भीलवाड़ा में पूज्य पुलकसागरजी महाराज के चातुर्मास के दौरान सूर्यमहल में गुरु पूजन एवं जिज्ञासा समाधान का शुभारंभ हुआ। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने धर्मचर्चा का लाभ लिया। 1 अगस्त को गुरु गुणानुवाद तथा 2 अगस्त को चातुर्मासिक मंगल कलश स्थापना होगी। पढ़िए श्रीफल साथी की यह रिपोर्ट।
भीलवाड़ा। धर्मनगरी भीलवाड़ा में पहली बार चातुर्मास हेतु पधारे प्रख्यात राष्ट्र संत मनोज्ञाचार्य पूज्य गुरुदेव पुलकसागरजी महाराज के ऐतिहासिक मंगल प्रवेश के बाद रविवार को प्रवास स्थल सूर्यमहल परिसर में गुरु पूजन एवं जिज्ञासा समाधान कार्यक्रम श्रद्धा एवं उत्साह के साथ आयोजित हुआ। बड़ी संख्या में श्रावक-श्राविकाओं ने गुरु दर्शन कर धर्मचर्चा का लाभ प्राप्त किया।
गुरु पूजन के साथ हुआ धर्मचर्चा का शुभारंभ
श्री पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन मंदिर ट्रस्ट, मैन सेक्टर शास्त्रीनगर के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ नव्या जैन के मंगलाचरण से हुआ। शास्त्रीनगर महिला मंडल की सदस्यों ने भक्ति नृत्य प्रस्तुत कर गुरुदेव का अभिनंदन किया। सकल दिगम्बर जैन समाज के विभिन्न मंदिरों के अध्यक्षों ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
श्रद्धालुओं की जिज्ञासाओं का मिला समाधान
पाद प्रक्षालन का सौभाग्य पुलक चेतना मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद फंडोत को प्राप्त हुआ। इसके पश्चात धर्मचर्चा के दौरान अनेक श्रद्धालुओं ने अपने आध्यात्मिक प्रश्न पूज्य गुरुदेव के समक्ष रखे, जिनका उन्होंने सरल एवं प्रेरणादायी समाधान प्रदान किया।
1 और 2 अगस्त के प्रमुख आयोजन
चातुर्मास समिति के संयोजक मनीष शाह ने बताया कि 1 अगस्त को चित्रकूटधाम में गुरु गुणानुवाद कार्यक्रम आयोजित होगा, जबकि 2 अगस्त को चातुर्मासिक मंगल कलश स्थापना का भव्य आयोजन किया जाएगा। गुरु गुणगान महोत्सव में गायक राहुल भट्ट एवं मुंबई की रेडियो जॉकी विधि जैन गुरु भक्ति से ओतप्रोत प्रस्तुतियाँ देंगी। कार्यक्रम में गुरु पूजन, पाद प्रक्षालन, शास्त्र भेंट एवं मंगल आरती भी होगी।
नियमित प्रवचन एवं ज्ञान गंगा महोत्सव
समिति के सह संयोजक लोकेश अजमेरा ने बताया कि दोनों आयोजनों में देशभर से हजारों श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। पूज्य पुलकसागरजी महाराज के नियमित चातुर्मासिक प्रवचन 3 अगस्त से प्रतिदिन प्रातः 8:30 से 10:00 बजे तक सूर्यमहल, शास्त्रीनगर में होंगे। वहीं 15 से 30 अगस्त तक चित्रकूटधाम में ज्ञान गंगा महोत्सव का आयोजन किया जाएगा।
धर्म प्रभावना का संदेश
चातुर्मास समिति के अध्यक्ष प्रवीण चौधरी ने बताया कि गुरुदेव के सान्निध्य में आयोजित चातुर्मास श्रद्धालुओं के लिए आत्मचिंतन, स्वाध्याय, संयम और धर्म साधना का श्रेष्ठ अवसर है। समिति ने सभी धर्मप्रेमियों से अधिकाधिक संख्या में सहभागी बनने का आह्वान किया।













Add Comment