आज उत्तम सत्य धर्म का दिन है। जहां क्षमा , मार्दव , आर्जव , शौच आत्मा का स्वभाव है , वहीं सत्य- संयम- तप त्याग इन गुणों को प्रगट करने के उपाय हैं , या कहें कि...
Category - आलेख
सत्य को अपनाने से व्यक्ति खुद की वास्तविकता और आत्मा की गहराई को समझ सकता है। यह आत्म-साक्षात्कार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होता है। सत्य को जानने और...
जैन धर्म में सत्य को अत्यंत पवित्र माना जाता है। इसे सच्चाई और ईमानदारी के रूप में देखा जाता है। जैन ग्रंथों में सत्य को “सच्चा”...
दसलक्षण पर्व दिगंबर जैन परंपरा में प्रमुखता से मनाया जाता है। यह दस दिनों का एक विशेष धार्मिक उत्सव है। यह पर्व भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी से शुरू होकर...
श्रवणबेलगोला के समाधिस्थ बड़े स्वामी जी चारूकीर्ति भट्टारक जी को सामाजिक और धार्मिक योगदान के लिए जाना जाता है। उन्होंने समाज में नैतिकता, आध्यात्मिकता और...
श्रवणबेलगोला के समाधिस्थ बड़े स्वामी जी चारूकीर्ति भट्टारक जी को सामाजिक और धार्मिक योगदान के लिए जाना जाता है। उन्होंने समाज में नैतिकता, आध्यात्मिकता और...
श्रवणबेलगोला के समाधिस्थ बड़े स्वामी जी चारूकीर्ति भट्टारक जी को सामाजिक और धार्मिक योगदान के लिए जाना जाता है। उन्होंने समाज में नैतिकता, आध्यात्मिकता और...
महिला पर जब भी विपत्ति आती है तो यही होता है, संस्कारों को बेड़ियां कहकर अथवा सशक्तीकरण की दुहाई देकर अथवा अपराधी और उसके साथियों को आचरण व्यवहार को परिभाषित...
जैन धर्म के पर्युषण पर्व मनुष्य को उत्तम गुण अपनाने की प्रेरणा हैं। इन दिनों जैन धर्मावलंबी व्रत, तप, साधना कर आत्मा की शुद्धि का प्रयास करते हैं और स्वयं के...
प्रतिवर्ष श्रावण शुक्ल पूर्णिमा को रक्षाबंधन अत्यंत प्राचीन पर्व है। इसकी परम्परा अठारहवें तीर्थंकर अरहनाथ के तीर्थ से महामुनि विष्णुकुमार के निमित्त से...








