दसलक्षण पर्व, जो जैन धर्म के दस महान गुणों के पालन और आत्मशुद्धि के लिए समर्पित है, का समापन अति धूमधाम और आध्यात्मिकता के साथ हुआ। इस पर्व के अंतर्गत जैन...
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वात्सल्य वारिधि आचार्य श्री वर्धमान सागर ससंघ के सानिध्य में प्रतिदिन धार्मिक अनुष्ठान संपन्न हो रहे हैं। पारसोला जैन समाज द्वारा 10 सितम्बर को आचार्य श्री के...
जन्म जयंती के अवसर पर पंचम पट्टाधीश वात्सल्य वारिधि 108 आचार्य श्री वर्धमान सागर जी का गुणानुवाद का प्रयास छोटी शिष्या कर रही हैं। कहते हैं कि जंगल की समस्त...
महापर्व पर्युषण के पहले दिन रविवार को उत्तम क्षमा धर्म मनाया गया। इस दौरान अनुयायियों ने पूरी श्रद्धा के साथ भूगर्भ से अवतरित चिंतामणि पार्श्वनाथ भगवान का...
उत्तम क्षमा धर्म के दिन प्रातः 1008 भगवान आदिनाथ दिगंबर जैन मंदिर भगवान महावीर समवशरण सुखोदय तीर्थ नसियां जी में विशेष शांति धारा अभिषेक के बाद वागड़ के बड़े...
नगर के दिगम्बर जैन भट्टारक यशकीर्ति गुरुकुल में राजकीय अतिथि आचार्य पुलक सागर जी गुरुदेव के सानिध्य में 10 दिवसीय पाप विनाशक शिविर का आयोजन किया गया। जिसके...
मार्दव का अर्थ होता है मृदुता या नम्रता और उत्तम का मतलब है श्रेष्ठ या उत्कृष्ट। इस प्रकार, “उत्तम मार्दव धर्म” का मतलब है “श्रेष्ठ नम्रता का...
‘मार्दव’ का अर्थ है “मृदुता” या “नम्रता”। जैन दर्शन के अनुसार, उत्तम मार्दव धर्म का पालन व्यक्ति को अहंकार, अभिमान, और...
दसलक्षण पर्व का दूसरा दिन उत्तम मार्दव धर्म का दिन है। ध्यान डर के कारण, लोभ के कारण, राग के कारण या शक्ति नहीं होने के कारण करना मार्दवता नहीं है। सर्वगुण...
अभिनंदनोदय तीर्थ में मुनि अविचल सागर महाराज ने कहा कि क्रोध पर जीवन में नियंत्रण होना चाहिए। परिस्थितियों पर विचार कर क्रोध को टालते हुए यदि जीवन में सहनशीलता...








