रीवा में पद विहार के दौरान सड़क दुर्घटना में दो आर्यिकाओं के दुखद समाधिमरण पर जैन समाज में गहरा शोक व्याप्त है। इस दुःखद घटना पर नगर के श्री अजितनाथ बड़ा मंदिर में महिला समाज द्वारा विनयांजलि सभा का आयोजन किया गया। महरौनी से पढ़िए, यह खबर…
महरौनी। रीवा में पद विहार के दौरान सड़क दुर्घटना में दो आर्यिकाओं के दुखद समाधिमरण पर जैन समाज में गहरा शोक व्याप्त है। इस दुःखद घटना पर नगर के श्री अजितनाथ बड़ा मंदिर में महिला समाज द्वारा विनयांजलि सभा का आयोजन किया गया। जिसमें बड़ी संख्या में महिलाओं एवं श्रद्धालुओं ने उपस्थित होकर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। सभा में उपस्थित महिलाओं ने कहा कि आर्यिकाएं त्याग, तप और संयम की सजीव प्रतिमूर्ति होती हैं। उनका जीवन समाज को धर्म, अहिंसा और आत्मकल्याण का मार्ग दिखाने वाला होता है। ऐसे महान संत स्वरूपों का असमय निधन समाज के लिए अपूरणीय क्षति है। विनयांजलि सभा में श्रद्धालुओं ने नमोकार मंत्र एवं शांतिपाठ का सामूहिक पाठ कर दिवंगत आर्यिकाओं के प्रति श्रद्धा व्यक्त की।
इस दौरान वातावरण अत्यंत भावुक हो गया और अनेक महिलाओं की आंखें नम हो गईं। महिला समाज की ओर से कहा गया कि साधु-संतों का जीवन सदैव लोककल्याण और आत्म साधना के लिए समर्पित रहता है। कार्यक्रम में सभी ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आर्यिकाओं को श्रद्धासुमन अर्पित किए। सभा में जैन समाज की बड़ी संख्या में महिलाएं उपस्थित रही। संचालन रश्मि मलैया ने किया।













Add Comment