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तीर्थंकर भगवान महावीर जन्मकल्याणक पर विशेष निवेदन आलेख : 101 वर्ष से जारी है अहिंसा यज्ञ, हमारी धरोहर-हमारी पहचान

मारोठ में बकरशाला में आज भी बलि के बकरे सुरक्षित रखे जाते है क्यों ? 101 वर्ष पहले मारोठ में एक सेठ हुए श्री बीजराज पाण्ड्या जो एक उत्कृष्ट श्रावक के रुप में...

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भारतवर्षीय दिगंबर जैन तीर्थ क्षेत्र कमेटी उत्तरप्रदेश- उत्तराखंड अंचल का दो दिवसीय आंचलिक अधिवेशन : तीर्थक्षेत्रों के संरक्षण, संवर्द्धन के लिए संकल्पित होने का समय

श्री अहिक्षेत्र पार्श्वनाथ अतिशय तीर्थक्षेत्र प्राकृतिक जलवायु एवं शुद्ध वातावरण के बीच शांत वातावरण में स्थित एक सुप्रसिद्ध तीर्थ भूमि है। मान्यता के अनुसार...

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मुनि दीक्षा दिवस पर विशेष आलेख: नक्षत्र बनकर जगमगाएंगेअतिवीर जी मुनिराज

प्रशममूर्ति आचार्य श्री 108 शान्तिसागर जी महाराज (छाणी) की पट्ट परम्परा में पंचम पट्टाधीश परम पूज्य आचार्य श्री 108 विद्याभूषण सन्मति सागर जी महाराज ने अपनी...

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31 मार्च दीक्षा दिवस पर विशेष : निद्रा विजेता कहलाए जैनाचार्य ज्ञानसागर महाराज

आचार्य श्री ज्ञान सागर जी महाराज ने समाज की मुख्य धारा से अलग-थलग रहने वाले बिहार, बंगाल, उड़ीसा के सराक बन्धुओं को समाज की मुख्य धारा में जोड़ते हुए उन्हें...

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साधना और मंगल भावना की संपूर्णता का नाम है पूज्य आर्यिका 105 श्री सृष्टि भूषण माताजी    आर्यिका105 सृष्टि भूषण माताजी अवतरण दिवस 23 मार्च पर विशेष आलेख    

आध्यात्म की सरिता स्वरूपा, आत्महित एवं परहित में संलग्न पूज्य माता श्री आर्यिका 105 श्री सृष्टि भूषण माताजी जी, साधना और मंगल भावना की संपूर्णता का नाम है।...

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विश्व गौरया दिवस आज : तकनीक का असर पड़ रहा है गौरैया पर

आज दुनिया भर में ‘विश्व गौरैया दिवस’ मनाया जा रहा है. यह हर साल 20 मार्च को होता है। दुनिया भर में गौरैया पक्षी की संख्या तेजी से घट रही है। ऐसे में इस पक्षी...

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समस्त विशालताओं में विशालतम है स्त्री : विश्व की समस्त विशालताओं में विशालतम है-परमात्मा, आसमां और महात्मा। किंतु ये शब्द संग्रह भी मां वर्ण के बिना अधूरे हैं, अपूर्ण हैं।

इस अवसर्पिणी युग का प्रारंभ ही स्त्री शक्ति के विकास एवं महत्व की सर्वाधिक महत्वपूर्ण आधारशिला है। प्रभु श्री आदिनाथ ने अपने ग्रहस्थावस्था में भी भोगभूमि से...

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अपने ज्ञान और अपनी तपस्या से पूरे समाज का पथ प्रदर्शन कर रही : दिगम्बर जैन परम्परा में आर्यिका रत्नों की समृद्ध परम्परा

दिगम्बर जैन परम्परा के साधु की चर्चा आते ही मन-मस्तिष्क में कठोर तपस्वी, त्यागमूर्ति, संसार की समस्त क्रियाओं से उदासीन संत की छवि उभरती है। पुरूष संतो के साथ...

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अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस विशेष : जैन धर्म की पताका फहराती प्रमुख जैन नारियां

आदिपुराण में कहा गया है कि ‘कन्या रत्नात् परं नान्दय’ अर्थात् कन्यारत्न से बढ़कर कोई रत्न नहीं है। नारी की महत्ता उसके नारीत्व गुणों से है। श्रेष्ठ महापुरुषों...

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अयोध्या के मंदिर जैसा है जैन तीर्थ श्री सुमति नाथ मंदिर : पंचकल्याणक में पहली बार बिना धन की बोली

इंदौर में बना जैन तीर्थ श्री सुमति नाथ मंदिर अयोध्या के मंदिर जैसा ही बना है, आध्यात्मिकता और मैनेजमेंट को समझने के लिए युवाओं के लिए यह मंदिर जैन शोध का विषय...

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