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सिंह निष्क्रिय व्रत करने वाले अन्तर्मना आचार्य श्री का हुआ निरन्तराय आहार

सम्मेदशिखर जी. राजकुमार अजमेरा ।  बिसपंथी कोठी में रविवार को पारसनाथ भगवान के समक्ष सौम्य मूर्ति पीयूष सागर जी महाराज के निर्देशन स्वर्णमयी श्रीजी की प्रतिमा का अभिषेक एवं शांतिधारा विशेष भक्तों द्वारा की गई। इसके पश्चात सम्मेद शिखर में विराजमान सभी आचार्य, उपाध्याय, मुनि गण, आर्यिका संघ के साथ कई त्यागी-व्रति बिसपंथी कोठी पहुंचे। वहां उन्होंने अन्तर्मना मुनि श्री 108 प्रसन्न सागर जी महामुनिराज की पारणा की अनुमोदना की। इसके साथ ही 28 नवंबर को दीक्षा लेने वाली 16 दीदी के द्वारा पड़गाहन कर आहार देने का सौभाग्य प्राप्त किया। सभी दीदी ने आचार्य श्री को आहार देकर अपने आप को पुण्यशाली मानकर कहा कि ऐसे तपस्वी की अनुमोदना कर हम भी मोक्ष मार्ग की ओर प्रशस्त हों।

इस अवसर पर अन्तर्मना ने सभी दीदी को आशीर्वाद दिया। सभी दीदी का दीक्षा पूर्व गोद भराई कार्यक्रम आचार्य संघ के सानिध्य में हुआ। बाहर से आए सैकड़ों यात्री भी इस पारणा में शामिल हुुए। इस अवसर पर विशेष रूप से आकाश जैन, धूलियांन से मनोज जैन, अजय जैन, हैदराबाद से मनोज जैन, कोलकोत्ता से जैन विवेक गंगवाल, मीडिया प्रभारी राज कुमार अजमेरा,कोडरमा, गिरिडीह, मुर्शिदाबाद, कोलकोत्ता,धनबाद आदि कई स्थानों के भक्त इस महोत्सव में शामिल हुए। यह जानकारी मीडिया प्रभारी जैन राज कुमार अजमेरा, कोडरमा ने दी।

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Shreephal Jain News

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