धामनोद स्थित श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर में अष्टाह्निका महापर्व के अवसर पर श्री नंदीश्वर महामंडल विधान का शुभारंभ श्रद्धा एवं भक्ति के साथ हुआ। भक्तिमय माहौल के बीच हुई वर्षा को श्रद्धालुओं ने शुभ संकेत मानते हुए आयोजन को आध्यात्मिक उल्लास के साथ मनाया। पढ़िए श्रीफल साथी की यह रिपोर्ट।
धामनोद। दिगंबर जैन समाज, धामनोद के तत्वावधान में श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर में मंगलवार से अष्टाह्निका महापर्व के अवसर पर नौ दिवसीय श्री नंदीश्वर महामंडल विधान का शुभारंभ विधि-विधान एवं भक्तिभाव के साथ किया गया। यह धार्मिक आयोजन 29 जुलाई तक विभिन्न पूजन, विधान एवं आराधनाओं के साथ सम्पन्न होगा।
कार्यक्रम के प्रथम दिवस भगवान का अभिषेक एवं शांतिधारा सम्पन्न हुई। इस पुण्यार्जन का सौभाग्य सुरक्षा-अजय जैन परिवार तथा पंडित नितिन जैन को प्राप्त हुआ। विधान का संचालन अशोक प्रधान के सान्निध्य में हुआ।
मीडिया प्रभारी यश जैन एवं समाज अध्यक्ष दीपक प्रधान ने बताया कि आयोजन की तैयारियों में समाज की कार्यकारिणी, महिला मंडल एवं समाजजनों ने कई दिनों से सक्रिय सहयोग दिया। मंदिर परिसर में आकर्षक सजावट एवं विद्युत रोशनी की विशेष व्यवस्था की गई।
विधान के शुभारंभ पर महिलाओं ने मंगल कलश स्थापना कर अष्ट प्रातिहार्यों की स्थापना का सौभाग्य प्राप्त किया। दीप प्रज्ज्वलन का पुण्यार्जन डॉ. प्रकाश कियावत, सुशील जैन, संरक्षक राकेश जैन, समाज अध्यक्ष दीपक प्रधान, उपाध्यक्ष संदीप मंडलोई, सहसचिव अजय जैन, कोषाध्यक्ष विजय जैन एवं पूर्व अध्यक्ष महेश जैन ने किया।
पूजन के दौरान श्रद्धालुओं ने द्रव्य एवं गोले अर्पित कर भगवान की आराधना की। भक्ति गीतों एवं नृत्य के साथ वातावरण पूरी तरह धर्ममय हो गया। आयोजन के दौरान हुई वर्षा को श्रद्धालुओं ने अपनी श्रद्धा और भक्ति का शुभ संकेत मानते हुए आनंदपूर्वक धर्मलाभ प्राप्त किया।
समाज की सचिव प्रभा प्रधान ने बताया कि महापर्व के दौरान प्रतिदिन विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान, पूजन एवं विधान आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि जैन शास्त्रों के अनुसार नंदीश्वर द्वीप अत्यंत पवित्र एवं देवों द्वारा पूजित क्षेत्र माना गया है, जहां अनादिकाल से जिनेन्द्र भगवान की आराधना होती है। इसी भाव के साथ नंदीश्वर महामंडल विधान का आयोजन श्रद्धालुओं को आत्मशुद्धि, भक्ति और धर्माराधना की प्रेरणा प्रदान करता है।













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