संसार में जो कुछ भी है वह सब प्रयोजन भूत है, द्रव्य ही नही प्रत्येक गुण की, पर्याय की भी अर्थक्रिया होती है। जैसे आँख की मुख्य अर्थ क्रिया क्या है देखना, कान...
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धर्मसभा में मुनि श्री सुधासागर महाराज ने कहा कि देखने में आता है कि कभी व्यक्ति बहुत ऊंचाई पर बैठा दिखता है तो कभी वो धूल में पड़ा हुआ दिखता है, कभी अमीर दिखता...
मंदिर के दरवाजे से निकलते समय, जितनी बार आप इसे करें, कम से कम एक सेकंड के लिए खुद को भाग्यशाली मानें और उतनी बार हाथ जोड़कर नमोस्तु करें। चलकर जाते समय बात...
भारतीय जैन मिलन के अंतर्गत महिला जैन मिलन क्षेत्र क्रमांक 10 ने 2 अक्टूबर, गांधी जयंती और अहिंसा दिवस के अवसर पर एक मिनी मैराथन का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में...
भगवान महावीर स्वामी के 2550वें निर्माण वर्ष एवं राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जन्म जयंती के अवसर पर, विश्व अहिंसा दिवस के पावन मौके पर, जैन मिलन और महिला जैन...
कोई भी क्रिया अच्छी बुरी नहीं होती, ये सृष्टि सापेक्षवाद के सिद्धान्त पर व्यवस्थित चल रही है तो सापेक्षवाद का सिद्धान्त है- ‘न यह सत्य है, न वह सत्य है...
व्यक्ति को अपने जीवन को चलाने के लिए एक ही कारण नहीं होना चाहिए क्योंकि जीवन अनेक पहलुओं से चलता है। एक ही प्रकार का अधर्म नहीं है, तो एक ही प्रकार का धर्म भी...
मुनि श्री सुधा सागर जी ने महाराज ने प्रवचन में कहा, “आंख तुम्हें मिली है, दर्शन कर सकते हो, लेकिन मन नहीं हो रहा है। समझ लो, धर्म ने तुम्हारी आंख को...
महान आत्माएं एक वो होती है जो महान गुणों को धारण करती हैं, दूसरी वे आत्मायें होती है जिन्हें दुनिया के हर जीव में महानता दिखती है। ऐसे ही सज्जन आदमी भी होते...
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव शुक्रवार को भाग्योदय तीर्थ क्षेत्र सागर में विराजित जगतपूज्य निर्यापक श्रमण मुनि पुगव 108 श्री सुधासागर जी महाराज ससंघ के...








