श्रवणबेलगोला के समाधिस्थ बड़े स्वामी जी चारूकीर्ति भट्टारक जी को सामाजिक और धार्मिक योगदान के लिए जाना जाता है। उन्होंने समाज में नैतिकता, आध्यात्मिकता और...
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श्रवणबेलगोला के समाधिस्थ बड़े स्वामी जी चारूकीर्ति भट्टारक जी को सामाजिक और धार्मिक योगदान के लिए जाना जाता है। उन्होंने समाज में नैतिकता, आध्यात्मिकता और...
महिला पर जब भी विपत्ति आती है तो यही होता है, संस्कारों को बेड़ियां कहकर अथवा सशक्तीकरण की दुहाई देकर अथवा अपराधी और उसके साथियों को आचरण व्यवहार को परिभाषित...
जैन धर्म के पर्युषण पर्व मनुष्य को उत्तम गुण अपनाने की प्रेरणा हैं। इन दिनों जैन धर्मावलंबी व्रत, तप, साधना कर आत्मा की शुद्धि का प्रयास करते हैं और स्वयं के...
प्रतिवर्ष श्रावण शुक्ल पूर्णिमा को रक्षाबंधन अत्यंत प्राचीन पर्व है। इसकी परम्परा अठारहवें तीर्थंकर अरहनाथ के तीर्थ से महामुनि विष्णुकुमार के निमित्त से...
जैन समाज में चातुर्मास 20 जुलाई से प्रारंभ होगा। इस दौरान जैन साधु-साध्वी चार माह तक एक ही स्थान पर निवास कर आत्मसाधना करेंगे और करवाएंगे। प्रवचनों और त्याग...
प्रथमाचार्य चारित्र चक्रवर्ती गुरुणाम गुरु आचार्य श्री शांतिसागर जी महाराज का 152वां वर्ष वर्धन “दिवस आषाढ़ कृष्णा छठ 6 दिनांक अनुसार 27 जून 2024 को है।...
एक समय था जब भारत भारतीयों की जीवन शैली का अभिन्न अंग हुआ करता था ध्यान योग परंतु समय बदला, परंपराएं बदलीं, जीवन शैली बदली और आधुनिकता की चकाचौंध में भारतीय...
जैन धर्म के अनुसार पानी छानने की जो भावना है वह जीव-दया की भावना है। जैन धर्म के अनुसार जल में त्रस जीव भी होते हैं। विज्ञान के अनुसार एक बूंद पानी में 36450...
देव शास्त्र और गुरु हमारे आराध्य हैं। ज्येष्ठ शुक्ल पंचमी जैन धर्म की पवित्र तिथि है। जिस दिन जिनवाणी माता पहली बार शास्त्र के रूप में अंकित हुईं, इसी कारण से...








