हम सभी जानते हैं कि ग्रहों की दशा मानव जीवन को प्रभावित करती है। 1 जून की रात्रि 1:48 बजे गुरु मिथुन राशि से निकल कर कर्क राशि में प्रवेश करेंगे। मुरैना से पढ़िए, मनोज जैन नायक की यह खबर…
मुरैना। हम सभी जानते हैं कि ग्रहों की दशा मानव जीवन को प्रभावित करती है। 1 जून की रात्रि 1:48 बजे गुरु मिथुन राशि से निकल कर कर्क राशि में प्रवेश करेंगे। कर्क राशि में 31 अक्टूबर तक रहने के बाद सिंह राशि में प्रवेश कर जाएंगे । पुनः 24 जनवरी 2027 से पुनः कर्क राशि में चले जाएंगे। वरिष्ठ ज्योतिषाचार्य डॉ.हुकुमचंद जैन ने बताया कि देश-दुनिया पर इस का सकारात्मक प्रभाव देखने मिलेगा। जनता जनार्दन और देश में शिक्षा, धर्म, आध्यात्मिकता और सामाजिक कल्याण से जुड़े कार्यों में वृद्धि, कृषि, जल संसाधन, दुग्ध व्यवसाय तथा खाद्य क्षेत्र को लाभ होगा। जनकल्याणकारी योजनाओं और सामाजिक सुरक्षा पर सरकारों का अधिक ध्यान रहेगा। परिवार, संस्कृति और परंपराओं के प्रति लोगों का झुकाव बढ़ सकता है। 8 जून से कर्क राशि में शुक्र के पहुंचने से वर्षा प्रारंभ हो सकती है एवं 22 जून से कर्क राशि में बुध +गुरु+शुक्र युति चलने से कही-कही भारी वर्षा, बाढ़, अतिवृष्टि या जल से संबंधित घटनाओं से जन धन की हानि पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता रह सकती है। 29 मई से 22 जून तक बुध का अपनी स्वयं की मिथुन राशि में रहने और 8 जून तक शुक्र ग्रह से युति करने से चिकित्सा, शिक्षा और अनुसंधान क्षेत्र में नई प्रगति देखने को मिल सकती है। ज्योतिषाचार्य डॉ हुकुमचंद जैन के अनुसार 12 में से पांच राशि वालों कर्क, कन्या, तुला, वृश्चिक और मीन की किस्मत गुरु के कर्क राशि में प्रवेश से बुलंद होगी।
12 राशियों पर गुरु गोचर का क्या रहेगा प्रभाव
मेष राशि- मेष राशि वालों के लिए चौथे भाव में गुरु। मकान, वाहन, भूमि सुख में वृद्धि। माता का सहयोग मिलेगा। व्यापार और नौकरी में स्थिरता।
वृषभ राशि- वृष राशि वालों के लिए तीसरे भाव में गुरु।
पराक्रम और साहस बढ़ेगा। छोटे भाई-बहनों से लाभ।
नए कार्यों की शुरुआत संभव।
मिथुन राशि- मिथुन राशि वालों के लिए दूसरे भाव में गुरु। धन संचय के अवसर, परिवार में शुभ कार्य, वाणी से लाभ मिलेगा।
कर्क राशि- कर्क राशि वालों के लिए प्रथम भाव में उच्च गुरु। व्यक्तित्व प्रभावशाली बनेगा, सम्मान, प्रतिष्ठा और उन्नति। विवाह योग्य जातकों के लिए अच्छे अवसर।
सिंह राशि- सिंह राशि वालो के लिए बारहवें भाव में गुरु।
धार्मिक यात्राएं संभव, खर्चों में वृद्धि, विदेश संबंधी कार्यों में सफलता।
कन्या राशि- कन्या राशि वालों के लिए ग्यारहवें भाव में गुरु। आय में वृद्धि, मित्रों और बड़े लोगों का सहयोग, रुके हुए कार्य पूर्ण होंगे।
तुला राशि- तुला राशि वालों के लिए दशम भाव में गुरु। केरियर में उन्नति, पदोन्नति और सम्मान, व्यवसाय विस्तार के अवसर।
वृश्चिक राशि- वृश्चिक राशि वालों के लिए गुरु नवम भाव में। भाग्योदय का समय, धर्म-कर्म में रुचि, उच्च शिक्षा और यात्राओं से लाभ।
धनु राशि- धनु राशि वालों के लिए गुरु अष्टम भाव में ।
अचानक परिवर्तन, शोध, बीमा, गुप्त विद्याओं में लाभ, स्वास्थ्य पर ध्यान आवश्यक।
मकर राशि- मकर राशि वालों के लिए सप्तम भाव में गुरु। विवाह और दांपत्य सुख, साझेदारी के कार्यों में लाभ, व्यापारिक समझौते सफल होंगे।
कुंभ राशि- कुंभ राशि वाले के लिए गुरु छठे भाव में । शत्रुओं पर विजय, प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता, स्वास्थ्य में सुधार की संभावना।
मीन राशि-मीन राशि वाले के लिए पंचम भाव में गुरु । संतान सुख में वृद्धि, शिक्षा और विद्या में सफलता, प्रेम संबंधों में अनुकूलता।













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