सत्ता और हुकूमत का शौक सभी को होता है, होना भी चाहिए। यदि आपको राजा बनना है तो राजा के साथ रहने की विधि सीखना होगी। नेता बनना है तो अपने नेता की प्रशंसा करते...
Tag - Religious Assembly
हमें जो प्रकृति से मिला है उसका स्वागत करना है। इस जिंदगी को गुजारो मत जिंदगी को नैगलेक्ट मत करो। यह उद्गार मुनिश्री सुधा सागर सभागार में धर्मसभा में मुनिश्री...
आचार्य श्री वर्धमान सागर जी महाराज 35 पिच्छी भट्टारक जी की नसिया जयपुर में संघ सहित विराजित हैं। आज उपदेश में बताया कि संसारी प्राणी ऊंट की भांति कर्मों का वजन...
विवेकपूर्ण व्यक्ति संसार में यश प्राप्त करते हैं और अविवेकी व्यक्ति उपहास के पात्र बनते हैं। किसी भी कार्य को करने से पूर्व व्यक्ति को अपने विवेक का इस्तेमाल...
आचार्यों ने कहा है कि धर्म तो प्रारंभ से ही करना चाहिए। बुढ़ापे में जब आपके अंग शिथिल हो जाएंगे तो धर्म की उपासना कैसे होगी। यह उद्गार आचार्यश्री विराग सागरजी...
एक दिगम्बर जैन साधु सबकुछ छोड़कर निर्भय होकर विचरण करते हैं। पूर्वाचार्यों ने कहा है कि जोड़ने की अभिलाषा ही दुःख का कारण है। यह विचार मुनि श्री विध्रुव सागर...
बड़वानी नगर में विराजित आचार्य श्री विशुद्ध सागर जी के शिष्य मुनि श्री प्रणुत सागर जी महाराज ने मंगलवार को बड़वानी दिगंबर जैन मंदिर में धर्मसभा को संबोधित किया।...
दूसरों की छोटी-छोटी गलतियां दिख जाती हैं। हम अपनी ग़लतीया नहीं देखते। अपने जीवन को अच्छा बनाने के लिए सबसे पहले हमें अपनी गलती को देखने की कला सिखाना होगी। यह...
परमात्मा की भक्ति से हर संकट टल जाते हैं। स्वस्तिक बनाने से माता लक्ष्मी का आगमन होता है। यह उद्बोधन उपप्रवर्तक श्रुतमुनि महाराज ने महावीर भवन इमली बाजार में...
आचार्य विशुद्ध सागर जी महाराज ने यहां धर्मसभा में श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि श्रेष्ठ विद्वान वही है, जो नैतिक जीवन जिये, जो अशांति के कारणों से...








