Tag - करुणा

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मोर पंख से निर्मित पिच्छी संयम उपकरण : दिगंबर साधु-साध्वियों के इस उपकरण से नहीं होती हिंसा

पिच्छी बनाने के लिए उन्हीं मोर के पंखों का उपयोग किया जाता है, जिन्हें मोर स्वतः (प्राकृतिक रूप से) छोड़ देते हैं। दिगंबर परंपरा में पिच्छी मुनि के 28 मूल...

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अयोध्या धाम में भगवान मुनिसुव्रतनाथ पंचकल्याणक महोत्सव में शामिल हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, जैन समाज को दी शुभकामनाएं : ‘ ‘जियो और जीने दो’ का संदेश आज भी विश्व के लिए प्रासंगिक

अयोध्या धाम में आयोजित भगवान मुनिसुव्रतनाथ पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शामिल हुए। उन्होंने जैन तीर्थंकरों की...

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अपने नगरों में क्यों आवश्यक हैं धार्मिक शिक्षण शिविर : जिस समाज में संस्कार जीवित रहते हैं, ‎वहीं धर्म जीवित रहता है ‎और जहाँ धर्म जीवित रहता है 

जैन धर्म, ‎एक ऐसा धर्म, जो अपनी प्राचीनता, महानता और अद्वितीय सिद्धांतों के कारण सम्पूर्ण विश्व में सम्मान की दृष्टि से देखा जाता है। ‎जिसके प्रत्येक आचार्य...

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धर्म भय का नाम नहीं, बल्कि जीवन की दिशा है : ‎ ‎धर्म तो वह पवित्र चेतना है, जो मनुष्य को उसके भीतर के सत्य से परिचित कराती है

जहां भय समाप्त होता है, वहीं से धर्म की शुरुआत होती है। मनुष्य के जीवन में जैसे ही धर्म शब्द प्रवेश करता है, उसके मन में अनेक प्रश्न जन्म लेने लगते हैं। ‎यह...

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दीपावली: अहिंसा और प्रकाश का पर्व, पटाखों से नहीं दीपों से सजाएँ : स्वस्थ, सादगीपूर्ण और मंगलकारी दीपावली के लिए पटाखों को कहें “न”

भारत में दीपावली का पर्व प्रकाश, सादगी और अहिंसा का प्रतीक है। पटाखों की बजाय दीपक जलाकर हम स्वास्थ्य, पर्यावरण और संस्कृति की रक्षा कर सकते हैं। व्याकरणाचार्य...

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स्व. श्रीमती मीरा देवी जैन जी की पुण्यतिथि पर रोटी बैंक द्वारा सेवा कार्य : भोजन वितरण कर स्व. मीरा देवी जैन को दी गई श्रद्धांजलि

स्व. श्रीमती मीरा देवी जैन जी की चतुर्थ पुण्यतिथि पर रोटी बैंक टीम ने भोजन वितरण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। यह कार्य उनके द्वारा दिए गए संस्कारों की...

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दया, अहिंसा, करुणा और प्रेम का महापर्व है चातुर्मास

धर्म और अध्यात्म: चातुर्मास महापुण्य का अर्जन करने का साधन आलेख- अंतर्मुखी मुनि पूज्य सागर चातुर्मास महापुण्य अर्जन करने का साधन है। यह समय अधिक से अधिक 165...

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