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पर्युषण पर्व पर जैन मंदिरों में श्रावकों द्वारा पूजन भक्ति प्रभु की आराधना : क्रोध पर जीवन में नियंत्रण जरूरी – मुनि अविचल सागर 


 अभिनंदनोदय तीर्थ में मुनि अविचल सागर महाराज ने कहा कि क्रोध पर जीवन में नियंत्रण होना चाहिए। परिस्थितियों पर विचार कर क्रोध को टालते हुए यदि जीवन में सहनशीलता समता धैर्य और क्षमा जैसे गुण जीवन में आएं, अच्छी बात है। व्यस्ततम समय में से कुछ समय अपने आप को निकालकर विचार करें कि हमें कोध क्यों आता है और किन कारणों से और उनसे हम कैसे बच सकें। पढ़िए राजीव सिंघाई की रिपोर्ट…


ललितपुर। अभिनंदनोदय तीर्थ में मुनि अविचल सागर महाराज ने कहा कि क्रोध पर जीवन में नियंत्रण होना चाहिए। परिस्थितियों पर विचार कर क्रोध को टालते हुए यदि जीवन में सहनशीलता समता धैर्य और क्षमा जैसे गुण जीवन में आएं, अच्छी बात है। व्यस्ततम समय में से कुछ समय अपने आप को निकालकर विचार करें कि हमें कोध क्यों आता है और किन कारणों से और उनसे हम कैसे बच सकें। प्रभु चरणों में आत्मध्यान करें और जीवन में क्षमा को अपनाकर आनंदमयी बनाएं।

पर्युषण पर्व के प्रथम दिवस उत्तम क्षमा पर श्रावकों को सीख देते हुए आचार्य श्रेष्ठ विद्यासागर महाराज के प्रभावक शिष्य मुनि अविचल सागर महाराज ने कहा कि हम सभी साधना करते हैं कि महामुनिश्वर अपने जीवन में कैसे इन धर्मों का पालन कर अपने जीवन सार्थक मनाएं। अपने कर्मों की निर्जरा माध्यम से मुक्ति को प्राप्त करते हैं लेकिन वास्तविक आनंद प्रभु चरणों में धर्म की आराधना में ही है।धर्मसभा का प्रारम्भ आचार्य श्री विद्यासागर महाराज के चित्र के सम्मुख श्रेष्ठीजनों ने दीपप्रज्वलित कर किया। तत्वार्थ सूत्र का वाचन रुचि जैन, सुरभि जैन ने संयुक्त रूप से किया जबकि अर्घ्य समर्पण का पुण्यार्जन वीरेन्द्र जैन सुधा, विकल्प, विकास, रूपाली, निधि जैन खनियाधाना परिवार मिला।

धर्मसभा में प्रमुख रूप से जैन पंचायत अध्यक्ष डॉ. अक्षय टडैया, महामंत्री आकाश जैन, संयोजक सनत खजुरिया, सौरभ जैन सीए प्रतीक इमलया, राकेश जैन रिंकू, अक्षय अलया राजेन्द्र जैन थनवारा, जिनेन्द्र जैन डिस्को, नरेन्द्र जैन राजश्री, पं० वीरेन्द्र जैन प्रफुल्ल जैन संजीव जैन स्पोर्टस पारस मनया शिक्षक पुष्पेन्द्र जैन, मौजूद रहे। नगर के पार्श्वनाथ जैन अटामंदिर में पंकज शास्त्री बडांदिर में वैभव शास्त्री बाहुबलि कॉलोनी में सोहित शास्त्री नई बस्ती में अनुज शास्त्री द्वारा प्रतिदिन रात्रि में शास्त्र प्रवचन एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम हो रहे हैं। नगर जैन मंदिरों में प्रातःकाल प्रभु अभिषेक, शांतिधारा, पूजन विधान में सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालुजन सम्मलित हो रहे हैं।

इनकी व्यवस्थाओं अनुशासित करने में मंदिर प्रबंधक मोदी पंकज जैन, अशोक दैलवारा, मनोज जैन बबीना, अजय जैन गंगचारी, जिनेन्द्र जैन रजपुरा, मनीष जैन, अजित जैन गदयाना, आनंद जैन भावनगर, आनंद जैन, संजय जैन, ककडारी, जितेन्द जैन सुवेन्द मोदी का योगदान मिल रहा है।

चन्द्रप्रभु मण्डल डोडाघाट, आदिनाथ मंदिर बाहुबलिनगर समेत नगर के विभिन्न मंदिरों में आर्यिका संघ के माध्यम से पर्युषण पर्व पर भक्तिआराधना हो रही है। रात्रि में नगर के जैन मंदिरों में सायंकाल संगीतमय आरती में श्रद्धालुजन सम्मलित हुए और प्रभु की आराधना की।

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