मारोठ में बकरशाला में आज भी बलि के बकरे सुरक्षित रखे जाते है क्यों ? 101 वर्ष पहले मारोठ में एक सेठ हुए श्री बीजराज पाण्ड्या जो एक उत्कृष्ट श्रावक के रुप में...
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श्री अहिक्षेत्र पार्श्वनाथ अतिशय तीर्थक्षेत्र प्राकृतिक जलवायु एवं शुद्ध वातावरण के बीच शांत वातावरण में स्थित एक सुप्रसिद्ध तीर्थ भूमि है। मान्यता के अनुसार...
प्रशममूर्ति आचार्य श्री 108 शान्तिसागर जी महाराज (छाणी) की पट्ट परम्परा में पंचम पट्टाधीश परम पूज्य आचार्य श्री 108 विद्याभूषण सन्मति सागर जी महाराज ने अपनी...
आचार्य श्री ज्ञान सागर जी महाराज ने समाज की मुख्य धारा से अलग-थलग रहने वाले बिहार, बंगाल, उड़ीसा के सराक बन्धुओं को समाज की मुख्य धारा में जोड़ते हुए उन्हें...
आध्यात्म की सरिता स्वरूपा, आत्महित एवं परहित में संलग्न पूज्य माता श्री आर्यिका 105 श्री सृष्टि भूषण माताजी जी, साधना और मंगल भावना की संपूर्णता का नाम है।...
आज दुनिया भर में ‘विश्व गौरैया दिवस’ मनाया जा रहा है. यह हर साल 20 मार्च को होता है। दुनिया भर में गौरैया पक्षी की संख्या तेजी से घट रही है। ऐसे में इस पक्षी...
इस अवसर्पिणी युग का प्रारंभ ही स्त्री शक्ति के विकास एवं महत्व की सर्वाधिक महत्वपूर्ण आधारशिला है। प्रभु श्री आदिनाथ ने अपने ग्रहस्थावस्था में भी भोगभूमि से...
दिगम्बर जैन परम्परा के साधु की चर्चा आते ही मन-मस्तिष्क में कठोर तपस्वी, त्यागमूर्ति, संसार की समस्त क्रियाओं से उदासीन संत की छवि उभरती है। पुरूष संतो के साथ...
आदिपुराण में कहा गया है कि ‘कन्या रत्नात् परं नान्दय’ अर्थात् कन्यारत्न से बढ़कर कोई रत्न नहीं है। नारी की महत्ता उसके नारीत्व गुणों से है। श्रेष्ठ महापुरुषों...
इंदौर में बना जैन तीर्थ श्री सुमति नाथ मंदिर अयोध्या के मंदिर जैसा ही बना है, आध्यात्मिकता और मैनेजमेंट को समझने के लिए युवाओं के लिए यह मंदिर जैन शोध का विषय...








