राष्ट्रीय खंडेलवाल (सरावगी) दिगंबर जैन महिला संगठन द्वारा भीषण गर्मी में मूक पक्षियों और प्राणियों की प्यास बुझाने के लिए एक अनुकरणीय पहल की गई है। संगठन की ओर से जीवदया के संकल्प के साथ शहर के विभिन्न क्षेत्रों में निःशुल्क सकोरे वितरित किए गए। इंदौर से पढ़िए, यह खबर…
इंदौर। राष्ट्रीय खंडेलवाल (सरावगी) दिगंबर जैन महिला संगठन द्वारा भीषण गर्मी में मूक पक्षियों और प्राणियों की प्यास बुझाने के लिए एक अनुकरणीय पहल की गई है। संगठन की ओर से जीवदया के संकल्प के साथ शहर के विभिन्न क्षेत्रों में निःशुल्क सकोरे वितरित किए गए। राष्ट्रीय खंडेलवाल (सरावगी) दिगंबर जैन महिला संगठन के संस्थापक संदीप शीतल पहाड़िया, परामर्श दाता ऊषा पाटनी, मार्गदर्शक कल्पना बाकलीवाल ने बताया कि मंगलवार को आयोजित इस अभियान के तहत इंदौर के हृदय स्थल राजवाड़ा से लेकर उत्तरी छोर सुखलिया तक के चार प्रमुख मंदिरों में समाजजनों को सकोरे भेंट किए गए। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य हर घर की छत और आंगन में पक्षियों के लिए दाना-पानी का इंतजाम करना और समाज में अहिंसा के प्रति जागरूकता फैलाना है।

विभिन्न क्षेत्रों में समर्पित सेवाएं
अभियान को सफल बनाने के लिए संगठन की महिला पदाधिकारियों ने अलग-अलग केंद्रों पर अपनी सेवाएं दीं।
सुखलिया क्षेत्र- श्री महावीर दिगंबर जैन मंदिर सुखलिया में लश्करी मंदिर गौराकुंड की संयोजिका कल्पना बाकलीवाल, किरण अजमेरा, संगीता बडजात्या और मनोरमा अजमेरा ने कमान संभाली।
राजवाड़ा क्षेत्र- माणक चौक मंदिर में अर्चना काला, वर्षा पाटनी, सारिका पांड्या, साधना गोधा, अर्चना बिलाला, सोनू चांदीवाल और सारिका बडजात्या ने सकोरे वितरित किए।
मध्य क्षेत्र- मध्य क्षेत्र अध्यक्ष पुष्पा काला एवं स्मृति जैन, मंजू पहाड़िया, टीना पाटनी, मोनिका पहाड़िया और लता कासलीवाल, अनिता बड़जात्या, ज्योति गोधा अध्यक्ष पश्चिमी क्षेत्र, निर्भय कासलीवाल, मनोज गंगवाल भरतेश बडकुल, शशि रावका, चंद्र प्रभा बडजात्या, मंदिर के सभी समाज जन, सुसलेश जैन, कृष्णपुरा की सभी सदस्यों ने सक्रिय भागीदारी निभाई।
मल्हारगंज क्षेत्र- रामाशाह मंदिर में डॉली झांझरी, हिमाली अजमेरा, अनुराधा बिलाला, रेनू वेद, बबीता पाटोदी, अर्चना झांझरी, संगीता छाबड़ा, सोनाली सेठी और नीलम गोधा ने जीवदया के प्रति समर्पण भाव से सेवाएं दीं।
अहिंसा और करुणा का आह्वान
इस अवसर पर संगठन के सदस्यों ने समाज जनों से भगवान महावीर के संदेश ‘जियो और जीने दो’ को आत्मसात करने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि मनुष्य ही वह विवेकशील प्राणी है जो दूसरों की पीड़ा समझ सकता है। मूक पक्षियों की सेवा करना हमारा धर्म है और अहिंसा के मार्ग पर चलते हुए हमें निरंतर इन बेजुबानों की रक्षा करनी चाहिए।
आभार और आगामी चरण
कार्यक्रम के सफल संचालन पर कोषाध्यक्ष शैफाली गंगवाल, किरण अजमेरा, संगठन मंत्री दीपाली बज, संगठन प्रभारी शीतल पहाड़िया, रेखा बाकलीवाल, अंतिम गंगवाल, संगीता बडजात्या और बबीता लुहाड़िया ने सभी का आभार व्यक्त किया। अगला चरण संगठन द्वारा जीवदया का यह अभियान बुधवार को भी जारी रहेगा। अंतिम और चतुर्थ चरण में पुनः शहर के चार अन्य मंदिरों में निःशुल्क सकोरे वितरित किए जाएंगे।













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