सत्ता और हुकूमत का शौक सभी को होता है, होना भी चाहिए। यदि आपको राजा बनना है तो राजा के साथ रहने की विधि सीखना होगी। नेता बनना है तो अपने नेता की प्रशंसा करते हुए उसके हर काम में सहयोगी बनना चाहिए। यह उद्गार सुभाषगंज मैदान में धर्मसभा में मुनि पुगंव श्री सुधासागरजी महाराज ने व्यक्त किए। अशोकनगर से पढ़िए, यह खबर…
अशोक नगर। सत्ता और हुकूमत का शौक सभी को होता है, होना भी चाहिए। यदि आपको राजा बनना है तो राजा के साथ रहने की विधि सीखना होगी। नेता बनना है तो अपने नेता की प्रशंसा करते हुए उसके हर काम में सहयोगी बनना चाहिए। यह उद्गार सुभाषगंज मैदान में धर्मसभा में मुनि पुगंव श्री सुधासागरजी महाराज ने व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि राज़ा और राज्य दोनों में भी विभाजन होता है। राजा राम के समय हुआ पर हुकूमत अपनों पर नहीं होना चाहिए। जब राजा-राम गद्दी पर बैठने लगे तो और लक्ष्मण को अलग राज्य देना चाहा तो लक्ष्मण कहते हैं कि आप मुझे जिंदा देखना, उन्हें राज्य नहीं चाहिए लेकिन, श्री राम ने छोटे भाई शत्रुघ्न को मथुरा का राज सौंपा ये भाई बांट होती है। हुकुमत में भले बड़े पद पर पहुंच जाना लेकिन, अपने छोटे भाइयों पर हुकूमत मत करना नहीं तो राज्य बिगड़ जाएगा। घर बिगड़ जाएगा। उन्होंने कहा कि सम्यक दृष्टि राजा बनना चाहता है। उसका उद्देश्य लोगों को न्याय दिलाना होता है प्रजा को न्याय दिलाने के लिए प्रजा के सुख के लिए अच्छे राजा युद्ध तक लड़ जाते हैं। श्री कृष्ण ने मथुरा की प्रजा को सुखी बनाने के लिए युद्ध किया। राज नेता चढ़ने वाले की सीढ़ी को तोड़कर आगे बढ़ता है। वहीं धर्म नेता अपने पीछे की सीढ़ी को देख कर चलता कि कहीं पीछे की सीढ़ी टूट तो नहीं गई। यदि सीढ़ी को कुछ भी क्षति पहुंची है तो धर्मात्मा उसको सुधार कर आगे बढ़ता चला जाता है।
पत्रकारों का हुआ सम्मान
इसके पहले जैन समाज के मंत्री विजय धुर्रा ने बताया कि श्री दिगंबर जैन पंचायत कमेटी के अध्यक्ष राकेश कांसल महामंत्री राकेश अमरोद कोषाध्यक्ष सुनील अखाई ने नगर के पत्रकारों को श्री मद् जिनेन्द्र पंच कल्याणक महोत्सव एवं विश्व शांति महायज्ञ का स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। मंगलवार को पंचायत कमेटी सभी महिला मंडलों को सम्मानित किया गया। इस दौरान महिला महा समिति यह परिषद श्री विद्यासागर महिला मंडल, श्री सुधा सागर महिला मंडल, वामा देवी, त्रिशला देवी बहू बेटी महिला मंडल सहित सभी मंडलों को मुनि पुगंव श्री सुधासागरजी महाराज ससंघ के सान्निध्य में सम्मानित किया गया। इस दौरान कमेटी ने सभी सदस्यों को स्मृति चिन्ह पीत वस्त्र श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया।













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