मुनि पुगंव श्री सुधासागरजी महाराज ससंघ 18 पिच्छिका के सान्निध्य एवं प्रतिष्ठाचार्य प्रदीप भैया सुयश के निर्देशन में 17 से 22 जून तक हो रहे श्रीमद् जिनेन्द्र...
Tag - मुनि पुगंव श्री सुधासागरजी
सत्ता और हुकूमत का शौक सभी को होता है, होना भी चाहिए। यदि आपको राजा बनना है तो राजा के साथ रहने की विधि सीखना होगी। नेता बनना है तो अपने नेता की प्रशंसा करते...
हमारे आचार-विचार एक हैं। खानपान एक होना चाहिए। हमारी संस्कृति सभ्यता को हम आगे बढ़ाएं। हर चीज की सीमा करो यहां तक की खाने पीने की भी सीमा कर सकते हैं।यह उद्गार...
युवा वर्ग ने बहुत सेवा की सेवा के बदले कुछ नहीं चाहना ही सच्ची भक्ति है। भक्ति सिर्फ भगवान के चरणों में बैठकर नहीं होती भगवान की भक्ति करने वाले की व्यवस्था...
दूसरों की छोटी-छोटी गलतियां दिख जाती हैं। हम अपनी ग़लतीया नहीं देखते। अपने जीवन को अच्छा बनाने के लिए सबसे पहले हमें अपनी गलती को देखने की कला सिखाना होगी। यह...








