आगरा के ताजगंज में आचार्य श्री सौभाग्य सागर जी एवं आचार्य श्री सुरत्नसागर जी महाराज ससंघ का भव्य मंगल प्रवेश हुआ। धर्मसभा में दोनों आचार्यों ने जैन तीर्थों के संरक्षण को समाज का सामूहिक दायित्व बताते हुए जनजागरण का संदेश दिया। पढ़िए श्रीफल साथी शुभम जैन की यह रिपोर्ट।
आगरा। अंकलीकर परम्पराचार्य आचार्य श्री सौभाग्य सागर जी महाराज एवं आचार्य श्री सुरत्नसागर जी महाराज ससंघ का सोमवार प्रातः बगदा स्थित श्री चंद्रप्रभ दिगम्बर जैन मंदिर से मंगल विहार करते हुए श्री पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन मंदिर, ताजगंज में भव्य मंगल प्रवेश हुआ। मार्गभर श्रद्धालुओं ने जयघोष, पुष्पवर्षा एवं आरती के साथ आचार्य संघ का भावपूर्ण स्वागत किया।
श्रद्धा और भक्ति से हुआ मंगल प्रवेश
ताजगंज जैन मंदिर पहुंचने पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने गुरुचरणों में विनय अर्पित कर धर्मलाभ प्राप्त किया। पूरे मार्ग में भक्तिमय वातावरण बना रहा और समाजजन आचार्य संघ के दर्शन के लिए उत्साहपूर्वक उपस्थित रहे।
तीर्थ संरक्षण का दिया संदेश
धर्मसभा को संबोधित करते हुए आचार्य श्री सुरत्नसागर जी महाराज ने कहा कि चल तीर्थ (मुनि-आर्यिका संघ) और अचल तीर्थ (सम्मेद शिखरजी, गिरनारजी आदि) जैन धर्म की अमूल्य धरोहर हैं। इनके संरक्षण की जिम्मेदारी समाज के प्रत्येक व्यक्ति की है। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से तन, मन और धन से तीर्थ संरक्षण अभियान में सहभागी बनने का आह्वान किया।
तीर्थों पर हों चातुर्मास
परम्पराचार्य आचार्य श्री सौभाग्य सागर जी महाराज ने कहा कि तीर्थ रक्षा केवल श्रावकों का ही नहीं, बल्कि श्रमण परम्परा का भी दायित्व है। उन्होंने प्रभावक संतों से तीर्थ क्षेत्रों पर चातुर्मास करने का आग्रह करते हुए कहा कि इससे तीर्थों की सुरक्षा, धार्मिक गतिविधियों एवं समग्र विकास को नई गति मिलेगी।
विशिष्ट अतिथियों की रही उपस्थिति
धर्मसभा में भारतवर्षीय दिगम्बर जैन तीर्थ क्षेत्र कमेटी उत्तरांचल के अध्यक्ष जवाहरलाल जैन (गाजियाबाद) तथा महालक्ष्मी चैनल, दिल्ली के शरद जैन विशेष रूप से उपस्थित रहे। श्रद्धालुओं ने दोनों आचार्यों के प्रेरक प्रवचनों का लाभ लेकर तीर्थ संरक्षण का संकल्प लिया। धर्मसभा का संचालन मनोज जैन बाकलीवाल ने किया।
आज होगा मंगल मिलन
मीडिया प्रभारी शुभम जैन ने बताया कि मंगलवार प्रातः 6 बजे आचार्य संघ का मंगल विहार छीपीटोला के लिए होगा, जहां चातुर्मास हेतु विराजमान मुनि श्री समत्वसागर जी महाराज ससंघ के साथ दोनों आचार्यों का भव्य मंगल मिलन होगा। इसके उपरांत प्रातः 8:15 बजे निर्मल सदन में संयुक्त धर्मसभा आयोजित की जाएगी।
समाजजनों की उल्लेखनीय सहभागिता
इस अवसर पर संजय बाबू जैन, विजय जैन, योगेश जैन, विनय जैन, जगदीश प्रसाद जैन, राकेश जैन पर्दे, पवन जैन, मीरा जैन, रुपा जैन, पूनम जैन, ऋतु जैन सहित ताजगंज जैन समाज के बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।













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