सबसे निकृष्ट ध्यान है रौद्रध्यान और देखो रौद्रध्यान जब भी होता है पुण्यकर्म के उदय में ही होता है। यदि हमें पता भी चल गया कि मेरा पुण्यकर्म बहुत बड़ा है, मैं...
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जैन मिलन क्षेत्र क्रमांक 10 की द्वितीय कार्यकारिणी की बैठक राष्ट्रीय मंत्री अतिवीर एड. कमलेंद्र जैन के मुख्य अतिथि एवं क्षेत्रीय अध्यक्ष अतिवीर अरुण चंदेरिया...
निर्यापक मुनिपुंगव श्री सुधासागर जी महाराज ने एक महत्वपूर्ण संदेश दिया कि जब व्यक्ति स्वयं राग-द्वेष आदि भावनाओं में लिप्त होता है, तो उसका कर्ता और भोक्ता...
जैन इंजीनियर्स सोसायटी के सागर चैप्टर के शपथ ग्रहण समारोह में नव निर्वाचित पदाधिकारियों ने समाज और इंजीनियरिंग क्षेत्र में अपनी जिम्मेदारियों को निष्ठा पूर्वक...
संसार में जो कुछ भी है वह सब प्रयोजन भूत है, द्रव्य ही नही प्रत्येक गुण की, पर्याय की भी अर्थक्रिया होती है। जैसे आँख की मुख्य अर्थ क्रिया क्या है देखना, कान...
धर्मसभा में मुनि श्री सुधासागर महाराज ने कहा कि देखने में आता है कि कभी व्यक्ति बहुत ऊंचाई पर बैठा दिखता है तो कभी वो धूल में पड़ा हुआ दिखता है, कभी अमीर दिखता...
मंदिर के दरवाजे से निकलते समय, जितनी बार आप इसे करें, कम से कम एक सेकंड के लिए खुद को भाग्यशाली मानें और उतनी बार हाथ जोड़कर नमोस्तु करें। चलकर जाते समय बात...
भारतीय जैन मिलन के अंतर्गत महिला जैन मिलन क्षेत्र क्रमांक 10 ने 2 अक्टूबर, गांधी जयंती और अहिंसा दिवस के अवसर पर एक मिनी मैराथन का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में...
भगवान महावीर स्वामी के 2550वें निर्माण वर्ष एवं राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जन्म जयंती के अवसर पर, विश्व अहिंसा दिवस के पावन मौके पर, जैन मिलन और महिला जैन...
कोई भी क्रिया अच्छी बुरी नहीं होती, ये सृष्टि सापेक्षवाद के सिद्धान्त पर व्यवस्थित चल रही है तो सापेक्षवाद का सिद्धान्त है- ‘न यह सत्य है, न वह सत्य है...








