समाचार

गोमटगिरी तीर्थ में भगवान बाहुबली का महामस्तकाभिषेक के साथ नया वर्ष 2025 मनाया गया : तीन दिवसीय “उदय” कार्यक्रम “भावनायोग” का समापन


भगवान बाहुबली का महामस्तकाभिषेक के साथ नया वर्ष 2025 मुनि श्री प्रमाण सागर महाराज ससंघ के आशीर्वाद के साथ मनाया गया। तीन दिवसीय “उदय” कार्यक्रम “भावनायोग” का समापन किया गया। पढ़िए राजेश जैन दद्दू की एक रिपोर्ट…


इंदौर। “नया वर्ष 2025 नई खुशियाँ और नये संकल्प के साथ आगे बढ़ें” यह उद्गार परम पूज्य मुनि श्री प्रमाणसागर महामुनिराज ने गोमटगिरी तीर्थ पर भगवान बाहुबली के महामस्तकाभिषेक एवं तीन दिवसीय युवाओं को दिए जा रहे मोटीवेशन शिविर “भावनायोग” के समापन पर व्यक्त किए। प्रवक्ता अविनाश जैन ने बताया, परम पूज्य मुनि श्री ने युवाओं से संवाद करते हुए सभी को “बचपन” में ले गए और कहा, याद करो उस बचपन में जब आपसे कोई भी गलती हो जाती थी तो आप उन गलतियों को मां-बाप से तथा गुरु जनों से नहीं छुपाते नहीं थे। भोलेपन में सारी बातें बता देते थे, लेकिन अब आप लोग बड़े और समझदार हो गये हो। अपनी बड़ी-बड़ी गलतियों को मां-बाप और गुरुजनों से छिपाने लगे हो। जब कि तुम जानते हो मां-बाप और गुरुजनों को अपनी कमजोरियां बताओगे तो वह आपको सही मार्ग बताऐंगे। उन्होंने लगभग एक घंटे “भावनायोग” के माध्यम से सभी को 2025 नये वर्ष में नए संकल्प, उत्साह के साथ जीवन जीने के तरीके बताए। सभी को आशीर्वाद प्रदान किया।

भगवान बाहुबली का महामस्तकाभिषेक किया गया

इस अवसर पर संघसत मुनि श्री निर्वेगसागर जी महाराज एवं मुनि श्री संधान सागर महाराज सहित समस्त क्षुल्लक गण मंचासीन थे। भावनायोग के बाद भगवान बाहुबली का महामस्तकाभिषेक प्रारंभ हुआ। जिसका प्रथम अभिषेक करने का सौभाग्य गुणायतन के शिरोमणि संरक्षक एवं धर्म प्रभावना समिति के महामंत्री हर्ष तृप‌ति जैन परिवार को मिला। बड़ी संख्या में जैन समाज जन उपस्थित हुए। प्रातः 7.30 बजे से “योग” की कक्षा थी। जिसमें स्वास्थ्य संबंधित सभी जानकारियां दी गईं। उसके बाद एक घंटे का भावनायोग मुनि श्री के मुखारविंद से शुभारंभ हुआ। जिसमें युवावर्ग के साथ बड़ी संख्या में इंदौर नगर के नागरिक शामिल हुए। इस अवसर पर इंदौर शहर के दानवीर भरत कुसुम मोदी का नागरिक अभिनंदन किया गया। इसमें श्री बाहुबली दिगंबर जैन मंदिर ट्रस्ट धर्मप्रभावना समिति एवं सकल दिगंबर जैन समाज तथा इंदौर के सभी समाजसेवी संस्थाओं के पदाधिकारियों ने शॉल-श्रीफल एवं तिलक के साथ सम्मान किया गया।

ये सभी उपस्थित रहे

इस अवसर पर गुणायतन के कार्याध्यक्ष सुभाष जैन, एनसी जैन दिल्ली, धर्मप्रभावना समिति के अध्यक्ष अशोक रानी डोसी, नवीन आनंद गोधा महामंत्री हर्ष तृप्ति जैन, मुकेश पाटोदी गौम्मटगिरी ट्रस्ट के महामंत्री सौरभ पाटौदी, मुकेश टोंग्या, प्रेम सांवरिया, प्रीतपाल टोंग्या, नकुल पाटोदी, दिलीप गोधा एवं समाज के वरिष्ठ आरके जैन, रनेका डॉ. जैनेन्द्र जैन, सुशील पांड्या, नरेंद्र वेद, संदीप जैन, मोर्या कैलाश वेद, निर्मल कासलीवाल, मनीष अजमेरा, संजय पाटोदी, पिंकेश टोंग्या, कुशलराज जैन, अनिल जैनको, महावीर जैन, मुक्ता जैन, रानी डोसी, अनामिका बाकलीवाल आदि सभी पदाधिकारी उपस्थित थे।

नागरिक अभिनंदन किया गया

संचालन बाल ब्र. अभय भैया ने किया। श्री सम्मेदशिखर तीर्थ पर गुणायतन द्वारा बनाए जा रहे विशाल तीर्थ के सामने ही भरत मोदी ने विशाल मंदिर एवं आधुनिक धर्मशाला का निर्माण किया है। उस मंदिर एवं धर्मशाला का संपूर्ण संचालन, गुणायतन के हाथों सौंपकर निश्चिंत हो गए। इसी क्रम में लश्करी मंदिर इंदौर का संचालन भी गुणायतन के हाथों सौंप दिया। गुणायतन कमेटी श्री सम्मेदशिखर, धर्मप्रभावना समिति इंदौर तथा जैन समाज इंदौर ने उनके उदारतापूर्ण निर्णय के मद्देनजर उनका नागरिक अभिनंदन किया गया।

आप को यह कंटेंट कैसा लगा अपनी प्रतिक्रिया जरूर दे।
+1
5
+1
0
+1
0
Shreephal Jain News

About the author

Shreephal Jain News

Add Comment

Click here to post a comment

You cannot copy content of this page