अष्टानिका पर्व के सातवें दिन पीठ दिगंबर जैन मंदिर में विशेष अभिषेक, सिद्धचक्र विधान एवं नन्दीश्वर दीप पूजन श्रद्धाभाव से सम्पन्न हुआ। महिलाओं ने सामूहिक रूप से अर्घ्य समर्पित किए तथा शीतल देवी (आशीष भूता परिवार) के नौ दिवसीय उपवास तप की अनुमोदना की गई। पढ़िए श्रीफल साथी की यह रिपोर्ट।
पीठ। अष्टानिका पर्व के पावन अवसर पर पीठ दिगंबर जैन मंदिर में सातवें दिन विशेष अभिषेक, सिद्धचक्र विधान एवं नन्दीश्वर दीप विधान का आयोजन श्रद्धा एवं भक्ति के साथ सम्पन्न हुआ। धर्ममय वातावरण में श्रद्धालुओं ने भगवान की आराधना कर विश्व शांति एवं आत्मकल्याण की मंगलकामना की।
महिलाओं ने किया सिद्धचक्र विधान
सातवें दिन महिलाओं ने सामूहिक रूप से सिद्धचक्र विधान एवं नन्दीश्वर दीप की पूजा-अर्चना कर विधिपूर्वक अर्घ्य समर्पित किए। पूरा मंदिर भक्तिमय वातावरण से सराबोर रहा।
नौ दिवसीय उपवास तप की अनुमोदना
आठ दिवसीय धार्मिक आयोजन के दौरान समाज की शीतल देवी (आशीष भूता परिवार) ने नौ दिवसीय उपवास तप का संकल्प लिया। सातवें उपवास पूर्ण होने पर समाजजनों ने उनके तप की भावपूर्ण अनुमोदना करते हुए मंगलकामनाएँ व्यक्त कीं।
श्रद्धालुओं ने लिया पूजन का लाभ
जय श्री देवी के सानिध्य में शीतल, शशि, चंदा बेन, छाया, पिनल, प्रियंका, रंजना, रीना भूता, जीवनलता, सुषमा, चंदा, लता, नीता, रितु, स्मिता डेचिया, जलकांता, इंदुमति, पूनम, खुशबू, नैना कोठारी, संगीता देवी, ऋचा, भाविका शाह सहित अनेक श्रद्धालु महिलाओं ने पूजन का लाभ प्राप्त किया।
धर्म आराधना का महत्व
अष्टानिका पर्व के अंतर्गत आयोजित सिद्धचक्र विधान एवं नन्दीश्वर दीप पूजन आत्मशुद्धि, तप, संयम एवं भक्ति की भावना को सुदृढ़ करने का महत्वपूर्ण माध्यम माना जाता है। समाजजनों ने अधिकाधिक धर्म आराधना करने का संकल्प लिया।













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