समाचार

गुरुमुख से णमोकार मंत्र श्रवण करते हुए नश्वर देह को त्यागा : साध्वी विश्वशांताश्री का विरागोदय तीर्थ में हुआ समाधिमरण महोत्सव


गणचार्य श्री विराग सागर जी महामुनिराज की शिष्या आर्यिका 105 श्री विश्वशांता श्री माताजी का पूज्य गणाचार्य के श्रीमुख से पंच नमस्कार मंत्र एवम् आत्मसंबोधन सुनते हुये सात मार्च को प्रातः 6.16 बजे निर्विघ्न रूप से समाधिमरण सम्पन्न हुआ। पढ़िए राजेश रागी बकस्वाहा की विशेष रिपोर्ट…


पथरिया। यहां के विरागोदय तीर्थ की पुण्यधरा पर परम पूज्य भारत गौरव राष्ट्रसंत गणचार्य श्री विराग सागर जी महामुनिराज के कुशल निर्यापकाचार्यत्व तथा 56 पिच्छी के मंगलमयी सानिध्य में पूज्यगणाचार्य की सुशिष्यापूज्य श्रमणी आर्यिका 105 श्री विश्वशांता श्री माताजी का पूज्य गणाचार्य के श्रीमुख से पंच नमस्कार मंत्र एवम् आत्मसंबोधन सुनते हुये सात मार्च को प्रातः 6.16 बजे निर्विघ्न रूप से समाधिमरण सम्पन्न हुआ।

12 वर्षीय संल्लेखना व्रत

ज्ञातव्य है कि 91 वर्षीय माताजी की क्षुल्लिका दीक्षा पूज्य गणाचार्य श्री के पावन कर कमलों से 16 मार्च 2015 को श्रेयांशगिरी में संपन्न हुई थी। दीक्षा उपरांत 9 वर्ष तक रत्नत्रय के तेला अष्टमी चतुर्दशी उपवास मौन साधना इत्यादि विशेष त्याग तपस्या करते हुए 12 वर्षीय संल्लेखना व्रत भी पूज्य गुरुदेव से श्री सम्मेद शिखर जी में वर्ष 2018 में ग्रहण किया था। बीते छह मार्च को माताजी की गंभीर स्थिति देखते हुए पूज्य गणाचर्य गुरुदेव ने इन्हे आर्यिका दीक्षा प्रदान कर यम संल्लेखना व्रत के साथ चतुर्विध आहार का त्याग करवाया और सात मार्च को माताजी ने गुरुमुख से णमोकार मंत्र श्रवण करते हुए नश्वर देह को त्याग दिया। पूज्य माता जी की विशेष रुचि अध्ययन, जाप, तीर्थवंदना में सदैव रही थी।

संक्षिप्त जीवन परिचय 

गृहस्थ नाम – श्रीमती शांति देवी जैन

जन्म स्थान – छतरपुर (मप्र)

ग्रहस्थ जीवन के पति – श्री अच्छेलाल जैन डेवडिया

प्रतिमाव्रत – 7 प्रतिमा पूज्य गणाचार्या गुरुदेव से

क्षुल्लिका दीक्षा – 16 मार्च, 2015 (श्रेयांशगिरि) पन्ना,

आर्यिका दीक्षा – 6 मार्च 2023 श्री विरागोदाय तीर्थक्षेत्र पथरिया

समाधि – 7 मार्च 2023 श्री विरागोदय तीर्थ पथरिया

आप को यह कंटेंट कैसा लगा अपनी प्रतिक्रिया जरूर दे।
+1
3
+1
1
+1
1
Shreephal Jain News

About the author

Shreephal Jain News

Add Comment

Click here to post a comment

You cannot copy content of this page