पार्ट 1 तीर्थ यात्रा पार्ट 1 मंदिरों के उत्तम शिखर पर लहरा रही है जिन धर्म की पताका पार्ट 2 तीर्थ यात्रा पार्ट 2 अद्भुत नक्काशी और भव्यता के साथ बने हैं...
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श्री क्षेत्र श्रवणबेलगोला के समाधिस्थ जगद्गुरु कर्मयोगी स्वस्तिश्री चारुकीर्ति भट्टारक स्वामी जी आज हमारे बीच नहीं हैं। आज उनका 75वां जन्म दिवस है। उनका जन्म 3...
समाज के हर वर्ग में चर्चा है कि हम दिगंबर जैन समाज का इतिहास, संस्कार, संस्कृति, तीर्थंकरों के उपदेश जन- जन तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। समाज में कोई ऐसा मजबूत...
महाराष्ट्र में जैन धर्म का एक लंबा इतिहास है। महाराष्ट्र में सबसे पुराना शिलालेख पुणे जिले के पाले गांव के पास एक गुफा में दूसरी शताब्दी ईसा पूर्व का जैन...
प्राचीन काल में मध्यप्रदेश जैन संस्कृति का समृद्ध इलाका रहा होगा, जहां आध्यात्मिक और धार्मिकता का प्रभाव जीवन के मूल धारा में सहज ही होता होगा। इसी कारण यहां...
अष्टान्हिका पर्व के अवसर पर अनंतानंत सिद्धों की भूमि शाश्वत भूमि तीर्थ राज सम्मेद शिखर जी में होगी सिद्धों की महा आराधना शुरू हुई। श्री सिद्धचक्र महामण्डल...
मन्दिर जी में घण्टा रहता है, उसे क्यों बजाते हैं? घंटा बजाते समय हमारे क्या भाव होने चाहिये ? ये प्रश्न प्रायः मन में उठते अवश्य हैं किन्तु यथार्थ समाधान नहीं...
जैन थाली में खाना काफी ज्यादा सिंपल होता है। वहीं जैन धर्म में कई सारी सब्जियों का त्याग बताया है। बावजूद इसके बहुत सारे ऐसी रेसिपी हैं जिनसे खाने को स्वादिष्ट...
श्रीफल जैन न्यूज़ आपके लिए लाया है जैन संस्कार क्रियाओं का अर्थ और उन्हें पूरा करने के विधि-विधान। जैन शास्त्र कहते है कि जैन संस्कृति से जुड़ी 53 क्रियाओं के...
मंदिर जाने से पहले सबसे पहले शुभ संकल्प करके दैनिक शौचादिक क्रियाओं से निपटकर, छने हुये जल से स्नान करना चाहिए। नहाते समय शैम्पू या चर्बीयुक्त साबुन प्रयोग...








