उत्तर प्रदेश के टोडी फतेहपुर से एक अत्यंत निंदनीय और धार्मिक अधिकारों के हनन का मामला सामने आया है। जहां कुछ रसूखदार तत्वों ने जैन मंदिर पर जबरन कब्जा कर रखा है और आम श्रद्धालुओं को भगवान के अभिषेक से पूरी तरह रोक दिया है। टोडी फतेहपुर से पढ़िए, यह रिपोर्ट…
टोडी फतेहपुर। उत्तर प्रदेश के टोडी फतेहपुर से एक अत्यंत निंदनीय और धार्मिक अधिकारों के हनन का मामला सामने आया है। जहां कुछ रसूखदार तत्वों ने जैन मंदिर पर जबरन कब्जा कर रखा है और आम श्रद्धालुओं को भगवान के अभिषेक से पूरी तरह रोक दिया है। इस मंदिर परिसर में गलत मानसिकता के तहत लैंगिक भेदभाव चरम पर है, जिसके चलते अकेली महिलाओं और बच्चियों को न तो स्वतंत्र रूप से पूजन करने दिया जा रहा है और न ही उन्हें शास्त्र पढ़ने या जैन धर्म के मूल ‘णमोकार मंत्र’ का जाप करने की अनुमति दी जा रही है। मंदिर पर राज कर रहे ये लोग देव-द्रव्य और मंदिर के चढ़ावे का दुरुपयोग कर उससे अपना घर चला रहे हैं और जब भी कोई ग्रामीण या श्रद्धालु इसका विरोध करता है तो ये तत्व स्थानीय पुलिस को पैसा देकर निर्दोष ग्रामीणों को मरवाने और प्रताड़ित करने की धमकियां देते हैं। अत्याचार की हदें तब पार हो गईं जब गुरसराय से दर्शन करने और वस्तुस्थिति समझने आए जैन समाज के श्रद्धालुओं के साथ मंदिर परिसर में सरेआम अभद्रता की गई और इसके अगले ही दिन जैन साध्वी के प्रति भी अत्यंत अमर्यादित और अशोभनीय अपशब्दों का प्रयोग किया गया। साधु-संतों और समाज के इस खुले अपमान के बाद अब पूरे देश के जैन समाज का धैर्य जवाब दे चुका है।
पीड़ित समाज ने पुरजोर मांग की है कि इस भ्रष्ट और दमनकारी जैन मंदिर कमेटी को तुरंत प्रभाव से निरस्त किया जाए, वर्तमान अध्यक्ष व पदाधिकारियों को हटाया जाए और स्थानीय गुटबाजी को खत्म करने के लिए भारत देश के किसी भी हिस्से से निष्पक्ष व योग्य जैन बंधुओं को चुनकर नई राष्ट्रीय कमेटी गठित की जाए। इस घोर अन्याय और तानाशाही के खिलाफ ‘जागो जैन जागो’ के राष्ट्रव्यापी आह्वान के साथ अब संपूर्ण जैन समाज एकजुट होकर दोषियों पर सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग कर रहा है।













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