ललितपुर के पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन अटा मंदिर में आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज का 59वां दीक्षा दिवस श्रद्धा एवं भक्ति के साथ मनाया गया। मुनि सुव्रत सागर महाराज ने आचार्य श्री के त्याग, तप और राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान को अनुकरणीय बताते हुए समाज को प्रेरित किया। पढ़िए श्रीफल साथी की यह रिपोर्ट।
ललितपुर। संत शिरोमणि आचार्य श्रेष्ठ श्री 108 विद्यासागर जी महाराज का 59वां दीक्षा दिवस पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन अटा मंदिर, ललितपुर में मुनि श्री सुव्रत सागर महाराज के सान्निध्य में श्रद्धा, भक्ति एवं उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर प्रातःकाल अभिषेक, शांतिधारा, संगीतमय पूजन एवं विद्या गुरु विधान का आयोजन हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया।
अभिषेक, शांतिधारा एवं संगीतमय विधान
कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान जिनेन्द्र देव के अभिषेक एवं शांतिधारा से हुआ। शांतिधारा का वाचन मुनि श्री सुव्रत सागर महाराज ने कराया, जिसका पुण्यार्जन जैन पंचायत के अध्यक्ष डॉ. अक्षय टडैया एवं महामंत्री आकाश जैन ने संयुक्त रूप से किया। ब्रह्मचारी संजय भैया (मुरैना) के निर्देशन में संगीतमय विधान सम्पन्न हुआ, जिसमें श्रद्धालुओं ने भक्तिभाव से अर्घ्य समर्पित किए।
आचार्य श्री के चरणों में श्रद्धा अर्पित
आचार्य श्री के चरणों का पाद प्रक्षालन साधु वैयावृत्ति संघ एवं समाज के श्रेष्ठीजनों द्वारा किया गया। कार्यक्रम में शीलचंद अनौरा, सनत जैन खजुरिया, सतीश नजा, डॉ. सजीव कडंकी, अक्षय अलया, सुरेश जैन बड़ैरा, अमित सराफ, धन्यकुमार जैन, अजय जैन गंगचारी, मनोज जैन बबीना सहित अनेक समाजजन एवं महिला श्रद्धालु उपस्थित रहे।
त्याग और तपस्या से आत्मकल्याण का मार्ग प्रशस्त किया
धर्मसभा को संबोधित करते हुए मुनि श्री सुव्रत सागर महाराज ने कहा कि आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज का त्याग, तप और संयमपूर्ण जीवन प्रत्येक व्यक्ति के लिए अनुकरणीय है। उनके जीवन से प्रेरणा लेकर हजारों लोगों ने आत्मकल्याण का मार्ग अपनाया तथा अपने जीवन को सार्थक बनाया।
उन्होंने कहा कि आचार्य श्री ने समाज को केवल आध्यात्मिक दिशा ही नहीं दी, बल्कि गौशालाओं, गुरुकुलों, अस्पतालों, प्रतिभास्थली, शिक्षा संस्थानों तथा हथकरघा जैसे सेवा कार्यों के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में भी अमूल्य योगदान दिया। उनके उपकारों का स्मरण जितना किया जाए, उतना कम है।
58 दीपों से हुई संगीतमय आरती
सायंकाल आचार्य श्री के दीक्षा दिवस के उपलक्ष्य में 58 दीपों से भव्य संगीतमय महाआरती सम्पन्न हुई। भक्तों ने भक्ति गीतों के साथ आरती कर गुरुचरणों में अपनी श्रद्धा अर्पित की। पूरा मंदिर परिसर गुरु भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास से गूंज उठा।
श्रद्धा और प्रेरणा का बना पर्व
दीक्षा दिवस समारोह ने समाजजनों में आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के आदर्शों के प्रति नई श्रद्धा एवं प्रेरणा का संचार किया। उपस्थित श्रद्धालुओं ने उनके बताए संयम, सेवा और साधना के मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।













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