जैन समाज में चातुर्मास 20 जुलाई से प्रारंभ होगा। इस दौरान जैन साधु-साध्वी चार माह तक एक ही स्थान पर निवास कर आत्मसाधना करेंगे और करवाएंगे। प्रवचनों और त्याग...
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प्रथमाचार्य चारित्र चक्रवर्ती गुरुणाम गुरु आचार्य श्री शांतिसागर जी महाराज का 152वां वर्ष वर्धन “दिवस आषाढ़ कृष्णा छठ 6 दिनांक अनुसार 27 जून 2024 को है।...
एक समय था जब भारत भारतीयों की जीवन शैली का अभिन्न अंग हुआ करता था ध्यान योग परंतु समय बदला, परंपराएं बदलीं, जीवन शैली बदली और आधुनिकता की चकाचौंध में भारतीय...
जैन धर्म के अनुसार पानी छानने की जो भावना है वह जीव-दया की भावना है। जैन धर्म के अनुसार जल में त्रस जीव भी होते हैं। विज्ञान के अनुसार एक बूंद पानी में 36450...
देव शास्त्र और गुरु हमारे आराध्य हैं। ज्येष्ठ शुक्ल पंचमी जैन धर्म की पवित्र तिथि है। जिस दिन जिनवाणी माता पहली बार शास्त्र के रूप में अंकित हुईं, इसी कारण से...
मारोठ में बकरशाला में आज भी बलि के बकरे सुरक्षित रखे जाते है क्यों ? 101 वर्ष पहले मारोठ में एक सेठ हुए श्री बीजराज पाण्ड्या जो एक उत्कृष्ट श्रावक के रुप में...
श्री अहिक्षेत्र पार्श्वनाथ अतिशय तीर्थक्षेत्र प्राकृतिक जलवायु एवं शुद्ध वातावरण के बीच शांत वातावरण में स्थित एक सुप्रसिद्ध तीर्थ भूमि है। मान्यता के अनुसार...
प्रशममूर्ति आचार्य श्री 108 शान्तिसागर जी महाराज (छाणी) की पट्ट परम्परा में पंचम पट्टाधीश परम पूज्य आचार्य श्री 108 विद्याभूषण सन्मति सागर जी महाराज ने अपनी...
आचार्य श्री ज्ञान सागर जी महाराज ने समाज की मुख्य धारा से अलग-थलग रहने वाले बिहार, बंगाल, उड़ीसा के सराक बन्धुओं को समाज की मुख्य धारा में जोड़ते हुए उन्हें...
आध्यात्म की सरिता स्वरूपा, आत्महित एवं परहित में संलग्न पूज्य माता श्री आर्यिका 105 श्री सृष्टि भूषण माताजी जी, साधना और मंगल भावना की संपूर्णता का नाम है।...








