Tag - सागर

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वर्णी फिल्म का भी होगा लोकार्पण : पूज्य गणेश प्रसाद जी वर्णी की 151 वीं जन्म जयंती पर दो दिवसीय कार्यक्रम 21 सितंबर से

आध्यात्मिक संत, युग पुरुष, पू. गणेश प्रसाद जी वर्णी जी की 151वीं जन्म जयंती कार्यक्रम वर्णी भवन मोराजी सागर एवं प्रतिमा लोकार्पण कार्यक्रम हंसेरा मड़ावरा उत्तर...

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समाज ने दीं विनयांजलि एवं शुभकामनाएं : मुनि श्री समता सागर और मुनि श्री सुधा सागर का दीक्षा दिवस आज 

संत शिरोमणि आचार्य गुरुदेव विद्यासागरजी महामुनिराज के निर्यापक श्रमण मुनि श्री सुधासागर जी महाराज जो कि सागर में चातुर्मास कर रहे है एवं मुनि श्री समता सागर जी...

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उत्तम आकिंचन्य धर्म पर दिए प्रवचन : पाप करने के लिए धर्म को बीच में मत लाना- मुनि श्री सुधासागर जी महाराज

जब जब हमें अच्छेपन की फीलिंग हो कि मुझे अब कोई दुख नहीं है, समझ लेना तुम्हारे बहुत जल्दी दुख आने वाला है। मेरा परिवार बहुत अच्छा है कोई परेशानी नहीं, बस सब...

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उत्तम त्याग धर्म पर दिए प्रवचन : जो तुम्हारा था नहीं, है नहीं, भविष्य में होगा नहीं, बस आज उसका त्याग कर दो : निर्यापक मुनिपुंगव श्री सुधासागर जी महाराज

धर्म समझाया नहीं जाता, समझा जाता है लेकिन संसार में व्यक्ति समझना नहीं चाहता, समझने की चेष्टा भी नहीं करना चाहता और समझाए कोई तो मानना नहीं चाहता। परिणाम...

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जैन समाज का प्रदेश स्तरीय सम्मेलन सागर में होगा : एडवोकेट धर्मेंद्र जैन जिला संयोजक मनोनीत

धर्मायतनों व समाजहितों के संरक्षण, संवर्धन हेतु सागर में जैन समाज का प्रदेश स्तरीय सम्मेलन का आयोजन 12 अक्टूबर को होने जा रहा है । सम्मेलन में सहयोग हेतु...

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उत्तम तप धर्म पर दिए प्रवचन : जो स्वाश्रित जीने की कला सिखाये, उसका नाम है उत्तम तप धर्म – मुनि श्री सुधासागर जी महाराज

धर्म वह नहीं है जो पर वस्तु को ग्रहण करने की बात करें, जब व्यक्ति के मन में एक अनुभूति जागती है कि मैं अपने आप में पूर्ण हूं जो हमारा है वही हमारा है। एक धर्म...

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उत्तम शौच धर्म पर धर्म प्रभावना : राग, क्रोध से भी बड़ा जहर है- मुनि श्री सुधासागर जी महाराज

क्रोध प्रायः चेतन पदार्थ से जागता है, मायाचारी व्यक्ति भी जीव को फंसाता है, मान भी अकड़ता है तो जीव के सामने अकड़ता है, इन तीनो कषायों में जीव की प्रधानता है...

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धर्म सभा में दिए उत्तम मार्दव धर्म पर प्रवचन: जो दूसरों के दुख को देखकर दुखी हो जाता है, उसी का नाम है मार्दव धर्म – मुनिपुंगव श्री सुधासागर जी महाराज

धर्मात्मा की पहचान है क्रिया, कुछ न कुछ करता हुआ पाया जाएगा। धर्म हमें सक्रिय करता है। 24 घण्टे में तुम कोई क्रिया करो, तुम्हारी हर प्रवृत्ति में धर्म की...

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उत्तम क्षमा पर दिए प्रवचन : दूसरे से गलती हुई है और फिर क्रोध न आए, उसका नाम है उत्तम क्षमा धर्म है – मुनिपुंगव श्री सुधासागर जी महाराज

 त्योहार धर्मात्मा बनाता है और पर्व धर्म बनाता है। कितने त्योहार होते हैं वह किसी न किसी धर्मात्मा से जुड़े होते हैं, व्यक्तिगत होते हैं। जब- जब धर्मात्मा किसी...

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धर्मसभा में दिए प्रवचन : सबसे बड़ा शगुन वह होता है जो अनायास होता है – मुनि श्री सुधासागर जी महाराज

कुछ वस्तुएं ऐसी होती हैं जो स्वयं के कल्याण के साथ-साथ जगत के कल्याण के लिए भी शगुन जाती है, कल्याण तो उपदान से होता है लेकिन निमित्त कभी कभी किसी कल्याण का...

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