आज दुनिया भर में ‘विश्व गौरैया दिवस’ मनाया जा रहा है. यह हर साल 20 मार्च को होता है। दुनिया भर में गौरैया पक्षी की संख्या तेजी से घट रही है। ऐसे में इस पक्षी...
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इस अवसर्पिणी युग का प्रारंभ ही स्त्री शक्ति के विकास एवं महत्व की सर्वाधिक महत्वपूर्ण आधारशिला है। प्रभु श्री आदिनाथ ने अपने ग्रहस्थावस्था में भी भोगभूमि से...
दिगम्बर जैन परम्परा के साधु की चर्चा आते ही मन-मस्तिष्क में कठोर तपस्वी, त्यागमूर्ति, संसार की समस्त क्रियाओं से उदासीन संत की छवि उभरती है। पुरूष संतो के साथ...
आदिपुराण में कहा गया है कि ‘कन्या रत्नात् परं नान्दय’ अर्थात् कन्यारत्न से बढ़कर कोई रत्न नहीं है। नारी की महत्ता उसके नारीत्व गुणों से है। श्रेष्ठ महापुरुषों...
इंदौर में बना जैन तीर्थ श्री सुमति नाथ मंदिर अयोध्या के मंदिर जैसा ही बना है, आध्यात्मिकता और मैनेजमेंट को समझने के लिए युवाओं के लिए यह मंदिर जैन शोध का विषय...
जैन धर्म में सात्विक भोजन करने का उपदेश तीर्थंकरों ने दिया। पूरे विश्व में जैन समाज की पहचान भी इसी से है। समय के चलते आज जैन परिवार भी जमीन में उगने वाले कंद...
संत शिरोमणि आचार्य श्री 108 विद्यासागर जी महाराज जी, देशवासियों के हृदय और मन-मस्तिष्क में सदैव जीवंत रहेंगे। आचार्य जी के संदेश उन्हें सदैव प्रेरित और आलोकित...
24 जैन तीर्थंकरों की आश्चर्यजनक रॉक-कट मूर्तियों से सजा जैन सिद्ध क्षेत्र गोपाचल ग्वालियर में है। चट्टान से उकेरी गई इन प्रभावशाली मूर्तियों का दौरा...
धर्म का मर्म में जानिए वसंत पंचमी का महत्व : बसंत पंचमी से माघ मास वाला दसलक्षण पर्व होता है प्रारंभ
बसंत पंचमी से माघ मास वाला दसलक्षण पर्व प्रारंभ होता है, वसंत पंचमी को ही आचार्य कुंदकुंद देव की जन्म तिथि है, ये सरस्वती की आराधना का दिन है। पढ़िए राजेश जैन...
यह सत्य है कि राम उत्सव देश का उत्सव था। हमें सब को मानना चाहिए था, नहीं मनाते तो ऐसा लगता कि समाज का हिस्सा नहीं है लेकिन क्या अपने अस्तित्व, स्वरूप को...








