प्राकृत भाषा विकास फाउंडेशन की ओर से नगर के विभिन्न क्षेत्र में प्राकृत विद्या शिक्षण शिविरों का संचालन किया जा रहा है। ये शिविर रामपुरा वार्ड, नेहा नगर, गौराबाई कटरा, वर्धमान कॉलोनी, बालक कॉम्प्लेक्स सहित नगर के अनेक मंदिरों एवं शिक्षण केंद्रों पर हो रहे हैं। सागर से पढ़िए, रत्नेश जैन राजेश जैन रागी की यह खबर…
सागर। प्राकृत भाषा विकास फाउंडेशन की ओर से नगर के विभिन्न क्षेत्र में प्राकृत विद्या शिक्षण शिविरों का संचालन किया जा रहा है। ये शिविर रामपुरा वार्ड, नेहा नगर, गौराबाई कटरा, वर्धमान कॉलोनी, बालक कॉम्प्लेक्स सहित नगर के अनेक मंदिरों एवं शिक्षण केंद्रों पर हो रहे हैं। इन शिविरों में अध्यापन कार्य के लिए देशभर से विद्वान शिक्षक पधारे हैं। शिविरों में प्राकृत भाषा एवं साहित्य से संबंधित विविध विषयों का अध्यापन कराया जा रहा है, जिनमें प्राकृत विज्ञान, प्राकृत बोध, प्राकृत व्याकरण, समय विज्ञान, संलेखना विज्ञान आदि प्रमुख हैं। शिविरार्थियों को पं. राजकुमार जैन शास्त्री (सागर), डॉ. हरीशचंद्र शास्त्री (मुरैना), पं. नन्हेभाई शास्त्री (सागर) एवं पं. उदयचंद जैन शास्त्री (सागर) सहित अनेक विद्वानों का मार्गदर्शन प्राप्त हो रहा है।
शिविरों में 1000 शिविरार्थी शामिल
फाउंडेशन के राष्ट्रीय संयोजक डॉ. आशीष जैन आचार्य ने बताया कि प्राकृत भाषा को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से यह एक महत्वपूर्ण अभियान चलाया जा रहा है। इस कार्य को आचार्य श्री सुनील सागर जी की प्रेरणा तथा आचार्य श्री समयसागर जी , आचार्य श्री विशुद्धसागर जी एवं आचार्यश्री वसुनंदी जी का आशीर्वाद प्राप्त है। क्षेत्रीय संयोजक अनिल जैन शास्त्री ने बताया कि शिविरों का शुभारंभ उत्साह एवं उल्लास के साथ हुआ है। नगर के विभिन्न केंद्रों पर इन शिविरों में लगभग 1000 शिविरार्थी सहभागिता कर रहे हैं, जो प्राकृत भाषा एवं भारतीय ज्ञान परंपरा के अध्ययन के प्रति समाज की बढ़ती रुचि का परिचायक है।













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