श्रावण मास का शुभारंभ इस वर्ष श्रवण नक्षत्र में होने से देश के अनेक भागों में अच्छी वर्षा के योग बन रहे हैं। वरिष्ठ ज्योतिषाचार्य डॉ. हुकुमचंद हिमांशु जैन ने अगस्त माह में वर्षा की संभावना और प्रमुख ग्रह-नक्षत्र संयोगों की जानकारी दी। पढ़िए श्रीफल साथी मनोज जैन नायक की यह रिपोर्ट
मुरैना। इस वर्ष श्रावण मास का शुभारंभ 30 जुलाई से श्रवण नक्षत्र में हो रहा है, जिसे ज्योतिषीय दृष्टि से शुभ माना गया है। वरिष्ठ ज्योतिषाचार्य डॉ. हुकुमचंद हिमांशु जैन के अनुसार इस संयोग से देश के अनेक क्षेत्रों में अच्छी वर्षा के प्रबल योग बन रहे हैं।
श्रावण मास का धार्मिक महत्व
डॉ. जैन ने बताया कि श्रावण मास 30 जुलाई से प्रारंभ होकर 28 अगस्त तक रहेगा। इस अवधि में चार सोमवार विशेष धार्मिक महत्व के होंगे। पहला सोमवार 3 अगस्त, दूसरा 10 अगस्त, तीसरा 17 अगस्त (नागपंचमी) तथा चौथा 24 अगस्त को रहेगा।
अगस्त में वर्षा के संकेत
उन्होंने बताया कि 9 अगस्त को गुरु ग्रह के उदय एवं मृगशिरा नक्षत्र के संयोग से अधिकांश क्षेत्रों में अच्छी वर्षा होने की संभावना है। वहीं 12 अगस्त को आर्द्रा नक्षत्र में मंगल के प्रभाव तथा 15 अगस्त को अश्लेषा नक्षत्र में बुध के प्रवेश से कुछ स्थानों पर अत्यधिक वर्षा, बाढ़ एवं जलभराव जैसी परिस्थितियाँ भी बन सकती हैं।
किन क्षेत्रों में अधिक संभावना
ज्योतिषीय आकलन के अनुसार मध्यप्रदेश के भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, भिंड एवं मुरैना सहित उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, बिहार, महाराष्ट्र और केरल में अच्छी से भारी वर्षा के योग बन रहे हैं।
ज्योतिषीय पूर्वानुमान
डॉ. हुकुमचंद हिमांशु जैन ने स्पष्ट किया कि यह पूर्वानुमान ज्योतिषीय गणनाओं एवं ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति पर आधारित है।













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