनक नंदीजी गुरुदेव ने कृष्ण लेश्या और शुक्ल लेश्या के स्वरूप, उनके प्रभाव तथा आत्मकल्याण में...

समाचार

आचार्यश्री निर्भय सागर जी महाराज के मंगल प्रवचन में उमड़ी श्रद्धालुओं की आस्था : आत्मकल्याण, संयम और सदाचार का दिया संदेश

आगरा के जयपुर हाउस स्थित श्री शांतिनाथ दिगंबर जैन मंदिर में आचार्यश्री निर्भय सागर जी महाराज के मंगल प्रवचन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने धर्मलाभ प्राप्त...

समाचार

कर्मों के अनुसार बनता है जीव का शरीर – आचार्य वर्धमान सागर: जयपुर में प्रवचन के दौरान सरल उदाहरणों से समझाया कर्म का गूढ़ विज्ञान

जयपुर में विराजित आचार्य वर्धमान सागर जी ने प्रवचन में बताया कि जीव का शरीर उसके कर्मों के अनुसार बनता है। विभिन्न मंदिरों के दर्शन और स्वाध्याय के बीच...

समाचार

श्रावक दान और पूजा करने का कर्तव्य अवश्य निभाए: आचार्य श्री कनक नंदीजी: वेबीनार में बताया—आहार दान है सर्वोत्तम, भाव से की गई पूजा ही देती है सच्चा फल

भिलुड़ा से आयोजित अंतरराष्ट्रीय वेबीनार में आचार्य कनक नंदीजी ने कहा कि श्रावक को व्यस्त जीवन में भी दान और पूजा का कर्तव्य निभाना चाहिए। आहार दान को सर्वोत्तम...

समाचार

साधु संत चलते फिरते तीर्थ हैं – मुनिश्री विबोधसागर जी : साधु संत संयमी जीवन की प्रेरणा देते हैं – मुनिश्री विलोकसागर

मुरैना के बड़े जैन मंदिर में आयोजित धर्मसभा में मुनिश्री विलोकसागरजी और मुनिश्री विबोधसागरजी ने साधु संतों के महत्व पर प्रवचन दिया। उन्होंने कहा कि जैन साधु...

समाचार

धर्म नगरी मुरैना में दसलक्षण महापर्व के अवसर पर तत्वार्थ सूत्र का वाचन : मुनि श्री विलोक सागर जी के सानिध्य में नीरज शास्त्री कर रहे हैं तत्वार्थ सूत्र के मंत्रों का पाठ

मुरैना के पारसनाथ दिगंबर जैन मंदिर में दसलक्षण महापर्व के अंतर्गत तत्वार्थ सूत्र ग्रंथ का विशेष वाचन चल रहा है। विद्वान नीरज जैन शास्त्री सूत्रों का पाठ कर रहे...

समाचार

धर्म और आत्मा का असली स्पर्श तब होता है, जब मनुष्य भीतर से बदलने को तैयार होता है : चोर चोरी से जाए, पर हेराफेरी से न जाए – आचार्य विनिश्चयसागर

रामगंजमंडी में आयोजित जैन धर्मसभा में आचार्य श्री विनिश्चयसागर जी ने मनुष्य के आचरण और मूल्यों को केंद्र में रखकर संयम और सच्चाई की महत्ता पर बल दिया। उन्होंने...

समाचार

चातुर्मास प्रवचन में मुनि श्री अजित सूरीश्वरजी का राष्ट्र नीति पर चिंतन : शतावधान” कार्यक्रम में होगा ध्यान, राष्ट्र और संस्कृति का संगम

इंदौर के तिलक नगर में चातुर्मास कर रहे जैन संत अजित सूरीश्वर जी ने राष्ट्र नीति और सामाजिक अव्यवस्थाओं पर विचार रखते हुए चन्द्रगुप्त मौर्य युग की नीति को आदर्श...

समाचार

आत्मविश्वास, मंत्र शक्ति और निर्मल भावों पर दिया ज्ञानवर्धक प्रवचन; निर्मल परिणाम जीवन को भी निर्मल बनाते हैं – आचार्य श्री विनिश्चय सागर जी

रामगंजमंडी में आचार्य श्री विनिश्चय सागर महाराज ने मंगल प्रवचन में कहा कि यदि हमारे परिणाम निर्मल होंगे तो जीवन भी निर्मल होगा। उन्होंने आत्मविश्वास, मंत्र जाप...

You cannot copy content of this page