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सीए डॉ. अभिनव अग्रवाल ने स्टूडेंट्स को दिए एंटरप्रेन्योरशिप के टिप्स : एंटरप्रेन्योरशिप डवलपमेंट थ्रू क्रेडिट अवेयरनेस एंड फाइनेंशियल प्लानिंग पर अवेयरनेस प्रोग्राम


तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी के इंस्टीट्यूशन इन्नोवेशन काउंसिल- आईआईसी की ओर से एंटरप्रेन्योरशिप डवलपमेंट थ्रू क्रेडिट अवेयरनेस एंड फाइनेंशियल प्लानिंग पर अवेयरनेस प्रोग्राम में की चर्चा। मुरादाबाद से पढ़िए, प्रो. श्याम सुंदर भाटिया की यह रिपोर्ट…


मुरादाबाद। सीनियर सीए डॉ. अभिनव अग्रवाल ने कहा कि एंटरप्रेन्योरशिप की शुरुआत सही सोर्स ऑफ मनी से होती है, जिसमें परिवार की बचत- मार्जिन मनी का महत्वपूर्ण योगदान होता है। उन्होंने बचत और निवेश के अंतर को समझाते हुए कहा, बचत को एफडी और म्यूचुअल फंड सरीखे विकल्पों में निवेश करके बेहतर रिटर्न प्राप्त किया जा सकता है। क्रेडिट और लीवरेज की अवधारणा को सरल भाषा में समझाते हुए बोले कि सही तरीके से लिया गया ऋण व्यवसाय की वृद्धि को तेज कर सकता है। साथ ही उन्होंने ऋण स्वीकृति और वित्तीय विश्वसनीयता के लिए जरूरी आवश्यक दस्तावेज जैसे आधार, पैन और आयकर रिटर्न और फाइलिंग की महत्ता भी बताई। अच्छा क्रेडिट स्कोर भविष्य में आसान ऋण और कम ब्याज दर दिलाने में मदद करता है। डॉ. अग्रवाल तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी, मुरादाबाद के इंस्टीट्यूशन इन्नोवेशन काउंसिल- आईआईसी की ओर से एंटरप्रेन्योरशिप डवलपमेंट थ्रू क्रेडिट अवेयरनेस एंड फाइनेंशियल प्लानिंग पर जागरूकता कार्यक्रम में बतौर एक्सपर्ट बोल रहे थे। इससे पूर्व सीए डॉ. अभिनव अग्रवाल ने मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलित करके कार्यक्रम का शंखनाद किया। मुख्य वक्ता सीए डॉ.अभिनव अग्रवाल को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया।

अपनी व्यक्तिगत जानकारी सुरक्षित रखें

सीए डॉ. अभिनव अग्रवाल ने क्रेडिट कार्ड के फीचर्स, उपयोग, बिलिंग अनुशासन, क्रेडिट स्कोर और क्रेडिट रिपोर्ट के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने डिजिटल लेंडिंग एवं सुरक्षित लेनदेन पर जागरूक करते हुए आरबीआई के दिशा-निर्देश, फर्जी लोन ऐप्स की पहचान और साइबर धोखाधड़ी से बचाव के उपाय बताए। साथ ही स्टूडेंट्स को सलाह दी, वे अपनी व्यक्तिगत जानकारी सुरक्षित रखें और किसी भी प्लेटफॉर्म की सत्यता अवश्य जांचें। कार्यक्रम में उपभोक्ता अधिकार एवं शिकायत निवारण प्रणाली पर भी चर्चा करते हुए आरबीआई ओम्बड्समैन व्यवस्था और फेयर प्रैक्टिस कोड को समझाया गया। स्टार्टअप और एमएसएमई रजिस्ट्रेशन के महत्व पर भी प्रकाश डालते हुए बताया कि डीपीआईआईटी स्टार्टअप रजिस्ट्रेशन और उचित दस्तावेजीकरण से एंटरप्रेन्योर्स को सरकारी योजनाओं, सब्सिडी और फंडिंग के अवसरों का लाभ मिलता है। साथ ही यह रोजगार सृजन में भी सहायक है। अंत में इंटरैक्टिव सेशन में स्टूडेंट्स ने सवाल पूछे और एक्सपर्ट ने उनके प्रैक्टिकल जवाब दिए।

यह रहे मौजूद

कार्यक्रम में रवि कुमार, डॉ. योगेश कुमार, डॉ. रेनू चौधरी, डॉ. आभा तिवारी, राहुल गंगवार, विवेचना, डॉ. अर्चना जैन, डॉ. वर्षा राजपूत के साथ आरआईटी, फॉरेंसिक साइंस, ऑप्टोमेट्री, एमएलटी आदि के छात्र-छात्राएं मौजूद रहे। संचालन पलक गौर ने किया।

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