महावीर जन्मकल्याणक पर वर्द्धमानपुर शोध संस्थान ने बदनावर, इंदौर और भोपाल में तख्तियों के माध्यम से अहिंसा और शांति का संदेश फैलाया। इस अनोखे अभियान में समाज की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली। — पढ़िए ओम पाटोदी की यह विशेष रिपोर्ट….
भगवान महावीर स्वामी के 2625वें जन्म कल्याणक महोत्सव पर वर्द्धमानपुर शोध संस्थान ने बदनावर, इंदौर और भोपाल में एक साथ तख्तियों के माध्यम से अहिंसा, शांति और भाईचारे का संदेश जन-जन तक पहुंचाया।

नारों से गूंजा माहौल
चल समारोह के दौरान “युद्ध नहीं किसी समस्या का हल”, “जियो और जीने दो”, “सत्य अहिंसा प्यारा है” जैसे प्रभावशाली नारों से लिखी तख्तियों ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया और वातावरण को सकारात्मक ऊर्जा से भर दिया।
आज के समय में बेहद प्रासंगिक संदेश
समाजजनों ने दया, करुणा, प्रेम और क्षमा का संदेश देते हुए बताया कि वर्तमान समय में विश्व को अहिंसा और सौहार्द की सबसे अधिक आवश्यकता है।

वर्धमान 2550 प्रकल्प की पहल
संस्थान के ओम पाटोदी ने जानकारी दी कि “वर्धमान 2550” प्रकल्प के माध्यम से भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक चेतना के प्रचार-प्रसार का कार्य किया जा रहा है, जिसकी प्रेरणा मुनि श्री आदित्य सागर जी महाराज के आशीर्वाद से मिली।
तीन शहरों में अलग-अलग संयोजन
इस अभियान में बदनावर में पवन पाटोदी एवं राजेश जैन, इंदौर में ओम पाटोदी, स्वप्निल जैन, अभय पाटोदी तथा भोपाल में विपिन पाटनी, रोली बड़कुल सहित कई समाजजनों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

संतों का मिला आशीर्वाद
इस आयोजन को आचार्य विद्यासागर महाराज परंपरा के संतों सहित मुनि श्री विमल सागर, मुनि श्री आदित्य सागर एवं मुनि श्री पूज्य सागर जी का आशीर्वाद प्राप्त हुआ।
समाज की रही सक्रिय भागीदारी
कार्यक्रम में इंदौर, भोपाल और बदनावर के अनेक समाजजनों, महिला मंडलों, युवा समूहों और पाठशालाओं के बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर अभियान को सफल बनाया।













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