श्रीमहावीरजी महामस्तकाभिषेक समाचार

कलशा ढालो रे ढालो रे नर नारी…….

  • टीले से निकली भगवान महावीर की मूंगावर्णी अतिशयकारी प्रतिमा का जयकारों के बीच महामस्तकाभिषेक महोत्सव हुआ शुरु
  • किशनगढ़ के आर के परिवार ने किया प्रथम अभिषेक
  • भगवान महावीर का महामस्तकाभिषेक महोत्सव 4 दिसंबर तक चलेगा
  • 2650 कलशों से होगा महामस्तकाभिषेक

जयपुर. मनीष गोधा / श्री महावीरजी – चांदनपुर वाले बाबा के नाम से पूरे विश्व में प्रसिद्ध भूगर्भ से प्रकटित भगवान महावीर की मूंगावर्णी अतिशयकारी प्रतिमा का महामस्तकाभिषेक महोत्सव रविवार से शुरू हुआ। इस मौके पर मंदिर परिसर जयकारों से गुंजायमान हो उठा। महामस्तकाभिषेक महोत्सव 4 दिसंबर तक चलेगा। इस दौरान पुण्यार्जक श्रद्धालुओं एवं इन्द्र-इन्द्राणियों द्वारा 2650 कलशों से भगवान का महामस्तकाभिषेक किया जाएगा।

महोत्सव समिति के अध्यक्ष सुधान्शु कासलीवाल एवं महामंत्री महेन्द्र कुमार पाटनी ने बताया कि रविवार को आचार्य वर्धमान सागर महाराज ससंघ के सानिध्य में दोपहर 12.15 बजे से हुए महामस्तकाभिषेक में प्रथम कलश का सौभाग्य आर के मार्बल परिवार किशनगढ के कंवरी लाल,अशोक, सुरेश,विमल पाटनी एवं परिवारजन को प्राप्त हुआ है। इससे पूर्व आर के मार्बल्स किशनगढ परिवार भगवान महावीर स्वामी की भूगर्भ से प्रकटित मूंगावर्णी मूलनायक प्रतिमा का महामस्तकाभिषेक करने हेतु एवं अन्य इन्द्र -इन्द्राणी नाचते गाते पीत वस्त्र धारण कर बैण्ड बाजों के साथ विशाल जुलूस के रूप में मुख्य मंदिर पहुंचे।

इस मौके पर पूरा मंदिर परिसर भक्तिमय हो गया। कार्याध्यक्ष विवेक काला एवं उपाध्यक्ष शान्ति कुमार जैन के मुताबिक द्वितीय कलश करने का सौभाग्य प्रदीप, योगेश, नवीन, लोकेश पीएनसी परिवार आगरा को मिला । तृतीय कलश का पुण्यार्जन जयपुर के अक्षत ग्रुप के नन्द किशोर, प्रमोद, सुनील पहाड़ियां परिवार को प्राप्त हुआ । तत्पश्चात ललित जैन डायमंड कारपेट आगरा,हीरा लाल बैनाडा परिवार आगरा, हुलास चन्द ,महावीर, धर्मेंद्र सेठी नई दिल्ली, निर्मल जैन सहित सौधर्म इन्द्र रोहन-अमिता कटारिया, यज्ञनायक श्रीपाल-कुसुम चूड़ीवाल एवं मण्डप उदघाटन कर्ता कमल, महावीर, सुशील गंगवाल आदि पुण्यार्जक परिवारों सहित लगभग 300कलश प्रथम दिन किये गये।

महोत्सव समिति के मुख्य संयोजक सुभाष चन्द जैन एवं संयोजक सुरेश सबलावत के मुताबिक शांतिधारा का पुण्यार्जन महेश काला परिवार इम्फाल को प्राप्त हुआ । मंत्रोच्चार के साथ विश्व में सुख शांति और समृद्धि की कामना करते हुए भगवान के सिर पर शांतिधारा की गई। महोत्सव समिति के प्रचार संयोजक विनोद जैन कोटखावदा ने बताया कि रविवार,27 नवम्बर को दोपहर 12.15 बजे से सायं 5.15 बजे तक भगवान का महामस्तकाभिषेक हुआ। सोमवार 28 नवम्बर से 4 दिसम्बर तक प्रतिदिन प्रातः 8.15 बजे से सायं 4.15 बजे तक महामस्तकाभिषेक होगा।

श्री जैन के मुताबिक रविवार से दर्शनार्थियों के लिए मंदिर दर्शन सायंकाल 6.00 बजे से रात्रि 9.30 बजे तक हो सकेंगे। मंदिर के नीचे स्थापित ध्यान केन्द्र की प्रतिमाओं के दर्शन प्रातः 8.00 बजे से रात्रि 9.00 बजे तक हो सकेंगे।
महोत्सव के दौरान आठ दिनों में जयपुर, दिल्ली,कोलकाता,आगरा, सहित सहित पूरे विश्व से लाखों श्रद्धालुओं की सहभागिता होगी।

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